कुछ बार दोहराने के बाद आपके पास उपयोगी प्रोडक्ट व्यू सेट तैयार हो सकता है।
जब कई एंगल तैयार हो जाएं, तो उन्हें उस लेआउट में रखें जो ज्यादातर ऑनलाइन स्टोर इस्तेमाल करते हैं:
इससे ग्राहक को चश्मे का आकार और फिट बेहतर समझ में आता है, जो ऑनलाइन खरीदारी में भरोसा बढ़ा सकता है।
AI‑जनरेटेड एंगल मॉकअप, शुरुआती कैटलॉग या कॉन्सेप्ट प्रेज़ेंटेशन के लिए बहुत उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में असली फोटोग्राफी बेहतर रहती है, जैसे:
इन परिस्थितियों में भी AI प्री‑विज़ुअलाइज़ेशन या शूट प्लानिंग में मदद कर सकता है।
AI टूल्स की मदद से एक ही चश्मे की फोटो को कई प्रोडक्ट एंगल में बदला जा सकता है। अगर आप साफ बेस इमेज से शुरुआत करें और प्रॉम्प्ट में व्यू को स्पष्ट रखें, तो फ्रंट, साइड और पर्सपेक्टिव इमेज का पूरा सेट तैयार करना काफी आसान हो जाता है—लगभग एक प्रोफेशनल कैटलॉग शूट जैसा।
कुछ बार दोहराने के बाद आपके पास उपयोगी प्रोडक्ट व्यू सेट तैयार हो सकता है।
जब कई एंगल तैयार हो जाएं, तो उन्हें उस लेआउट में रखें जो ज्यादातर ऑनलाइन स्टोर इस्तेमाल करते हैं:
इससे ग्राहक को चश्मे का आकार और फिट बेहतर समझ में आता है, जो ऑनलाइन खरीदारी में भरोसा बढ़ा सकता है।
AI‑जनरेटेड एंगल मॉकअप, शुरुआती कैटलॉग या कॉन्सेप्ट प्रेज़ेंटेशन के लिए बहुत उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में असली फोटोग्राफी बेहतर रहती है, जैसे:
इन परिस्थितियों में भी AI प्री‑विज़ुअलाइज़ेशन या शूट प्लानिंग में मदद कर सकता है।
AI टूल्स की मदद से एक ही चश्मे की फोटो को कई प्रोडक्ट एंगल में बदला जा सकता है। अगर आप साफ बेस इमेज से शुरुआत करें और प्रॉम्प्ट में व्यू को स्पष्ट रखें, तो फ्रंट, साइड और पर्सपेक्टिव इमेज का पूरा सेट तैयार करना काफी आसान हो जाता है—लगभग एक प्रोफेशनल कैटलॉग शूट जैसा।