इसके बावजूद आयोजकों ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब के साथ टूर्नामेंट का दीर्घकालिक संबंध जारी रहेगा।
इस घोषणा में ईस्पोर्ट्स नेतृत्व और फ्रांसीसी सरकार दोनों की भूमिका रही।
राल्फ राइखर्ट, जो Esports Foundation के CEO हैं, ने आयोजन स्थल बदलने के निर्णय को आधिकारिक रूप से पेश किया। उन्होंने पेरिस को Esports World Cup को वैश्विक स्तर पर फैलाने की दिशा में अगला कदम बताया।
दूसरी ओर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों टूर्नामेंट के संचालन में सीधे शामिल नहीं थे, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से पेरिस को मेज़बान चुने जाने का स्वागत किया और फ्रांस की ओर से समर्थन जताया।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह घोषणा राइखर्ट और मैक्रों की मुलाकात के बाद सामने आई, जिससे यह भी स्पष्ट हुआ कि फ्रांसीसी सरकार इस आयोजन को लेकर उत्साहित है।
आयोजकों के अनुसार 2026 का संस्करण अब तक का सबसे बड़ा Esports World Cup हो सकता है। यह लगभग सात सप्ताह तक चलेगा और दुनिया भर के पेशेवर खिलाड़ियों को एक मंच पर लाएगा।
मुख्य जानकारी:
टूर्नामेंट में कई अलग‑अलग गेम्स में मुकाबले होंगे और पेशेवर संगठन विभिन्न प्रतियोगिताओं में अंक और पुरस्कार जीतने के लिए भाग लेंगे।
पेरिस में आयोजन होना Esports World Cup के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इससे पहले इसके शुरुआती संस्करण रियाद में आयोजित किए गए थे।
आयोजकों के मुताबिक यह कदम भविष्य में टूर्नामेंट को अलग‑अलग अंतरराष्ट्रीय शहरों में घुमाने (global rotation) की रणनीति का हिस्सा है, ताकि ईस्पोर्ट्स को और अधिक वैश्विक दर्शक मिल सकें।
फिर भी Esports Foundation ने यह भी कहा है कि रियाद लंबे समय तक इस प्रतियोगिता का मुख्य केंद्र बना रहेगा। यानी आने वाले वर्षों में आयोजन अलग‑अलग शहरों में हो सकता है, लेकिन सऊदी अरब इसकी रणनीतिक आधारभूमि बना रहेगा।
2026 का यह स्थान परिवर्तन दिखाता है कि आज बड़े ईस्पोर्ट्स आयोजन सिर्फ गेमिंग नहीं बल्कि भू‑राजनीति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक बाज़ार रणनीतियों से भी प्रभावित होते हैं।
अगर पेरिस में होने वाला संस्करण सफल रहता है, तो Esports World Cup भविष्य में फुटबॉल या ओलंपिक जैसे घूमने वाले वैश्विक खेल आयोजनों की तरह अलग‑अलग देशों में आयोजित किया जा सकता है—जबकि इसकी जड़ें रियाद में बनी रहेंगी।
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