इस मामले की एक बड़ी चुनौती यह है कि अक्सर दोनों देशों की स्वीकृति आवश्यक हो जाती है।
अमेरिका से निर्यात की अनुमति मिलने के बाद भी शिपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए चीन की नियामक मंजूरी या स्थानीय अनुपालन जांच की जरूरत पड़ सकती है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार कई मामलों में चीनी सरकारी अनुमोदन या समीक्षा अभी लंबित है, जिससे सौदे ठहरे हुए हैं ।
इसका मतलब है कि एक चिप ग्राहक तक पहुँचने से पहले Nvidia को दो अलग‑अलग नियामक व्यवस्थाओं से गुजरना पड़ सकता है।
H200 चिप की बिक्री में यह रुकावट दरअसल व्यापक अमेरिका‑चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है।
अमेरिका ने उन्नत AI चिप्स के निर्यात पर नियंत्रण लगाए हैं ताकि चीन की अत्याधुनिक कंप्यूटिंग क्षमता की प्रगति धीमी की जा सके। कुछ निर्यात लाइसेंस के तहत अनुमति दी गई है, लेकिन वे कड़े नियमों और निगरानी के साथ आते हैं ।
उधर चीन भी विदेशी चिप आपूर्ति पर निर्भरता कम करना चाहता है। इसी कारण सरकार और उद्योग घरेलू चिप निर्माताओं—जैसे Huawei—को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं ताकि देश का अपना सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत हो सके ।
नियमों की अस्पष्टता केवल सरकारों तक सीमित नहीं है—इससे संभावित खरीदार भी सतर्क हो गए हैं। H200 खरीदने पर विचार कर रही कंपनियों के सामने कई सवाल हैं:
इन अनिश्चितताओं के कारण कई कंपनियां बड़े ऑर्डर देने से पहले इंतजार कर रही हैं। नतीजतन Nvidia की चीन बिक्री पाइपलाइन अभी राजस्व में नहीं बदल पाई है।
हालांकि चीन में स्थिति अनिश्चित है, Nvidia का वैश्विक प्रदर्शन बेहद मजबूत बना हुआ है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 81.6 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से लगभग 20% अधिक और पिछले वर्ष की तुलना में 85% ज्यादा है ।
इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण AI इन्फ्रास्ट्रक्चर की तेज़ मांग है। कंपनी के डेटा‑सेंटर कारोबार ने अकेले 75.2 अरब डॉलर का राजस्व उत्पन्न किया, जो साल‑दर‑साल 92% की वृद्धि दर्शाता है । क्लाउड कंपनियां, एंटरप्राइज और AI प्लेटफॉर्म बड़े‑बड़े कंप्यूटिंग क्लस्टर बनाने के लिए Nvidia के GPU खरीद रहे हैं।
चीन दुनिया के सबसे बड़े संभावित AI हार्डवेयर बाजारों में से एक है। यदि H200 चिप्स की वास्तविक डिलीवरी शुरू हो जाती है, तो यह Nvidia के लिए अरबों डॉलर का अवसर बन सकता है।
लेकिन फिलहाल कंपनी को एक जटिल वास्तविकता का सामना करना पड़ रहा है:
जब तक ये बाधाएं दूर नहीं होतीं, Nvidia की सबसे शक्तिशाली AI चिप्स चीन के बाजार में सीमित ही रह सकती हैं—भले ही दुनिया के बाकी हिस्सों में AI की मांग रिकॉर्ड स्तर पर क्यों न हो।
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