पश्चिमी सहारा में संयुक्त राष्ट्र का MINURSO मिशन 1 नवंबर 2026 से सिमटना शुरू हुआ। वजह यह थी कि सुरक्षा परिषद उसके पुराने जनादेश की अवधि खत्म होने से पहले उसे बढ़ाने पर सहमत नहीं हो सकी। जनादेश 31 अक्टूबर को समाप्त हुआ। यह गतिरोध मिशन के कामकाज का अंत है—पश्चिमी सहारा के राजनीतिक भविष्य का समाधान नहीं।
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सुरक्षा परिषद में सहमति क्यों नहीं बनी?
अमेरिका के प्रस्ताव में MINURSO का जनादेश एक और साल बढ़ाने, उसके सैन्य घटक को घटाने और मोरक्को की स्वायत्तता योजना को बातचीत का एकमात्र आधार बनाने की बात थी।
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29 परिषद के 15 सदस्यों में से 11 ने इसका समर्थन किया, जिनमें फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल थे। लेकिन रूस ने इसे वीटो कर दिया।
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इसके बाद परिषद ने मिशन का जनादेश बढ़ाने के लिए रूस का वैकल्पिक मसौदा भी देखा। वह प्रस्ताव भी पारित होने लायक समर्थन नहीं जुटा पाया। नतीजतन, 31 अक्टूबर को पुराना जनादेश खत्म होने तक कोई नया प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ।
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5 दोनों मसौदों पर असहमति इस बात को लेकर थी कि बातचीत किस आधार पर आगे बढ़े—किसी राजनीतिक समझौते पर सहमति नहीं बनी थी।
रूसी राजदूत वासिली नेबेंज़िया ने कहा कि रूस MINURSO के काम का समर्थन करता है और उसका वीटो समझौता प्रक्रिया को बचाने के लिए था।
16 अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि मतदाता पात्रता पर लंबे समय से चली आ रही असहमति के कारण जनमत-संग्रह नहीं हो पाया है। उनके मुताबिक, रूस के वीटो ने संघर्ष खत्म करने की दिशा में संभावित कदम को रोक दिया।
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परिसमापन प्रक्रिया में क्या होगा?
जनादेश खत्म होने के साथ मिशन का कामकाज रुक गया और 1 नवंबर से परिसमापन प्रक्रिया शुरू हुई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजारिक के मुताबिक, एक छोटी टीम सैनिक भेजने वाले देशों की संपत्तियां व्यवस्थित ढंग से उनके देशों में वापस भेजने और उपकरणों का उचित निपटारा कराने की निगरानी करेगी।
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परिसमापन एक प्रशासनिक और संचालन-संबंधी प्रक्रिया है; यह कोई नया राजनीतिक समझौता नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों से सभी कर्मियों की वापसी का समय-निर्धारण तय नहीं होता। इसलिए प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि हर कर्मी कब तक लौटेगा।
मिशन के बाद संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
MINURSO का अंत यह नहीं बताता कि संयुक्त राष्ट्र ने कूटनीतिक प्रयास छोड़ दिए हैं। महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पश्चिमी सहारा के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को सुनिश्चित करने वाले न्यायसंगत, टिकाऊ और सभी पक्षों को स्वीकार्य राजनीतिक समाधान का समर्थन करता रहेगा।
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यह फर्क अहम है: जनादेश न बढ़ने से अमेरिकी प्रस्ताव अपने-आप मंजूर नहीं हुआ, न ही पश्चिमी सहारा की संप्रभुता पर कोई फैसला हुआ। इसी तरह, इस घटनाक्रम को सुरक्षा परिषद का विवाद को अपने एजेंडे से हटाने का निर्णय भी नहीं माना जा सकता।
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मोरक्को के रॉयल कैबिनेट ने जनादेश न बढ़ाए जाने का स्वागत किया और मिशन के कर्मियों तथा उपकरणों को क्षेत्र से हटाने की मांग की।
19 पोलिसारियो के प्रतिनिधि सिदी उमर ने अमेरिकी प्रस्ताव को रोकने के लिए रूस का आभार जताया।
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31 ये संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं हैं; इनसे परिषद के फैसले का दायरा नहीं बदलता।
सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र की चिंता
गुतारेस ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और MINURSO का जनादेश खत्म होने के बाद लड़ाई बढ़ने के जोखिम पर चिंता जताई।
13 यह जोखिम की चेतावनी है, दोबारा संघर्ष शुरू होने की भविष्यवाणी नहीं। उपलब्ध रिपोर्टें तनाव बढ़ने की संभावना का कोई निश्चित आकलन नहीं देतीं।
फिलहाल पक्की बात यही है कि MINURSO को नया जनादेश नहीं मिला और मिशन अपना कामकाज समेट रहा है। पश्चिमी सहारा का राजनीतिक भविष्य अब भी अनसुलझा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र कहता है कि वह समाधान की कोशिशों में सहयोग देने के लिए तैयार है।
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