याकोवेंको का तर्क है कि रॉबिनहुड को नेटवर्क लागत कम और अनुमानित रखकर ट्रेडिंग सेवा के लिए स्पष्ट शुल्क लेना चाहिए, न कि भीड़भाड़ से गैस फीस बढ़ने देनी चाहिए। रॉबिनहुड चेन ने 1 सितंबर को $3.75 मिलियन फीस दर्ज की; गतिविधि में DEX ट्रेडिंग, मीमकॉइन और टोकनाइज़्ड इक्विटी से जुड़े ट्रेडिंग पेयर की बड़ी भूमिका रही। असल सव...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why did Solana co-founder Anatoly Yakovenko call Robinhood Chain’s congestion-based transaction-fee model “brain dead,” given that the Arbit. Article summary: Yakovenko’s “brain dead” criticism is principally about fee design, not a claim that Robinhood Chain has no demand. His view is that a brokerage should keep generic blockspace cheap and charge an explicit trading/product. Topic tags: general, general web, documentation, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks,
रॉबिनहुड चेन की तेजी से बढ़ी फीस ने तकनीकी बहस को सीधे बिजनेस मॉडल की बहस बना दिया है। सोलाना के सह-संस्थापक अनातोली याकोवेंको का “ब्रेन डेड” वाला हमला मांग होने पर नहीं, बल्कि उस मांग से कमाई करने के तरीके पर था। उनका तर्क है कि ब्रोकरेज को अपने उत्पाद की कीमत साफ तौर पर बतानी चाहिए, न कि नेटवर्क में भीड़भाड़ को ऐसी गैस फीस में बदलने देना चाहिए जिसे ग्राहक समझना या पहले से आंकना मुश्किल पाए। 22
रॉबिनहुड चेन 1 जुलाई 2026 को लॉन्च हुई थी। यह आर्बिट्रम तकनीक पर बनी एथेरियम लेयर-2 (L2) चेन है। इसकी फीस ETH में ली जाती है और इसमें दो हिस्से होते हैं: L2 पर ट्रांजैक्शन चलाने की फीस तथा डेटा को एथेरियम पर पोस्ट करने की L1 डेटा फीस। 17
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यह बहस नेटवर्क चलाने की लागत और उत्पाद की कीमत के फर्क पर टिकी है।
ट्रेडिंग ऐप एग्जीक्यूशन, ऑर्डर रूटिंग, कस्टडी या टोकनाइज़ेशन जैसी सेवाओं के लिए सीधे शुल्क ले सकती है। इससे ग्राहक को पहले से पता रहता है कि वह किस चीज के लिए कितना दे रहा है। इसके उलट, भीड़भाड़ से तय होने वाली गैस फीस ब्लॉकस्पेस की कमी के कारण बढ़ सकती है—भले ही ग्राहक को उसका काम एक साधारण ट्रेड ही क्यों न लगे।
रिपोर्टों के अनुसार, फीस उछाल के दौरान रॉबिनहुड चेन पर औसत ट्रांजैक्शन लागत करीब $0.40 और मीडियन लागत करीब $0.24 थी। याकोवेंको ने इसकी तुलना सोलाना की मानक बेस फीस से की: प्रति सिग्नेचर 5,000 लैम्पोर्ट, यानी 0.000005 SOL; साथ ही, तेज शामिल होने की चाह रखने वालों के लिए वैकल्पिक प्रायोरिटाइजेशन फीस। 22
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इसका अर्थ यह नहीं कि सोलाना पर हर ट्रांजैक्शन हमेशा सिर्फ बेस फीस में हो जाता है; सक्रिय ट्रेडिंग के समय प्रायोरिटी फीस महत्वपूर्ण हो सकती है। व्यापक अंतर यह है कि सोलाना छोटी मानक फीस और जल्दी एग्जीक्यूशन के लिए वैकल्पिक अतिरिक्त बोली को अलग रखता है, जबकि रॉबिनहुड चेन की रिपोर्ट की गई फीस वृद्धि उसके ब्लॉकस्पेस के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जुड़ी थी। 2
याकोवेंको के नजरिये से ब्रोकरेज सामान्य इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत खुद वहन कर सकती है और किसी ट्रेड पर स्पष्ट प्रतिशत जैसे ऐप-स्तर के शुल्क ले सकती है। तब किसी दूसरी ऑन-चेन गतिविधि के कारण ग्राहक के लेनदेन की कीमत नहीं बदलेगी। यह डिजाइन और मूल्य-निर्धारण की प्राथमिकता है, यह दावा नहीं कि रोलअप चलाने में कोई लागत नहीं आती।
फीस वृद्धि का पैमाना इतना बड़ा था कि आलोचना को नजरअंदाज करना कठिन हो गया। रिपोर्टों में DeFiLlama के आंकड़ों के हवाले से कहा गया कि रॉबिनहुड चेन ने 1 सितंबर को $3.75 मिलियन ट्रांजैक्शन फीस दर्ज की। 2 सितंबर को उसने कथित तौर पर $4.45 मिलियन फीस वसूली और बताई गई लागतों के बाद $4.01 मिलियन रेवेन्यू रखा। 29
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ये आंकड़े तीव्र ऑन-चेन गतिविधि दिखाते हैं, लेकिन अपने आप में यह साबित नहीं करते कि बड़ी संख्या में रिटेल ग्राहक ऊंची गैस फीस देने को तैयार हैं:
यही अहम बात है: हेडलाइन में दिखने वाली चेन फीस रॉबिनहुड के लिए सब्सिडी खर्च भी हो सकती है और चेन की आमदनी भी। वॉलेट सब्सिडी खत्म होने के बाद ही बेहतर पता चलेगा कि जब ट्रेडर को लागत सीधे देनी पड़ेगी तो वॉल्यूम बना रहता है या नहीं।
दूसरी तरफ तर्क सीधा है: ब्लॉकस्पेस, ट्रांजैक्शन ऑर्डरिंग, डेटा उपलब्धता और सेटलमेंट सीमित संसाधन हैं। जब मांग क्षमता से ज्यादा हो, तो ऊंची कीमतें पहुंच को बांट सकती हैं, स्पैम कम कर सकती हैं और नेटवर्क व उसके ऑपरेटरों को भुगतान पहुंचा सकती हैं।
तेज कीमत वाले और अस्थिर बाजारों में तुरंत एग्जीक्यूशन चाहने वाले यूज़र्स के लिए यह बात सहज लग सकती है। वे ऐसे सिस्टम को पसंद कर सकते हैं जिसमें फीस देकर ट्रांजैक्शन जल्दी हो जाए, बजाय उस सिस्टम के जिसमें ट्रांजैक्शन देर से हो या हो ही न सके। रॉबिनहुड चेन की डॉक्यूमेंटेशन भी बताती है कि उसकी L1 डेटा फीस एथेरियम की भीड़भाड़ और ट्रांजैक्शन डेटा के आकार के साथ बदलती है। 17
इस नजरिये में ऊंची फीस अपने आप खराब डिजाइन का प्रमाण नहीं है। वह मांग का संकेत भी हो सकती है और इन्फ्रास्ट्रक्चर को फंड करने का माध्यम भी। याकोवेंको से असहमति यहां है कि क्या रिटेल ब्रोकरेज उत्पाद के लिए यही मूल्य-निर्धारण प्रमुख मॉडल होना चाहिए।
रॉबिनहुड चेन सिर्फ एथेरियम सेटलमेंट की कीमत नहीं चुका रही। आर्बिट्रम-आधारित चेन होने के कारण यह एक्सपैंशन प्रोग्राम के तहत शुद्ध प्रोटोकॉल रेवेन्यू का 10% आर्बिट्रम इकोसिस्टम को देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 8% आर्बिट्रम DAO ट्रेजरी और 2% आर्बिट्रम डेवलपर गिल्ड को जाता है। 33
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इस व्यवस्था से व्यापक आर्बिट्रम इकोसिस्टम का रॉबिनहुड चेन के रेवेन्यू में सीधा वित्तीय हित बनता है। साथ ही यह ऊंची फीस के पक्ष वाले तर्क को भी रेखांकित करती है: भीड़भाड़ से मिलने वाला रेवेन्यू टेक्नोलॉजी स्टैक, गवर्नेंस ट्रेजरी और डेवलपर फंडिंग को सहारा दे सकता है।
आलोचकों के लिए, हालांकि, यही व्यवस्था इस आशंका को मजबूत करती है कि भीड़भाड़ से तत्काल ट्रांजैक्शन निष्पादन की सीमांत लागत से कहीं आगे तक कमाई की जा रही है। रॉबिनहुड की डॉक्यूमेंटेशन L2 एग्जीक्यूशन और एथेरियम डेटा-पोस्टिंग की वास्तविक लागतों की पुष्टि करती है, लेकिन यह मूल्य-आधारित सवाल हल नहीं करती कि यूज़र से ली जाने वाली राशि में कितना हिस्सा इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत की भरपाई और कितना उत्पाद मार्जिन होना चाहिए। 17
ऊंची फीस को सही ठहराना तब आसान होता है जब बदले में एग्जीक्यूशन लगातार भरोसेमंद मिले। सितंबर की शुरुआत में रॉबिनहुड चेन ने कथित तौर पर कम से कम 14 मिनट तक ब्लॉक बनाना बंद कर दिया था और रिपोर्ट के समय तक इसका सार्वजनिक कारण नहीं बताया गया था। 20
इस रुकावट से यह साबित नहीं होता कि फीस मॉडल ने ही ब्लॉक उत्पादन रोका। लेकिन इससे “ज्यादा भुगतान कीजिए, साफ तौर पर बेहतर भरोसेमंद सेवा पाइए” वाला तर्क कमजोर जरूर पड़ता है। किसी नेटवर्क में मजबूत मांग और बड़ा रेवेन्यू होने के बावजूद परिचालन जोखिम रह सकते हैं।
सब्सिडी खत्म होने की तारीख ने लॉन्च के शुरुआती आंकड़ों में घुले दो अलग सवालों को अलग किया:
यदि यूज़र पर लागत आने के बाद भी उपयोग मजबूत रहता है, तो यह संकेत होगा कि गति और ट्रेडिंग अवसर फीस को उचित बनाते हैं। अगर गतिविधि में तेज गिरावट आती है, तो इससे यह तर्क मजबूत होगा कि लॉन्च अवधि का बड़ा वॉल्यूम कीमत के प्रति संवेदनशील और सब्सिडी पर निर्भर था।
याकोवेंको ने मॉडल को “ब्रेन डेड” इसलिए कहा क्योंकि उनके अनुसार भीड़भाड़ के साथ बदलती गैस फीस ब्रोकरेज के लिए यूज़र्स से कमाई का अपारदर्शी तरीका है। उनकी पसंद कम, अनुमानित नेटवर्क लागत और स्पष्ट ऐप-स्तर शुल्क की है। 22
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विरोधी तर्क यह है कि दुर्लभ एग्जीक्यूशन और सेटलमेंट की वास्तविक लागत होती है; फीस मार्केट क्षमता का बंटवारा कर सकता है और इकोसिस्टम को फंड कर सकता है। रॉबिनहुड चेन दोनों विचारों की वास्तविक परीक्षा है: शुरुआती फीस रेवेन्यू असाधारण रहा, लेकिन गतिविधि का संकेंद्रण, एथेरियम सेटलमेंट लागत, अस्थायी गैस सब्सिडी और रिपोर्ट की गई ब्लॉक-उत्पादन रुकावट यह बताती है कि इन आंकड़ों को यूज़र्स की स्थायी भुगतान-इच्छा का निर्णायक प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी।
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याकोवेंको का तर्क है कि रॉबिनहुड को नेटवर्क लागत कम और अनुमानित रखकर ट्रेडिंग सेवा के लिए स्पष्ट शुल्क लेना चाहिए, न कि भीड़भाड़ से गैस फीस बढ़ने देनी चाहिए।
याकोवेंको का तर्क है कि रॉबिनहुड को नेटवर्क लागत कम और अनुमानित रखकर ट्रेडिंग सेवा के लिए स्पष्ट शुल्क लेना चाहिए, न कि भीड़भाड़ से गैस फीस बढ़ने देनी चाहिए। रॉबिनहुड चेन ने 1 सितंबर को $3.75 मिलियन फीस दर्ज की; गतिविधि में DEX ट्रेडिंग, मीमकॉइन और टोकनाइज़्ड इक्विटी से जुड़े ट्रेडिंग पेयर की बड़ी भूमिका रही।
असल सवाल यह है कि सीमित ब्लॉकस्पेस की कीमत गैस बोली के रूप में ट्रेडर चुकाएं या ब्रोकरेज उसे वहन कर ऐप स्तर पर पारदर्शी कीमत तय करे।