बिटकॉइन में सितंबर की तेजी ने एक सवाल फिर सामने ला दिया है: क्या 2026 की गिरावट लंबी ‘क्रिप्टो विंटर’ की शुरुआत थी, या कीमत के उतार-चढ़ाव का यह दौर पहले से कम कठोर साबित हो रहा है? 24 सितंबर की रॉयटर्स रिपोर्ट के शीर्षक के अनुसार, बाजार अनुसंधान संस्था Ned Davis Research (NDR) अब बिटकॉइन पर आशावादी है। उपलब्ध जानकारी इस बदले रुख के पक्ष में संकेत देती है, लेकिन यह नहीं बताती कि कीमत का स्थायी निचला स्तर बन चुका है।
9
47
45
फरवरी की चेतावनी से सितंबर की तेजी तक
फरवरी में NDR के पैट त्शोसिक और फिलिप मूल्स ने आगाह किया था कि अगर गिरावट पूरी तरह ‘क्रिप्टो विंटर’—यानी डिजिटल परिसंपत्तियों में लंबा मंदी का दौर—बन गई, तो बिटकॉइन लगभग 31,000 डॉलर तक जा सकता है। यह एक सशर्त जोखिम था, तय कीमत का अनुमान नहीं। उस समय उन्होंने यह संभावना भी मानी थी कि बड़े संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भविष्य की गिरावट को कुछ हद तक थाम सकती है।
13
10
बाद की कीमतें उस संभावना को बल देती हैं। CNBC के अनुसार, अक्टूबर 2025 में 126,000 डॉलर से ऊपर के शिखर पर पहुंचने के बाद बिटकॉइन 21 सितंबर को 85,000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा था। निवेश प्रबंधक Invesco ने भी अगस्त में कीमत के 60,000 डॉलर के निचले दायरे से 80,000 डॉलर के ऊपर पहुंचने और एक्सचेंज-ट्रेडेड उत्पादों में मजबूत निवेश का उल्लेख किया था।
17
19
क्या इस बार गिरावट सचमुच कम रही?
Fidelity के अनुसार, जून 2026 का निचला स्तर पिछले सर्वकालिक शिखर से लगभग 53% नीचे था। उसके मुताबिक, बिटकॉइन के पहले के मंदी बाजारों में गिरावट कम-से-कम 77% रही थी। हालांकि, Fidelity यह भी कहता है कि ताजा दौर को उसी परिभाषा में ‘मंदी बाजार’ मानने पर मतभेद हो सकते हैं। इसलिए इसे अब तक तुलनात्मक रूप से कम गिरावट कहना उचित है; इसे सबसे कम गिरावट वाला पूरा हो चुका मंदी दौर बताना जून को अंतिम निचला स्तर मान लेने जैसा होगा।
47
कम गिरावट भी निवेशक के लिए बड़ा नुकसान है। 53% टूटने के बाद पुरानी कीमत पर लौटने के लिए लगभग 113% बढ़त चाहिए; 77% टूटने पर करीब 335%। एक दौर का अपेक्षाकृत बेहतर अनुभव अगले दौर की गारंटी नहीं है।
फंडों में निवेश और कीमत के रुझान से क्या संकेत मिलते हैं?
सितंबर की रिपोर्टिंग ने बिटकॉइन के 80,000 डॉलर से ऊपर निकलने के पीछे संस्थागत निवेशकों और स्पॉट बिटकॉइन ETF—शेयर बाजार में कारोबार करने वाले, बिटकॉइन की कीमत से जुड़े फंडों—की मांग को एक वजह बताया। एक विश्लेषक ने इन ETF में करीब एक अरब डॉलर आने का हवाला दिया। यह नई मांग का संकेत है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि गिरावट के दौरान पहले आया कितना पैसा निवेशित रहा या सभी खरीदार लंबे समय के लिए आए हैं।
45
एक अलग तकनीकी संकेत भी मिला: सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 के बाद पहली बार बिटकॉइन का साप्ताहिक बंद भाव उसके 50-सप्ताह के मूविंग एवरेज से ऊपर रहा। यह औसत लंबी अवधि की कीमत का रुझान समझने में मदद करता है। इसके ऊपर लौटना बेहतर रफ्तार के अनुरूप है, अगली गिरावट के खिलाफ सुरक्षा नहीं।
35
‘ऊंचा होता निचला स्तर’—पर कितना भरोसा?
इस विचार का मतलब कोई तय न्यूनतम कीमत नहीं है। तर्क यह है कि यदि खरीदार हर नए दौर में बिकवाली को अपेक्षाकृत ऊंची कीमत पर संभालते रहें, तो भविष्य की गिरावट कम कठोर हो सकती है। जून की गिरावट और उसके बाद की फंड मांग इस संभावना से मेल खाती हैं, मगर यह नहीं बतातीं कि अगली बिकवाली में कौन खरीदता रहेगा।
47
45
तेजी की सीमा भी खुला सवाल है: हल्की मंदी का मतलब गणितीय रूप से हल्की तेजी नहीं होता। Bitwise के निवेश प्रमुख मैट हौगन ने क्रिप्टो विंटर खत्म होने और लंबी, मजबूत तेजी आने की उम्मीद जताई है—यह उनका नजरिया है, स्थापित नतीजा नहीं। फिलहाल निष्कर्ष इतना ही है कि वापसी और फंडों की मांग NDR के आशावादी रुख को समर्थन देती हैं; बिटकॉइन का ‘ऊंचा होता निचला स्तर’ अगली बड़ी गिरावट में ही परखा जाएगा।
17
9