पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता। Google के पहले के आंकड़े AI कोड के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाते थे—अप्रैल 2026 में कंपनी ने कहा था कि नया कोड का 75% AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूर किया। Gemini 4 Argon के लिए...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why did Google CEO Sundar Pichai tell Alex Kantrowitz in the October 20, 2026 Big Technology Podcast interview that the percentage of Google. Article summary: Pichai’s point was that “AI-written code” no longer captures AI’s contribution when it influences nearly the entire engineering process; Google is shifting its emphasis toward engineering impact rather than authorship pe. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
सुंदर पिचाई का कहना है कि Google में AI अब इंजीनियरिंग के काम को इतने व्यापक रूप से प्रभावित करता है कि “AI ने कितना कोड लिखा” वाला एक प्रतिशत पूरी तस्वीर नहीं बताता। 20 अक्टूबर 2026 को Big Technology Podcast के इंटरव्यू में उन्होंने इस आंकड़े को “बेअर्थ” कहा। इसके बजाय, Gemini 4 Argon आने के बाद कोड में किए गए बदलावों के सबमिशन और रोलबैक जैसे आंकड़ों की ओर इशारा किया। 5
AI-लिखे कोड का हिस्सा एक सीमित सवाल का जवाब देता है: कोड का कितना भाग AI ने तैयार किया? लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि टीम ने उपयोगी काम कितना पूरा किया, बदलावों की समीक्षा में कितना समय लगा या सॉफ्टवेयर कितना भरोसेमंद रहा।
जब AI केवल कोड की पंक्तियां बनाने तक सीमित न रहकर इंजीनियरिंग प्रक्रिया के दूसरे हिस्सों में भी मदद करता है, तब हर काम को “AI का” या “इंसान का” कहकर अलग करना कम जानकारी देता है। पिचाई की बात इस मापदंड की सीमा के बारे में थी—यह इस बात का प्रमाण नहीं कि AI ने इंजीनियरिंग के हर नतीजे को बेहतर कर दिया है। 5
Google के पहले के सार्वजनिक आंकड़े बताते थे कि कंपनी के इंजीनियरों के काम में AI की मौजूदगी बढ़ रही थी। रिपोर्ट किए गए आंकड़े 2024 के आखिर में करीब 25% से बढ़कर 2025 की शरद ऋतु में 50% और अप्रैल 2026 में 75% तक पहुंचे। आखिरी आंकड़ा ऐसे नए कोड के बारे में था जिसे AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूरी दी। 5
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ये आंकड़े जरूरी नहीं कि बिल्कुल एक ही चीज़ मापते हों: 75% वाला आंकड़ा खास तौर पर इंजीनियरों से मंजूर हुए नए AI-जनित कोड का है। और AI से बने कोड का हिस्सा बढ़ना अपने आप यह साबित नहीं करता कि कुल काम ज्यादा पूरा हुआ, इंजीनियरों की मेहनत घटी या सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता बेहतर हुई।
इंटरव्यू में पिचाई ने कहा कि Argon शुरू होने के शुरुआती चार हफ्तों में Google ने “CLs”—यानी कोड बदलावों के सबमिशन—में 30% बढ़ोतरी और रोलबैक में करीब एक-तिहाई कमी देखी। 5
अलग से, Google ने बताया कि Antigravity के जरिए Argon इस्तेमाल करने वाली टीमों में agentic code submissions 35% से ज्यादा बढ़े और कोड रोलबैक लगभग एक-तिहाई घटे। 45
51 इंटरव्यू का 30% वाला आंकड़ा और Google का 35% से अधिक वाला आंकड़ा अलग शब्दों में बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टिंग यह स्पष्ट नहीं करती कि दोनों आंकड़ों की परिभाषाएं या मापे गए समूह किस तरह अलग हैं, इसलिए इन्हें एक-दूसरे के बराबर नहीं मानना चाहिए।
Google ने बड़े और जटिल कोडबेस पर Argon के इस्तेमाल का भी उदाहरण दिया है। इनमें एक ऐसा काम शामिल था जिसमें Chromium के करीब 60 लाख लाइनों वाले पुराने फ़ोल्डर से वेबपेज संभालने वाले मुख्य हिस्से को अलग किया गया। यह उस परियोजना का पैमाना बताता है जिसमें कंपनी के अनुसार Argon ने मदद की—इसका मतलब यह नहीं कि मॉडल ने 60 लाख नई कोड लाइनें लिखीं। 51
कोड सबमिशन और रोलबैक, कोड के लेखक का प्रतिशत गिनने से इंजीनियरिंग के नतीजों के कुछ करीब हैं: एक बताता है कि कितने बदलाव जमा किए गए, दूसरा कि कितने बदलाव बाद में वापस लेने पड़े। फिर भी इनसे उत्पादकता का पूरा हिसाब नहीं मिलता। ये कंपनी की ओर से बताए गए आंकड़े हैं; उपलब्ध स्रोतों में पूरे हुए काम, समीक्षा का समय, कुल इंजीनियरिंग मेहनत और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता की एक साथ तुलना नहीं दी गई है।
इसलिए बदलाव को ऐसे समझना बेहतर है: पहले Google बताता था कि इंजीनियर कोड बनाने के लिए AI का कितना इस्तेमाल कर रहे हैं; अब कंपनी सबमिशन और रोलबैक पर उसके असर के आंकड़े सामने रख रही है। इनमें से कोई भी आंकड़ा अकेले यह साबित नहीं करता कि सॉफ्टवेयर बनाने की कुल प्रक्रिया पर AI का कितना असर पड़ा। 5
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता।
पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता। Google के पहले के आंकड़े AI कोड के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाते थे—अप्रैल 2026 में कंपनी ने कहा था कि नया कोड का 75% AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूर किया।
Gemini 4 Argon के लिए Google ने कोड सबमिशन बढ़ने और रोलबैक घटने के आंकड़े दिए हैं, लेकिन ये कंपनी के बताए संकेतक हैं; पूरी उत्पादकता का हिसाब नहीं।
पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता। Google के पहले के आंकड़े AI कोड के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाते थे—अप्रैल 2026 में कंपनी ने कहा था कि नया कोड का 75% AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूर किया। Gemini 4 Argon के लिए...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Why did Google CEO Sundar Pichai tell Alex Kantrowitz in the October 20, 2026 Big Technology Podcast interview that the percentage of Google. Article summary: Pichai’s point was that “AI-written code” no longer captures AI’s contribution when it influences nearly the entire engineering process; Google is shifting its emphasis toward engineering impact rather than authorship pe. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
सुंदर पिचाई का कहना है कि Google में AI अब इंजीनियरिंग के काम को इतने व्यापक रूप से प्रभावित करता है कि “AI ने कितना कोड लिखा” वाला एक प्रतिशत पूरी तस्वीर नहीं बताता। 20 अक्टूबर 2026 को Big Technology Podcast के इंटरव्यू में उन्होंने इस आंकड़े को “बेअर्थ” कहा। इसके बजाय, Gemini 4 Argon आने के बाद कोड में किए गए बदलावों के सबमिशन और रोलबैक जैसे आंकड़ों की ओर इशारा किया। 5
AI-लिखे कोड का हिस्सा एक सीमित सवाल का जवाब देता है: कोड का कितना भाग AI ने तैयार किया? लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि टीम ने उपयोगी काम कितना पूरा किया, बदलावों की समीक्षा में कितना समय लगा या सॉफ्टवेयर कितना भरोसेमंद रहा।
जब AI केवल कोड की पंक्तियां बनाने तक सीमित न रहकर इंजीनियरिंग प्रक्रिया के दूसरे हिस्सों में भी मदद करता है, तब हर काम को “AI का” या “इंसान का” कहकर अलग करना कम जानकारी देता है। पिचाई की बात इस मापदंड की सीमा के बारे में थी—यह इस बात का प्रमाण नहीं कि AI ने इंजीनियरिंग के हर नतीजे को बेहतर कर दिया है। 5
Google के पहले के सार्वजनिक आंकड़े बताते थे कि कंपनी के इंजीनियरों के काम में AI की मौजूदगी बढ़ रही थी। रिपोर्ट किए गए आंकड़े 2024 के आखिर में करीब 25% से बढ़कर 2025 की शरद ऋतु में 50% और अप्रैल 2026 में 75% तक पहुंचे। आखिरी आंकड़ा ऐसे नए कोड के बारे में था जिसे AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूरी दी। 5
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ये आंकड़े जरूरी नहीं कि बिल्कुल एक ही चीज़ मापते हों: 75% वाला आंकड़ा खास तौर पर इंजीनियरों से मंजूर हुए नए AI-जनित कोड का है। और AI से बने कोड का हिस्सा बढ़ना अपने आप यह साबित नहीं करता कि कुल काम ज्यादा पूरा हुआ, इंजीनियरों की मेहनत घटी या सॉफ्टवेयर की गुणवत्ता बेहतर हुई।
इंटरव्यू में पिचाई ने कहा कि Argon शुरू होने के शुरुआती चार हफ्तों में Google ने “CLs”—यानी कोड बदलावों के सबमिशन—में 30% बढ़ोतरी और रोलबैक में करीब एक-तिहाई कमी देखी। 5
अलग से, Google ने बताया कि Antigravity के जरिए Argon इस्तेमाल करने वाली टीमों में agentic code submissions 35% से ज्यादा बढ़े और कोड रोलबैक लगभग एक-तिहाई घटे। 45
51 इंटरव्यू का 30% वाला आंकड़ा और Google का 35% से अधिक वाला आंकड़ा अलग शब्दों में बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टिंग यह स्पष्ट नहीं करती कि दोनों आंकड़ों की परिभाषाएं या मापे गए समूह किस तरह अलग हैं, इसलिए इन्हें एक-दूसरे के बराबर नहीं मानना चाहिए।
Google ने बड़े और जटिल कोडबेस पर Argon के इस्तेमाल का भी उदाहरण दिया है। इनमें एक ऐसा काम शामिल था जिसमें Chromium के करीब 60 लाख लाइनों वाले पुराने फ़ोल्डर से वेबपेज संभालने वाले मुख्य हिस्से को अलग किया गया। यह उस परियोजना का पैमाना बताता है जिसमें कंपनी के अनुसार Argon ने मदद की—इसका मतलब यह नहीं कि मॉडल ने 60 लाख नई कोड लाइनें लिखीं। 51
कोड सबमिशन और रोलबैक, कोड के लेखक का प्रतिशत गिनने से इंजीनियरिंग के नतीजों के कुछ करीब हैं: एक बताता है कि कितने बदलाव जमा किए गए, दूसरा कि कितने बदलाव बाद में वापस लेने पड़े। फिर भी इनसे उत्पादकता का पूरा हिसाब नहीं मिलता। ये कंपनी की ओर से बताए गए आंकड़े हैं; उपलब्ध स्रोतों में पूरे हुए काम, समीक्षा का समय, कुल इंजीनियरिंग मेहनत और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता की एक साथ तुलना नहीं दी गई है।
इसलिए बदलाव को ऐसे समझना बेहतर है: पहले Google बताता था कि इंजीनियर कोड बनाने के लिए AI का कितना इस्तेमाल कर रहे हैं; अब कंपनी सबमिशन और रोलबैक पर उसके असर के आंकड़े सामने रख रही है। इनमें से कोई भी आंकड़ा अकेले यह साबित नहीं करता कि सॉफ्टवेयर बनाने की कुल प्रक्रिया पर AI का कितना असर पड़ा। 5
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता।
पिचाई के मुताबिक, AI अब इंजीनियरिंग के काम के कई हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए केवल AI लिखे कोड का प्रतिशत उसकी भूमिका नहीं दिखा पाता। Google के पहले के आंकड़े AI कोड के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाते थे—अप्रैल 2026 में कंपनी ने कहा था कि नया कोड का 75% AI ने बनाया और इंजीनियरों ने मंजूर किया।
Gemini 4 Argon के लिए Google ने कोड सबमिशन बढ़ने और रोलबैक घटने के आंकड़े दिए हैं, लेकिन ये कंपनी के बताए संकेतक हैं; पूरी उत्पादकता का हिसाब नहीं।