बुधवार, 29 जुलाई 2026 को ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में लगभग 5% की तेज उछाल दर्ज की गई, जिसने लगातार तीन दिनों से चली आ रही गिरावट को तोड़ दिया । यह रैली किसी एक हेडलाइन की वजह से नहीं, बल्कि कई गंभीर आपूर्ति बाधाओं के एक साथ उभरने के कारण आई: अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य तनाव का बढ़ना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर खतरा, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में अनुमान से दोगुनी से अधिक गिरावट, और OPEC+ का शेष वर्ष के लिए उत्पादन बढ़ोतरी को रोकने का फैसला
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कीमतों में उछाल तब आया जब अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में हमले किए और ईरान ने अमेरिकी सेनाओं पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का प्रयास किया, जो छह महीने से चल रहे संघर्ष का एक बड़ा विस्तार था । अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी को फिर से लागू कर दिया था, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमला किया
। इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है; कई जहाज मालिक इस मार्ग से बच रहे हैं और कुछ दिनों तक कोई भी बड़ा जहाज यहां से नहीं गुजरा
। चूंकि दुनिया का लगभग 20% तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, यह बाजार के लिए सबसे बड़ा भौतिक आपूर्ति जोखिम है
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अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में वाणिज्यिक कच्चे तेल के भंडार में 7.167 मिलियन बैरल की गिरावट आई और यह 404.5 मिलियन बैरल रह गया । यह लगभग 2.5-3.3 मिलियन बैरल की अनुमानित गिरावट से दोगुने से अधिक है
। यह गिरावट भंडार को कई महीनों के निचले स्तर के करीब ले आई है, और पिछले 12 हफ्तों में भंडार में लगभग 60 मिलियन बैरल की गिरावट आई है
। सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) के लगातार घटते स्तर ने भी घरेलू बफर के खत्म होने की बात को पुष्ट किया है
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OPEC+ के प्रतिनिधियों और चार सूत्रों ने संकेत दिया कि समूह सितंबर में 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की अंतिम वृद्धि के बाद आगे कोटा वृद्धि को रोकने की योजना बना रहा है और शेष 2026 के लिए उत्पादन नीति को स्थिर रखेगा । इसका कारण यह बताया गया कि समूह को ईरान युद्ध के तेजी से बदलते आपूर्ति प्रभाव का आकलन करने और 2027 के कोटा पर बातचीत करने की आवश्यकता है
। बाजार के लिए यह संकेत है कि युद्ध के कारण उत्पन्न आपूर्ति अंतर के बावजूद, अतिरिक्त उत्पादन क्षमता को आक्रामक तरीके से तैनात नहीं किया जा रहा है
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हालांकि NYMEX 3-2-1 क्रैक स्प्रेड के विशिष्ट आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन गर्मियों में मजबूत गैसोलीन मांग, समुद्री आपूर्ति में व्यवधान के कारण कम हुए क्रूड रन और उत्पादों के गिरते भंडार ने क्रैक स्प्रेड को चरम स्तर पर पहुंचा दिया है । इसका मतलब है कि रिफाइनर उस कच्चे तेल के लिए रिकॉर्ड प्रीमियम दे रहे हैं जिसे वे संसाधित कर सकते हैं, जो भौतिक कसावट की कहानी को और मजबूत करता है।
पूरे जुलाई में तेल की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुधवार से पहले तीन दिनों में 14% की गिरावट इस उम्मीद के कारण आई थी कि अमेरिका और ईरान राजनयिक समाधान निकाल सकते हैं। इसके बाद विफल हमले की खबर पर 5% से अधिक की बढ़त आई । यह अस्थिरता एक ऐसे बाजार का लक्षण है जहां संभावित शांति की हर खबर को तुरंत नई सैन्य कार्रवाई द्वारा खारिज कर दिया जाता है, जिससे व्यापारी किसी स्थायी समाधान की कीमत तय करने में असमर्थ रहते हैं
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29 जुलाई को 5% की बढ़त किसी एक कारक से नहीं हुई। यह एक समन्वित मूल्य पुनर्निर्धारण था जो उस दिन हुआ जब (ए) अमेरिका-ईरान युद्ध फिर से बढ़ गया, जिससे सीधे होर्मुज जलडमरूमध्य को खतरा पैदा हो गया; (बी) अमेरिकी भंडार में भारी, अप्रत्याशित गिरावट ने घरेलू आपूर्ति को कसने की पुष्टि की; (सी) OPEC+ ने सितंबर के बाद उत्पादन रोकने का संकेत दिया; और (डी) क्रैक स्प्रेड उस स्तर पर बना रहा जो बाजार को बताता है कि भौतिक संतुलन में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। कूटनीति की छिटपुट उम्मीदों ने बाजार को प्रत्येक नए विस्तार पर और अधिक प्रतिक्रियाशील बना दिया है ।
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29 जुलाई 2026 को ब्रेंट और WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 5% की तेज उछाल आई, जो लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद हुई [17][18]।
29 जुलाई 2026 को ब्रेंट और WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 5% की तेज उछाल आई, जो लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद हुई [17][18]। अमेरिका ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है [17][21][33]।
अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार (इन्वेंट्री) में 7.167 मिलियन बैरल की गिरावट आई, जो अनुमान से दोगुने से भी अधिक है [8][3]।