इससे पता चलता है कि गार्डियोला की जीत की दर बेहद ऊँची है, लेकिन फर्ग्यूसन की लंबी अवधि तक लगातार प्रभुत्व बनाए रखने की क्षमता उन्हें ऐतिहासिक बढ़त देती है।
यूरोपीय फुटबॉल भी तुलना का एक महत्वपूर्ण पैमाना है।
फर्ग्यूसन ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ दो बार UEFA चैंपियंस लीग (1999 और 2008) जीती और कुल चार फाइनल खेले।
गार्डियोला का यूरोप में रिकॉर्ड भी शानदार है। अपने पूरे करियर में उन्होंने कई चैंपियंस लीग खिताब जीते हैं, जिनमें बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के साथ जीत शामिल है।
अगर तुलना केवल इंग्लिश क्लबों के साथ उनके कार्यकाल तक सीमित हो, तो फर्ग्यूसन को हल्की बढ़त मिलती है। लेकिन पूरे यूरोपीय करियर को देखें तो गार्डियोला का रिकॉर्ड और भी मजबूत दिखाई देता है।
फर्ग्यूसन का मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ ट्रॉफी कलेक्शन क्लब फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली रिकॉर्ड में से एक है। उन्होंने 26 साल के कार्यकाल में 38 ट्रॉफियाँ जीतीं।
पूरे मैनेजरियल करियर में उन्होंने 49 प्रमुख ट्रॉफियाँ जीतीं, जो ब्रिटिश फुटबॉल में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
दूसरी ओर, गार्डियोला ने भी बार्सिलोना, बायर्न म्यूनिख और मैनचेस्टर सिटी के साथ विशाल ट्रॉफी संग्रह बनाया है और तीन अलग‑अलग देशों की लीग जीती हैं।
मुख्य अंतर यह है कि फर्ग्यूसन की अधिकांश उपलब्धियाँ एक ही क्लब में लगभग तीन दशकों तक आईं, जबकि गार्डियोला की सफलता कई शीर्ष क्लबों में फैली हुई है।
टैक्टिकल प्रभाव के मामले में अक्सर गार्डियोला को बढ़त दी जाती है।
उनकी टीमों की पहचान है:
फर्ग्यूसन की शैली अलग थी। वे किसी एक सिद्धांत से बंधे नहीं थे; उनकी सबसे बड़ी ताकत थी परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलना।
सरल शब्दों में:
फर्ग्यूसन की प्रतिष्ठा का एक बड़ा आधार युवा खिलाड़ियों को विकसित करना भी है।
मैनचेस्टर यूनाइटेड की मशहूर “क्लास ऑफ ’92”—जिसमें डेविड बेकहम, पॉल स्कोल्स और गैरी नेविल जैसे खिलाड़ी शामिल थे—कई खिताबी टीमों की रीढ़ बनी।
फर्ग्यूसन अक्सर अकादमी खिलाड़ियों को अनुभवी सितारों के साथ मिलाकर नई विजेता टीम तैयार करते थे।
गार्डियोला ने भी कई विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को बेहतर बनाया है, लेकिन विशेष रूप से मैनचेस्टर सिटी में उनकी टीमें आम तौर पर पहले से स्थापित स्टार खिलाड़ियों पर अधिक निर्भर रही हैं।
इसलिए यह श्रेणी अक्सर फर्ग्यूसन के पक्ष में जाती है।
दोनों मैनेजरों ने अपने दौर में मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना किया।
फर्ग्यूसन की मैनचेस्टर यूनाइटेड का सबसे प्रसिद्ध मुकाबला आर्सेन वेंगर की आर्सेनल से था—यह प्रतिद्वंद्विता प्रीमियर लीग के शुरुआती वर्षों की पहचान बन गई।
गार्डियोला का दौर अक्सर उस प्रीमियर लीग में माना जाता है जो पहले से अधिक गहरी, तेज़ और टैक्टिकली उन्नत है, जहाँ कई क्लब ऊँचे स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
इस कारण यह तुलना अक्सर संतुलित मानी जाती है।
फर्ग्यूसन की विरासत मैनचेस्टर यूनाइटेड की दीर्घकालिक बादशाहत से जुड़ी है। उनके नेतृत्व में क्लब ने दो दशकों तक अंग्रेज़ी फुटबॉल पर राज किया।
गार्डियोला की विरासत अलग प्रकार की है। उनकी मैनचेस्टर सिटी टीमों ने लीग इतिहास के कुछ सबसे प्रभावशाली और तकनीकी रूप से श्रेष्ठ सीज़न दिए और कई क्लबों की टैक्टिकल सोच को प्रभावित किया।
यह बहस अक्सर इस बात पर निर्भर करती है कि आप महानता को कैसे मापते हैं।
अगर सवाल है प्रीमियर लीग की ऐतिहासिक विरासत का, तो 13 खिताब और दो दशक के प्रभुत्व के कारण फर्ग्यूसन का दावा अब भी अधिक मजबूत माना जाता है।
लेकिन अगर बात आधुनिक टैक्टिक्स और खेल की गुणवत्ता की हो, तो गार्डियोला की टीमें अक्सर नए मानक तय करती दिखती हैं।
यही वजह है कि यह तुलना आज भी जारी है—एक मैनेजर जिसने लीग का सबसे बड़ा साम्राज्य बनाया, और दूसरा जिसने शायद सबसे परिष्कृत फुटबॉल मशीन तैयार की।