यह सरकारी स्वामित्व वाली दिग्गज कंपनी अपने साझेदार क्विंगटाओ एनर्जी (QingTao Energy) के साथ मिलकर काम कर रही है।
राज्य-नियंत्रित यह कंपनी आक्रामक लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ रही है।
वोल्वो और पोलस्टार जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की मूल कंपनी जीली ने भी अपनी योजना स्पष्ट कर दी है।
इस कंपनी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है जो इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग करती है।
चीन की सबसे पुरानी कार निर्माता FAW अपने प्रीमियम ब्रांड होंगकी के लिए इस तकनीक पर काम कर रही है।
ये सभी प्रगति रोमांचक है, लेकिन चीन के अग्रणी नई ऊर्जा वाहन विशेषज्ञ, ओयांग मिंगगाओ (Ouyang Minggao) ने चेतावनी दी है कि सॉलिड-स्टेट बैटरी वाले परीक्षण वाहन 2026 के अंत से 2027 तक सड़कों पर नज़र आने लगेंगे, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन में अभी कम से कम तीन से पाँच साल और लगेंगे ।
इसके पीछे कई बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियाँ हैं:
इस तकनीकी क्रांति को गति देने के लिए, चीन सरकार भी पूरी ताकत से जुटी है और नियामक ढाँचा तैयार कर रही है:
ये कदम संकेत देते हैं कि बीजिंग इस तकनीक के व्यावसायीकरण को जोखिम-मुक्त और गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, भले ही बड़े पैमाने पर उत्पादन की राह में अभी भी बड़ी बाधाएँ मौजूद हैं।
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