यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब सरकारें रक्षा क्षमताएं बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। बढ़ती ब्याज लागत और सैन्य खर्च की जरूरतों के बीच बजट पर दबाव आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है।
इस तुलना में जर्मनी और कनाडा अपवाद हैं। बाकी पांच देशों की स्थिति इस प्रकार है:
जर्मनी इस तुलना में सबसे मजबूत राजकोषीय स्थिति वाला G7 सदस्य दिखाई देता है। Scope के अनुसार, 2026 में जर्मनी का ब्याज खर्च उसके रक्षा बजट का केवल लगभग 35% है ।
Scope Ratings का अनुमान है कि G7 सरकारों का कुल कर्ज 2029 तक GDP के 135.2% तक पहुंच जाएगा। यह 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान दर्ज 139.6% के हालिया शिखर के करीब है ।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी अक्टूबर 2025 में चेतावनी दी थी कि वैश्विक सार्वजनिक कर्ज 2029 तक GDP के 100% से ऊपर जा सकता है। यह 1948 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर होगा। बढ़ती कर्ज-सेवा लागत रक्षा खर्च और उम्रदराज आबादी से जुड़े खर्चों के साथ सरकारी बजट को सीमित कर रही है ।
Bloomberg के अनुसार, अमेरिका, जापान और फ्रांस में ब्याज भुगतान आगे भी बढ़ने की आशंका है। इन देशों में पहले से बड़ा कर्ज और अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें मिलकर लागत बढ़ा रही हैं । अमेरिका के मामले में Scope का अनुमान है कि 2025 से 2030 के बीच शुद्ध ब्याज भुगतान औसतन सरकारी राजस्व का करीब 12% रह सकता है—यह समान श्रेणी के देशों की तुलना में कम-से-कम दोगुना है ।
नाटो देशों ने 2035 तक रक्षा खर्च को GDP के 3.5% के करीब ले जाने पर सहमति जताई है । लेकिन कर्ज पर बढ़ते ब्याज भुगतान पहले ही सरकारों की उपलब्ध राजकोषीय गुंजाइश को कम कर रहे हैं। ऐसे में रक्षा बजट बढ़ाने के लिए या तो अन्य खर्चों में कटौती करनी होगी, या अतिरिक्त राजस्व और साझा वित्तीय सहायता का रास्ता अपनाना होगा।
Scope ने फ्रांस का उदाहरण देते हुए चेताया है कि यदि वह रक्षा खर्च को GDP के 3% तक बढ़ाता है और इसके बदले खर्च में कटौती या यूरोपीय संघ स्तर पर बोझ साझा करने की व्यवस्था नहीं होती, तो 2029 तक उसका राजकोषीय घाटा GDP के 4% से ऊपर जा सकता है। इसी स्थिति में उसका सामान्य सरकारी कर्ज GDP के 120% से अधिक होने का अनुमान है ।
Scope Ratings में संप्रभु और सरकारी रेटिंग्स के कार्यकारी निदेशक ईको सीवर्ट के मुताबिक, अधिकांश G7 देशों ने अब तक तत्काल पुनर्वित्त संकट से बचाव किया है। हालांकि उन्होंने आगाह किया कि ऊंचा कर्ज, बड़े प्राथमिक बजट घाटे के साथ मिलकर सरकारी वित्त को बाजार की वित्तीय स्थितियों में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील बना रहा है ।
सरल शब्दों में, अभी अचानक वित्तीय संकट दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन यदि बॉन्ड यील्ड बढ़ती है या निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है, तो इन देशों के लिए नए कर्ज की व्यवस्था और पुराने कर्ज पर ब्याज चुकाना तेजी से महंगा हो सकता है।
G7 की तस्वीर में यह एक महत्वपूर्ण राजकोषीय बदलाव है: पांच बड़ी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में अतीत के कर्ज की कीमत अब वर्तमान सैन्य क्षमता को वित्त देने की लागत से अधिक हो गई है। कर्ज-GDP अनुपात बढ़ने और नाटो के रक्षा लक्ष्य ऊंचे होने के साथ, सरकारी साख और रक्षा प्रतिबद्धताओं के बीच तनाव इस दशक के अंत तक और गहरा होने की संभावना है।