जर्मनी Q2 में ज्यादा मजबूत गति (Momentum) के साथ आया था। Q1 में उसकी वृद्धि 0.3% से संशोधित होकर 0.4% हो गई, जबकि फ्रांस की Q1 वृद्धि को संशोधित करके गिरावट (-0.1%) दिखाई गई ।
दोनों देशों की वृद्धि के इंजन बिल्कुल अलग थे।
जर्मनी — निर्यात-नेतृत्व, मजबूत उद्योग
जर्मनी की वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत निर्यात और एक लचीले औद्योगिक क्षेत्र से प्रेरित थी, जो ईरान युद्ध के बावजूद अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन कर रहा था । बुंडेसबैंक के अनुसार, उपभोक्ता खर्च भी कायम रहा, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान से उत्पन्न उच्च ऊर्जा लागत एक बड़ी बाधा थी ।
फ्रांस — शुद्ध व्यापार में उछाल, कमजोर घरेलू मांग
फ्रांस की रिकवरी पूरी तरह से शुद्ध व्यापार (Net Trade) के सहारे हुई, जिसने वृद्धि में 0.6 प्रतिशत अंक का योगदान दिया । Q1 में 3.1% की भारी गिरावट के बाद निर्यात में 2.6% की उछाल आई। अंतिम घरेलू मांग (Final Domestic Demand, इन्वेंट्री को छोड़कर) में मामूली सुधार ही हुआ, और INSEE ने नोट किया कि घरेलू मांग की स्थितियां सुस्त बनी हुई हैं ।
ईरान युद्ध से चुनौतियां:
अमेरिकी टैरिफ से चुनौतियां:
पूरे वर्ष 2026 के पूर्वानुमान:
| मीट्रिक | जर्मनी | फ्रांस |
|---|---|---|
| Q2 2026 GDP (तिमाही-दर-तिमाही) | +0.2% (अनुमान से बेहतर) | +0.2% (अनुमान के अनुरूप) |
| Q1 2026 GDP (तिमाही-दर-तिमाही) | +0.4% (संशोधित ऊपर) | -0.1% (संशोधित नीचे) |
| मुख्य चालक | निर्यात, लचीला उद्योग | शुद्ध व्यापार में वापसी |
| घरेलू मांग | अपेक्षाकृत मजबूत | कमजोर, सुस्त |
| ईरान युद्ध का प्रभाव | ऊर्जा लागत के माध्यम से गंभीर | उपभोक्ता पर प्रभाव के माध्यम से गंभीर |
| अमेरिकी टैरिफ का जोखिम | उच्च (विनिर्माण/ऑटो) | मध्यम |
| 2026 पूरे वर्ष का दृष्टिकोण | 0.5% (बुंडेसबैंक/DIW) से 0.8% (कील) | 0.5% (बैंक ऑफ फ्रांस) से 0.7% (INSEE) |
मुख्य निष्कर्ष: दोनों अर्थव्यवस्थाओं ने Q2 में एक ही शीर्षक वृद्धि दर दर्ज की, लेकिन जर्मनी Q2 में मजबूत गति और अपेक्षाकृत बेहतर घरेलू मांग के साथ आया, जबकि फ्रांस को गिरावट से उबरना पड़ा। दोनों को ईरान-प्रेरित ऊर्जा झटके और अमेरिकी टैरिफ से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें जर्मनी टैरिफ पक्ष पर अधिक संवेदनशील है और फ्रांस उपभोक्ता मांग के मोर्चे पर अधिक कमजोर है।