बहस इसलिए भी तेज हुई क्योंकि कान्स फेस्टिवल ने टेक कंपनी Meta के साथ बहुवर्षीय साझेदारी की थी, जिसने अपने AI टूल्स का प्रदर्शन भी किया। इससे यह सवाल और गहरा हुआ कि आने वाले वर्षों में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया कैसे बदलेगी।
कुछ उद्योग नेताओं ने सुझाव दिया कि भविष्य में फिल्मों पर यह स्पष्ट करने के लिए लेबल भी हो सकते हैं कि उनमें AI का उपयोग हुआ है या नहीं—ठीक वैसे ही जैसे कुछ उत्पादों पर “ऑर्गेनिक” का लेबल लगाया जाता है।
इस बहस का केंद्र बना निर्देशक स्टीवन सोडरबर्ग का डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट John Lennon: The Last Interview।
फिल्म उस लंबे इंटरव्यू पर आधारित है जो जॉन लेनन और योको ओनो ने 1980 में उस दिन दिया था जिस दिन लेनन की हत्या हुई थी। सोडरबर्ग ने इंटरव्यू के कुछ कल्पनात्मक हिस्सों को दृश्य रूप देने के लिए AI‑जनित दृश्य इस्तेमाल किए—जो फिल्म के लगभग 10% विज़ुअल्स बनाते हैं।
हालाँकि इन दृश्यों में लेनन का डीपफेक इस्तेमाल नहीं किया गया, फिर भी इस तकनीक ने फिल्म समुदाय में बहस छेड़ दी। कुछ लोगों ने इसे सामान्य विजुअल इफेक्ट्स जैसा माना, जबकि अन्य ने चेतावनी दी कि इससे डॉक्यूमेंट्री और फीचर फिल्मों में AI के और विवादित उपयोग का रास्ता खुल सकता है।
AI बहस के समानांतर, 2026 का कान्स LGBTQ+ कहानियों की अभूतपूर्व मौजूदगी के लिए भी याद किया जाएगा।
इस साल Queer Palm पुरस्कार के लिए रिकॉर्ड 21 फिल्मों का चयन हुआ—जो 2010 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी संख्या है।
इनमें कई प्रसिद्ध निर्देशकों की फिल्में शामिल थीं, जैसे:
इन फिल्मों के साथ‑साथ हिरोकाज़ू कोरे‑एदा, असगर फरहादी और जेम्स ग्रे जैसे अंतरराष्ट्रीय निर्देशकों की नई फिल्मों ने प्रतियोगिता को और मजबूत बनाया।
कान्स की पहचान सिर्फ सिनेमा नहीं, बल्कि उसका ग्लैमरस रेड कार्पेट भी है—और 2026 भी इससे अलग नहीं था।
डेमी मूर, जो इस साल जूरी का हिस्सा थीं, शुरुआती दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। उनके जैक्मस (Jacquemus) के अलग‑अलग लुक्स ने उद्घाटन समारोह से ही फैशन मीडिया का ध्यान खींचा।
भारतीय सिनेमा की वैश्विक स्टार ऐश्वर्या राय बच्चन भी रेड कार्पेट पर लौटीं—और यह उनका 24वां कान्स अपीयरेंस था। उनके कस्टम कूट्योर लुक्स सोशल मीडिया और फैशन रिपोर्ट्स में तेजी से वायरल हुए।
फेस्टिवल के दौरान कई दिग्गज कलाकारों को Honorary Palme d’Or से सम्मानित किया गया।
इनमें सबसे प्रमुख नाम था बारबरा स्ट्राइसैंड, जिन्हें फिल्म और मनोरंजन जगत में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान के लिए सम्मानित किया गया। निर्देशक पीटर जैक्सन और अभिनेता‑निर्देशक जॉन ट्रावोल्टा को भी इसी सम्मान से नवाज़ा गया।
कुल मिलाकर 79वां कान्स फिल्म फेस्टिवल सिर्फ एक फिल्म प्रतियोगिता नहीं था—यह उस परिवर्तन का संकेत भी था जिससे वैश्विक फिल्म उद्योग गुजर रहा है।
एक तरफ AI जैसी नई तकनीकें फिल्म निर्माण की सीमाएँ बदल रही हैं, तो दूसरी ओर LGBTQ+ कहानियों और विविध प्रतिनिधित्व के साथ सिनेमा का दायरा भी फैल रहा है।
इसलिए 2026 का कान्स किसी एक विजेता फिल्म से ज्यादा फिल्म निर्माण के भविष्य पर चल रही बातचीत के लिए याद किया जाएगा।