बाजार की उम्मीदें और वास्तविक आंकड़े
यह आंकड़ा बाजार की सटीक उम्मीदों के अनुरूप रहा। बाजार ने 0.3% मासिक गिरावट और 4.6% सालाना वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया था, और वास्तविक आंकड़े बिल्कुल वैसे ही आए ।
इस मासिक गिरावट का लगभग पूरा श्रेय ऊर्जा क्षेत्र को जाता है। यूरोज़ोन में ऊर्जा के उत्पादक मूल्य जून में 1.5% गिर गए। यह गिरावट इतनी भारी थी कि उसने अन्य औद्योगिक श्रेणियों में हुई मामूली बढ़त को पीछे छोड़ दिया । यह पैटर्न उपभोक्ता मूल्य के आंकड़ों में भी दिखता है, जहां जून में ऊर्जा की महंगाई दर मई के 10.8% से घटकर 8.5% हो गई थी ।
जहां ऊर्जा की कीमतों में गिरावट ने कुल आंकड़े को नीचे खींचा, वहीं ऊर्जा को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में लागत का दबाव कम नहीं हुआ है:
उपभोक्ता स्तर पर भी, कोर HICP महंगाई (जिसमें ऊर्जा और भोजन शामिल नहीं है) मई में 2.6% से थोड़ी धीमी होकर जून में 2.4% हुई। वहीं, सेवाओं की महंगाई दर अब भी 3.2% पर बनी हुई है । यह कोर और सेवाओं की कीमतों में लगातार बनी यह चिपचिपाहट नीति-निर्माताओं के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
Eurostat के आंकड़ों में यूरोपीय संघ (EU) के विभिन्न सदस्य देशों के बीच मासिक उत्पादक मूल्यों में हैरान करने वाला अंतर देखने को मिला:
| सबसे बड़ी मासिक गिरावट वाले देश | सबसे बड़ी मासिक बढ़त वाले देश |
|---|---|
| लिथुआनिया: –1.7% | स्लोवाकिया: +1.1% |
| आयरलैंड: –1.5% | रोमानिया: +1.0% |
| बुल्गारिया: –1.3% | एस्टोनिया: +0.9% |
| ग्रीस: –1.3% |
यूरोज़ोन की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात करें, तो जून में जर्मनी (-0.3%), फ्रांस (-0.6%) और नीदरलैंड (-1.1%) में कीमतें गिरीं। वहीं इटली में कीमतें स्थिर (stalled) रहीं, जबकि स्पेन में 0.1% की मामूली बढ़त दर्ज की गई । यह भिन्नता अलग-अलग देशों के ऊर्जा मिश्रण, औद्योगिक ढांचे और वैश्विक वस्तु कीमतों के झटकों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।
जून के PPI आंकड़े ECB के लिए एक मिला-जुला संकेत पेश करते हैं। कुल मिलाकर महंगाई दर का धीमा होना इस बात का संकेत है कि कीमतों का सबसे बुरा दौर शायद गुजर रहा है। हालांकि, इंटरमीडिएट गुड्स (0.3% मासिक) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और कोर उपभोक्ता महंगाई (2.4%) में मामूली कमी से पता चलता है कि महंगाई की असली ताकत अभी खत्म नहीं हुई है ।
यूरोज़ोन की मुख्य CPI महंगाई जून में 3.2% से घटकर 2.8% हो गई थी, लेकिन जुलाई के लिए फ्लैश अनुमान ने ऊर्जा की कीमतों में उछाल के कारण इसे बढ़कर 2.9% होने का संकेत दिया है । इससे पता चलता है कि PPI आंकड़ों में नजर आ रही ऊर्जा लागत से राहत शायद अस्थायी हो सकती है।
ECB के जून 2026 के स्टाफ मैक्रोइकोनॉमिक प्रोजेक्शन में पहले ही अनुमान लगाया गया था कि महंगाई धीरे-धीरे ही 2% के लक्ष्य पर पहुंचेगी । चिपचिपे कोर उत्पादक मूल्यों, ऊंची सेवा महंगाई और जुलाई में ऊर्जा की कीमतों में फिर से आए उछाल को देखते हुए, ECB को बहुत सतर्क रास्ता अपनाना होगा। समग्र सुधार से ललचाने के बावजूद, अंतर्निहित महंगाई की मजबूती उसे किसी भी तरह की नीतिगत ढील से रोकेगी।
जून 2026 के PPI डेटा ने पुष्टि की है कि ऊर्जा की कीमतों में गिरावट के कारण मुख्य उत्पादक मूल्य महंगाई में तेजी से कमी आई है, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। लेकिन गिरती कीमतों की यह मुख्य कहानी महंगाई में वास्तविक कमी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकती है। कोर और इंटरमीडिएट गुड्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, सेवा महंगाई अभी भी 3% से ऊपर है, और जुलाई के उपभोक्ता आंकड़े पहले ही वापसी का संकेत दे चुके हैं। ये आंकड़े किसी भी तत्काल ढील के बजाय एक धैर्यवान और डेटा-निर्भर ECB नीति का समर्थन करते हैं।