यह केवल स्कोरिंग प्रदर्शन नहीं था। वेम्बन्यामा ने पूरे मैच में कई भूमिकाएँ निभाईं—स्कोरर, प्लेमेकर और रिम प्रोटेक्टर। उनकी मौजूदगी ने स्पर्स को शुरुआती बढ़त दिलाने में मदद की और टीम ने वही बढ़त पूरे मुकाबले में बनाए रखी।
प्लेऑफ में उनका प्रभाव लगातार दिख रहा है, क्योंकि वे लगभग हर पज़ेशन में मैच की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं।
इस मैच की दूसरी सबसे बड़ी कहानी सैन एंटोनियो की आक्रामक रक्षा रही।
स्पर्स ने ओक्लाहोमा सिटी को सिर्फ 82 अंक पर रोक दिया, जो थंडर के पोस्टसीज़न के सबसे कम स्कोरों में से एक है।
रक्षा की रणनीति में कुछ प्रमुख बातें शामिल थीं:
स्पर्स ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बना ली और पहले क्वार्टर के बाद 28–19 की बढ़त ले ली, जिसे थंडर कभी भी पाट नहीं सका।
सीरीज़ के शुरुआती मैचों में ओक्लाहोमा सिटी की बेंच एक बड़ी ताकत रही थी, लेकिन गेम 4 में यही पहलू उल्टा पड़ गया।
मैच के अहम हिस्सों में थंडर के रिज़र्व खिलाड़ियों ने 36 में से सिर्फ 7 शॉट लगाए और 3‑for‑22 थ्री‑पॉइंट शूटिंग की।
इस खराब प्रदर्शन के कारण टीम अपने स्टार खिलाड़ियों की धीमी स्कोरिंग की भरपाई नहीं कर सकी और स्पर्स ने अंतर लगातार बढ़ाया।
हालाँकि सुर्खियाँ वेम्बन्यामा ने बटोरीं, लेकिन डी’एरॉन फॉक्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
उनकी प्लेमेकिंग ने टीम को लंबे स्कोरिंग सूखे से बचाया और खेल की गति को नियंत्रित रखने में मदद की। वेम्बन्यामा की स्कोरिंग के साथ यह संतुलन स्पर्स के लिए निर्णायक साबित हुआ।
गेम 4 की इस बड़ी जीत के बाद वेस्टर्न कॉन्फ्रेंस फ़ाइनल अब 2–2 से बराबर हो गया है, यानी अब सीरीज़ मूल रूप से बेस्ट‑ऑफ‑थ्री में बदल गई है।
स्पर्स के लिए आगे का रास्ता स्पष्ट दिखता है:
अगर सैन एंटोनियो इस फ़ॉर्म को बनाए रखता है, तो गेम 4 की यह जीत पूरी सीरीज़ का निर्णायक मोड़ बन सकती है।