पहले हाफ में ही उनके 22 पॉइंट आ गए थे, जिससे स्पर्स ने शुरुआती बढ़त बना ली और मैच की गति अपने हाथ में रखी।
गेम 4 का सबसे बड़ा रणनीतिक बदलाव डिफेंस में दिखा।
स्पर्स ने थंडर के स्टार गार्ड शाय गिल्जियस‑अलेक्ज़ेंडर पर लगातार डबल‑टीम करने की रणनीति छोड़ दी। इसके बजाय उन्हें अक्सर एक डिफेंडर से कवर किया गया, जबकि बाकी खिलाड़ी पेंट और मिडिल एरिया को बंद करने पर ध्यान देते रहे। इससे ओक्लाहोमा सिटी के शूटरों को खुले थ्री‑पॉइंट मौके नहीं मिल पाए।
साथ ही, स्पर्स ने वेम्बनयामा को डिफेंस में बास्केट के करीब रखा ताकि उनकी रिम‑प्रोटेक्शन क्षमता का पूरा फायदा उठाया जा सके।
इस रणनीति का असर आंकड़ों में साफ दिखा:
ओक्लाहोमा सिटी पहले से ही कुछ अहम खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से जूझ रही थी। गार्ड अजय मिचेल पिंडली (calf) की चोट के कारण गेम 4 से बाहर रहे, जिससे टीम की रोटेशन कमजोर हो गई।
यह इसलिए भी अहम था क्योंकि इससे पहले गेम 3 में थंडर की बेंच ने मैच पलट दिया था। उस मुकाबले में ओक्लाहोमा सिटी के रिज़र्व खिलाड़ियों ने स्पर्स की बेंच को 76–23 से पछाड़ दिया था।
लेकिन गेम 4 में तस्वीर बदल गई:
इस बार बेंच से कोई बड़ा स्कोरिंग विस्फोट नहीं हुआ, जिससे थंडर के लिए खराब शूटिंग की भरपाई करना मुश्किल हो गया।
स्पर्स के लिए एक और अहम फैक्टर रहा डी’एरॉन फॉक्स की वापसी। हाई‑एंकल स्प्रेन के कारण वह सीरीज़ के पहले दो मैच नहीं खेल पाए थे, लेकिन गेम 4 में उन्होंने 12 पॉइंट, 10 रिबाउंड और 5 असिस्ट का योगदान दिया।
उनकी मौजूदगी से स्पर्स को कई फायदे मिले:
फॉक्स की वापसी से स्पर्स का बैककोर्ट अधिक संतुलित दिखा, जो शुरुआती मैचों में चोटों के कारण अस्थिर था।
स्पर्स ने इस मुकाबले में डिफेंस और स्टार पावर—दोनों का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। परिणामस्वरूप:
अब जब सीरीज़ 2–2 से बराबर है, तो वेस्टर्न कॉन्फ़्रेंस फ़ाइनल व्यावहारिक रूप से “बेस्ट‑ऑफ‑थ्री” बन गया है—और स्पर्स ने दिखा दिया है कि उनकी डिफेंसिव पहचान उन्हें फ़ाइनल की दौड़ में गंभीर दावेदार बना सकती है।