मैच जब गतिरोध की ओर बढ़ रहा था, तभी एक तेज पलटवार में विल्फ्रेड सिंगो ने फ्लैंक से लो क्रॉस किया जिसे दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के रूप में आए अमाद डायलो ने एकदम सही फर्स्ट टाइम फिनिश करते हुए गोल के निचले कोने में डाल दिया। इस गोल के साथ ही डायलो ने वर्ल्ड कप में अपना पहला गोल दागा ।
इक्वाडोर के लिए यह हार एक कड़वी गोली साबित हुई। कोच सेबेस्टियन बेकासेसे ने मैच के बाद इसे 'अन्यायपूर्ण' करार दिया । उनके मुताबिक, उनकी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और सबसे साफ मौके बनाए, लेकिन एक मौके पर सब कुछ बदल गया। उनकी निराशा सही भी थी क्योंकि जॉन येबोआ और एलन मिंडा ने पहले हाफ में दो बार क्रॉसबार पर गोल मारा और कुल मिलाकर तीन बार वुडवर्क पर शॉट लगा ।
आइवरी कोस्ट के कोच एमर्स फे ने अपनी युवा टीम की तारीफ की और कहा कि उनकी टीम ने बेहतरीन लचीलापन दिखाया । उन्होंने कहा, "हम महत्वाकांक्षाओं और उम्मीदों के साथ आए हैं। हम जल्दी वापस नहीं जाना चाहते" ।
इस मैच की सबसे बड़ी खोज 19 वर्षीय यान डियोमांडे रहे। आरबी लीपजिग के इस विंगर को मैन ऑफ द मैच चुना गया । कोच फे ने कहा, "वह एक प्रभावशाली खिलाड़ी है, प्रतिद्वंद्वियों के लिए खेलना मुश्किल है" ।
आइवरी कोस्ट की यह 2014 के बाद वर्ल्ड कप में पहली जीत थी जबकि इक्वाडोर का 19 मैचों का अजेय अभियान समाप्त हो गया ।