Qantas के लिए बनाया गया पहला A350-1000ULR विमान F-WULR रजिस्ट्रेशन और निर्माता सीरियल नंबर 707 के साथ 27 जुलाई को शाम 5:27 बजे मेलबर्न एयरपोर्ट से रवाना हुआ । विमान ने प्रशांत महासागर के ऊपर से पूर्व दिशा में उड़ान भरी, अमेरिका और कनाडा को पार किया और फिर उत्तर अटलांटिक के ऊपर से होते हुए फ्रांस पहुंचा।
यह विमान 28 जुलाई को लगभग सुबह 9:52 बजे टूलूज़-ब्लाग्नैक एयरपोर्ट पर उतरा । Airbus और Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, इसने करीब 23,076 किलोमीटर यानी 14,339 मील की दूरी तय की । यह यात्रा तीन महाद्वीपों और दो महासागरों के ऊपर से गुजरी तथा विमान ने रास्ते में दो सूर्यास्त और दो सूर्योदय देखे ।
अलग-अलग फ्लाइट-ट्रैकिंग स्रोतों में उड़ान की अवधि 24 घंटे 23 मिनट से 24 घंटे 25 मिनट तक बताई गई है, जबकि Airbus ने आधिकारिक अवधि 24 घंटे 24 मिनट बताई । विमान में Airbus के चार टेस्ट पायलट और पांच फ्लाइट-टेस्ट इंजीनियर सवार थे, जिन्होंने इस लंबी यात्रा के दौरान विमान की प्रणालियों का परीक्षण किया । यह यात्रियों को लेकर की गई नियमित कमर्शियल उड़ान नहीं थी ।
Qantas ने 2017 में Project Sunrise की शुरुआत की थी। इसके तहत सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहरों से लंदन, न्यूयॉर्क और यूरोप के अन्य गंतव्यों तक सीधे उड़ान मार्ग विकसित किए जा रहे हैं ।
A350-1000ULR में अतिरिक्त ईंधन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया टैंक और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए जरूरी संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं । विमान को लगभग 22 घंटे तक के अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल सेक्टर के लिए तैयार किया गया है । मेलबर्न-टूलूज़ टेस्ट फ्लाइट ने इन बदलावों और विमान की प्रणालियों को वास्तविक परिस्थितियों में परखने में मदद की तथा Project Sunrise के प्रमाणन की दिशा में एक बड़ा कदम रखा ।
Qantas ने ऐसे 12 A350-1000ULR विमानों का ऑर्डर दिया है । पहला विमान अप्रैल 2027 में एयरलाइन को मिलने की उम्मीद है। Qantas 2027 के अंत तक सिडनी से लंदन की नॉनस्टॉप सेवा शुरू करने की योजना बना रही है, जिसके अक्टूबर 2027 में शुरू होने की संभावना बताई गई है ।
सेवा शुरू होने पर सिडनी-लंदन मार्ग दुनिया की सबसे लंबी नियमित कमर्शियल यात्री उड़ान बन सकता है । हालांकि, यात्रियों के लिए उड़ान शुरू होने से पहले विमान और परिचालन से जुड़े प्रमाणन व परीक्षण पूरे करना जरूरी होगा।
इस असाधारण उड़ान ने विमानन प्रेमियों और आम दर्शकों, दोनों का ध्यान खींचा। Flightradar24 और अन्य एविएशन-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर लाखों लोगों ने विमान की स्थिति को लाइव देखा ।
प्रशांत महासागर, उत्तरी अमेरिका और अटलांटिक के ऊपर से गुजरती इस 24 घंटे से अधिक लंबी यात्रा ने अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल विमानन के अगले दौर की झलक दिखाई। Project Sunrise के सफल होने पर ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के बीच यात्रियों को लंबे स्टॉपओवर के बिना सीधे सफर का विकल्प मिल सकता है।