इस डिजाइन का मुख्य फायदा यह है कि प्रोसेसर और मेमोरी के बीच डेटा को कम दूरी तय करनी होगी। इससे डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ाने और बिजली की खपत घटाने में मदद मिल सकती है ।
Samsung ने इसके साथ zNAND-O नाम का एक अन्य कॉन्सेप्ट भी दिखाया, जिसे खास तौर पर एज AI इनफरेंस के लिए डिजाइन किया गया है ।
Samsung की दूसरी बड़ी घोषणा V10 BV-NAND, यानी Bonding V-NAND, रही। इसमें मेमोरी ऐरे और पेरीफेरल लॉजिक को अलग-अलग वेफर पर तैयार करके बाद में wafer bonding तकनीक से जोड़ा जाता है ।
इसका महत्व इसलिए है क्योंकि ज्यादा लेयर एक ही चिप क्षेत्र में अधिक डेटा स्टोर करने की क्षमता दे सकती हैं।
इससे AI डेटा सेंटरों में अधिक क्षमता वाले और बेहतर ऊर्जा दक्षता वाले फ्लैश स्टोरेज की भूमिका मजबूत हो सकती है।
SK hynix और SanDisk ने FMS 2026 में High Bandwidth Flash (HBF) का पहला खुला तकनीकी मानक जारी किया। यह मानक Open Compute Project (OCP) के जरिए प्रकाशित किया गया है ।
HBF का उद्देश्य HBM जैसी तेज डेटा पहुंच और NAND फ्लैश जैसी अधिक क्षमता के बीच संतुलन बनाना है। इसे हाई-बैंडविड्थ DRAM और सामान्य NVMe SSD के बीच एक नए मेमोरी-स्टोरेज स्तर के रूप में देखा जा रहा है।
AI मॉडल से जवाब तैयार करते समय बड़ी मात्रा में संदर्भ डेटा और KV cache को तेज गति से उपलब्ध कराना पड़ता है। HBF जैसी तकनीक इसी जरूरत के लिए HBM से आगे एक अतिरिक्त विकल्प दे सकती है।
FMS 2026 के कीनोट और पैनल चर्चाओं में एक बात बार-बार सामने आई: AI की बढ़ती जरूरतों को केवल HBM से पूरा करना मुश्किल होगा। भविष्य के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग मेमोरी और स्टोरेज स्तरों का संयोजन जरूरी होगा ।
इस संभावित हाइरार्किकल मेमोरी आर्किटेक्चर में शामिल हो सकते हैं:
Marvell की प्रस्तुतियों में भी एजेंटिक AI इनफरेंस के लिए केवल HBM पर निर्भर रहने के बजाय विविध मेमोरी और स्टोरेज पोर्टफोलियो की जरूरत पर जोर दिया गया । इसका सीधा अर्थ है कि AI सर्वर डिजाइन में भविष्य की प्रतिस्पर्धा सिर्फ सबसे तेज मेमोरी बनाने की नहीं, बल्कि डेटा को सही मेमोरी स्तर तक कम ऊर्जा और कम देरी में पहुंचाने की भी होगी।
मूल प्रश्न में शामिल दो बड़े दावों की उपलब्ध FMS 2026 रिपोर्टों से पुष्टि नहीं हो सकी।
पहला दावा यह था कि Nvidia ने अनुमान लगाया है कि AI एजेंटों की संख्या अंततः दुनिया की मानव आबादी से अधिक हो जाएगी और मेमोरी की कीमत प्रति गीगाबाइट के बजाय प्रति I/O ऑपरेशन के आधार पर तय होने लगेगी। उपलब्ध प्रकाशित स्रोतों में यह दावा सत्यापित नहीं मिला।
दूसरा दावा था कि Samsung, SK hynix और Micron ने 2027 की अपनी पूरी DRAM और HBM उत्पादन क्षमता पहले ही बेच दी है और ग्राहकों को उनकी मांग का केवल 60–70% हिस्सा मिल रहा है। इस दावे की भी उपलब्ध स्रोतों से पुष्टि नहीं हो सकी। संभव है कि ये बातें ऐसे कीनोट या पैनल में कही गई हों, जिसकी रिपोर्टिंग अभी प्रकाशित या इंडेक्स नहीं हुई है।
FMS 2026 से तीन ठोस संकेत मिलते हैं: Samsung zHBM के जरिए मेमोरी को AI एक्सेलरेटर के और करीब लाना चाहता है, V10 BV-NAND फ्लैश डेंसिटी को 400 से अधिक लेयर तक ले जा चुका है, और HBF AI के लिए HBM तथा SSD के बीच एक नया स्तर बनाने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि zHBM अभी उत्पादन-स्तर का उत्पाद नहीं है, लेकिन सम्मेलन की व्यापक दिशा साफ है—AI मेमोरी का भविष्य किसी एक तकनीक पर नहीं, बल्कि तेज, घनी और आपस में जुड़ी हुई मल्टी-टियर मेमोरी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।