सिंगापुर के 1,150 PMETs में लगभग 10 में 4 ने कहा कि उन्हें सही सामग्री और AI जनित गलत सूचना में अंतर करने का भरोसा है, जबकि लगभग 10 में 3 ही दो अनुच्छेदों में कम विश्वसनीय अंश पहचान सके। लगभग 10 में 4 उत्तरदाताओं ने कहा कि वे किसी आंकड़े पर राय बनाने से पहले उसका मूल स्रोत जांचते हैं—चाहे वह समाचार लेख में हो या AI...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What were the findings of the June–July 2026 poll of 1,150 Singaporean PMETs on their ability to identify AI-generated misinformation and ve. Article summary: The poll found a substantial discernment gap: only two in five of the 1,150 Singapore PMET respondents were confident they could distinguish factual content from AI-generated misinformation, and only two in five said the. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
सिंगापुर में AI से बनी सामग्री की बाढ़ के बीच एक नए सर्वे ने यह सवाल उठाया है कि पेशेवर इस जानकारी की विश्वसनीयता को कितनी अच्छी तरह परख पा रहे हैं। 1,150 पेशेवरों, प्रबंधकों, अधिकारियों और तकनीशियनों—जिन्हें सामूहिक रूप से PMETs कहा जाता है—में लगभग 10 में 4 ने ही कहा कि उन्हें सही सामग्री और AI-जनित गलत सूचना में अंतर करने का भरोसा है। लगभग इतनी ही संख्या ने बताया कि वे किसी आंकड़े पर राय बनाने से पहले उसके मूल स्रोत की जांच करते हैं।
व्यावहारिक पठन-परीक्षण में प्रदर्शन और कमजोर रहा। लगभग 10 में 3 प्रतिभागी ही दो अनुच्छेदों में कम विश्वसनीय अंश पहचान सके, जबकि उनमें से एक में गढ़ा हुआ संदर्भ और बिना प्रमाण का दावा मौजूद था।
नतीजे बताते हैं कि लोगों का आत्मविश्वास उनकी वास्तविक सत्यापन-आदतों से हमेशा मेल नहीं खाता। कामकाजी लोग समाचार लेखों, AI सर्च के सारांशों और दूसरे डिजिटल माध्यमों से लगातार जानकारी लेते हैं, लेकिन उसके पीछे मौजूद मूल स्रोत की जांच करना अभी अधिकांश लोगों के लिए नियमित कदम नहीं बना है।
साफ-सुथरी भाषा में लिखी गई अविश्वसनीय सामग्री को पहचानना केवल स्पष्ट गलतियां पकड़ने का मामला नहीं है। पाठक को यह देखना पड़ता है कि दावा किसने किया, उसके समर्थन में क्या प्रमाण है और दिए गए संदर्भ पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।
सिंगापुर के National Library Board (NLB) और KPMG ने 14 जुलाई 2026 को सालभर चलने वाली Read to Lead: Building an AI-Ready Mind पहल शुरू की। इसका उद्देश्य नियमित और गंभीर पठन को कार्यस्थल की एक उपयोगी क्षमता के रूप में विकसित करना है, ताकि आलोचनात्मक सोच, विवेक, AI साक्षरता, सूचना साक्षरता और डिजिटल साक्षरता मजबूत हो सकें।
14 से 16 जुलाई तक आयोजित शुरुआती Knowledge Week में संवादात्मक गतिविधियां, क्विज, पैनल चर्चाएं और विशेषज्ञों की वार्ताएं शामिल थीं। NLB ने AI, कारोबार, कथा-साहित्य और हल्के-फुल्के पठन से जुड़ी डिजिटल सामग्री की सिफारिशें भी दीं, ताकि पेशेवर विकास को व्यापक पढ़ने की आदतों से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के अगले हिस्सों में NLB पुस्तकालयों में AI साक्षरता और विश्वसनीय डिजिटल व्यवहार पर वार्ताएं तथा PMETs और कारोबारों के लिए AI और गलत सूचना से निपटने संबंधी NLB–KPMG शैक्षिक टूलकिट शामिल होने की उम्मीद है।
राहायु महज़म का संदेश AI को अपनाने से पीछे हटने का नहीं, बल्कि उसे अधिक जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की आदत विकसित करने का है। उन्होंने जल्दबाजी में पढ़ने या तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय रुकने, बेहतर सवाल पूछने, स्रोतों की जांच करने, विवेक का इस्तेमाल करने और मानवीय संवेदना बनाए रखने पर जोर दिया। उनके अनुसार, पढ़ना सोचने की गति धीमी करता है, दृष्टिकोण व्यापक बनाता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता मजबूत करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नियोक्ताओं को AI अपनाने का मूल्यांकन केवल दक्षता और उत्पादकता से नहीं करना चाहिए। संगठनों में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ मानवीय संज्ञान, आत्म-प्रबंधन और अनुकूलन क्षमता में निवेश भी जरूरी है, ताकि कर्मचारी अधिक सार्थक काम में योगदान दे सकें।
वॉरेन फर्नांडीज के अनुसार, आलोचनात्मक पठन का अर्थ केवल जानकारी जल्दी-जल्दी ग्रहण करना नहीं, बल्कि ठहरकर उस पर विचार करना है। पाठकों को यह पूछना चाहिए कि दावा सच है या नहीं और उसका स्रोत या लेखक कितना विश्वसनीय है। इस तरह की सक्रिय पड़ताल लोगों को अपने स्वतंत्र निष्कर्ष बनाने में मदद करती है, बजाय इसके कि वे अपने विचारों का अधिकार AI को सौंप दें।
गेरी चंग ने अलग-अलग विषयों और अपनी सामान्य रुचियों से बाहर पढ़ने की सलाह दी। उनकी चिंता यह है कि यदि AI प्रणालियां बढ़ती मात्रा में AI-निर्मित सामग्री पर प्रशिक्षित होती रहीं, तो उनमें मौजूद त्रुटियां, पक्षपात और सामान्यीकरण बार-बार दोहरकर बढ़ सकते हैं। इससे AI के उत्तरों में दृष्टिकोणों की विविधता कम हो सकती है। जानबूझकर अपरिचित जानकारी और विचारों की तलाश इस तरह के ‘इको चैंबर’ प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है।
इस पहल का केंद्रीय विचार अतीत की ओर लौटना नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक कौशल विकसित करना है। पढ़ने से ध्यान, स्रोतों का मूल्यांकन, संदर्भ समझने की क्षमता, अनुकूलनशीलता और स्वतंत्र सोच मजबूत हो सकती है—यही वे मानवीय क्षमताएं हैं जो AI का जिम्मेदार इस्तेमाल करने में मदद करती हैं।
सर्वे ने इन क्षमताओं की जरूरत को रेखांकित किया है, जबकि Read to Lead कार्यस्थल की गतिविधियों, विशेषज्ञ वार्ताओं और सीखने की सामग्री के जरिए इन्हें पेशेवर विकास का लक्ष्य बनाने की कोशिश कर रही है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
सिंगापुर के 1,150 PMETs में लगभग 10 में 4 ने कहा कि उन्हें सही सामग्री और AI जनित गलत सूचना में अंतर करने का भरोसा है, जबकि लगभग 10 में 3 ही दो अनुच्छेदों में कम विश्वसनीय अंश पहचान सके।
सिंगापुर के 1,150 PMETs में लगभग 10 में 4 ने कहा कि उन्हें सही सामग्री और AI जनित गलत सूचना में अंतर करने का भरोसा है, जबकि लगभग 10 में 3 ही दो अनुच्छेदों में कम विश्वसनीय अंश पहचान सके। लगभग 10 में 4 उत्तरदाताओं ने कहा कि वे किसी आंकड़े पर राय बनाने से पहले उसका मूल स्रोत जांचते हैं—चाहे वह समाचार लेख में हो या AI सर्च के सारांश में।
Read to Lead पहल में कार्यस्थल की गतिविधियां, विशेषज्ञ वार्ताएं, डिजिटल रीडिंग सुझाव और शैक्षिक टूलकिट शामिल हैं; इसका जोर ठहरकर पढ़ने, स्रोतों पर सवाल उठाने और अलग अलग दृष्टिकोणों तक पहुंचने पर है।