Google ने Gemini 3.5 और Gemini 3.5 Flash भी पेश किया। Gemini 3.5 Flash को तेज़, किफायती और मजबूत reasoning व coding क्षमता देने के लिए डिजाइन किया गया है।
लॉन्च के समय ही Gemini 3.5 Flash को:
यह Google की उस रणनीति से जुड़ा है जिसे कंपनी “agentic AI” कह रही है—ऐसे AI सिस्टम जो सिर्फ जवाब नहीं देते बल्कि अलग‑अलग टूल और ऐप्स में जाकर काम भी पूरा करते हैं।
YouTube के लिए Google ने Ask YouTube फीचर का विस्तार किया। इसका लक्ष्य लंबे वीडियो में जानकारी ढूँढना आसान बनाना है।
इस फीचर के जरिए AI:
Google के अनुसार Ask YouTube सीधे वीडियो के उस हिस्से पर ले जाएगा जहाँ सवाल का जवाब मिलता है। इसका व्यापक रोलआउट परीक्षण के बाद किया जा रहा है।
यह बदलाव Google Search के उस बड़े बदलाव का हिस्सा है जिसमें टेक्स्ट के साथ‑साथ इमेज, वीडियो और अन्य मीडिया में भी AI‑आधारित खोज को प्राथमिकता दी जा रही है।
Google Workspace में कंपनी ने Docs Live नाम का नया फीचर पेश किया।
इसके जरिए उपयोगकर्ता Gemini से बातचीत करके:
मतलब Google Docs अब केवल टाइपिंग टूल नहीं रहेगा, बल्कि वॉयस‑असिस्टेड राइटिंग एनवायरनमेंट बन सकता है।
Google ने Android 17 का भी प्रीव्यू दिया, जिसमें AI को ऑपरेटिंग सिस्टम के स्तर पर जोड़ा गया है। इसके लिए नया सिस्टम पेश किया गया है जिसे Gemini Intelligence कहा गया।
Gemini Intelligence हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को मिलाकर Android डिवाइसों में प्रैक्टिव AI सहायता देने के लिए बनाया गया है। इसका लक्ष्य है कि उपयोगकर्ताओं को ऐप्स में जाकर काम करने की बजाय AI खुद काम पूरा करने में मदद करे।
I/O में दिखाए गए उदाहरणों में शामिल थे:
यह दिखाता है कि Google अब मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के अंदर ही जनरेटिव AI को एम्बेड करना चाहता है।
Google ने यह भी दिखाया कि Gemini केवल फोन या ऐप तक सीमित नहीं रहेगा।
इवेंट में जिन प्लेटफॉर्म पर Gemini के विस्तार की बात हुई उनमें शामिल हैं:
लक्ष्य एक ऐसा कनेक्टेड इकोसिस्टम बनाना है जहाँ Gemini फोन, कंप्यूटर, कार और पहनने योग्य डिवाइसों के बीच काम करे।
इन सभी घोषणाओं को साथ देखें तो Google की रणनीति साफ दिखाई देती है—Gemini को एक “ambient AI layer” बनाना।
यानि AI अलग ऐप नहीं होगा, बल्कि Google के लगभग हर प्रोडक्ट के अंदर मौजूद रहेगा, जैसे:
यहाँ Google का सबसे बड़ा फायदा उसका विशाल वितरण नेटवर्क है—क्योंकि उसके प्रोडक्ट पहले से ही अरबों लोग इस्तेमाल करते हैं।
हालाँकि घोषणाएँ काफी महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन इनका असली प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि ये फीचर कितनी जल्दी और कितनी विश्वसनीयता से लागू होते हैं।
कई क्षमताएँ—जैसे Gemini Omni और Android के agentic टूल—धीरे‑धीरे रोल आउट होंगी। उनकी सफलता इन बातों पर निर्भर करेगी:
अगर Google इन चुनौतियों को संभाल लेता है, तो I/O 2026 का विज़न ऐसा भविष्य दिखाता है जहाँ Gemini एक चैटबॉट नहीं बल्कि रोज़मर्रा की कंप्यूटिंग का केंद्रीय AI सिस्टम बन सकता है।
Comments
0 comments