इसी दौरान यूक्रेन ने दक्षिणी मोर्चे पर महत्वपूर्ण बढ़त का दावा किया और रूस के भीतर सैन्य, रसद तथा ऊर्जा ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले तेज किए। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के निगरानीकर्ताओं के मुताबिक जुलाई यूक्रेन में नागरिकों के लिए पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे भयावह महीना रहा।
यूक्रेन द्वारा जारी मासिक आंकड़ों में गर्मियों की ओर बढ़ती क्षति साफ दिखाई देती है:
जुलाई का अनुमान जून से करीब 9% अधिक और जनवरी से लगभग 35% अधिक था। यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, 2026 के पहले सात महीनों में रूस की कुल personnel losses 238,650 रहीं।
कुछ अन्य रिपोर्टों ने जुलाई के आंकड़े को जनवरी 2025 के बाद रूस की सबसे बड़ी मासिक क्षति बताया है। लेकिन यह तुलना भी यूक्रेनी सैन्य अनुमानों पर आधारित है, किसी संयुक्त या स्वतंत्र रूप से सत्यापित casualty count पर नहीं।
यहां शब्दावली महत्वपूर्ण है। “Personnel losses” युद्धभूमि का एक व्यापक सैन्य माप है। इसे रूस के मारे गए सैनिकों की पुष्ट संख्या समझना सही नहीं होगा।
रूस के लिए समस्या केवल यह नहीं है कि नुकसान कितना बड़ा है। बड़ा सवाल यह है कि क्या मॉस्को अपने अभियानों को जारी रखने के लिए पर्याप्त तेजी से नए सैनिक जुटा पा रहा है।
यूक्रेन की Foreign Intelligence Service ने बताया कि जुलाई 2026 की शुरुआत तक रूस ने करीब 195,000 contract soldiers भर्ती किए थे—यह 409,000 के सालाना लक्ष्य के आधे से भी कम है। इसी आकलन के अनुसार, रोजाना भर्ती की दर 2024 में करीब 1,200 से घटकर 2026 के मध्य में लगभग 1,090 रह गई। ये आंकड़े यूक्रेनी खुफिया सेवा के दावे हैं, रूस के आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से ऑडिट किए गए आंकड़े नहीं।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के हवाले से एक अलग आंकड़े में जनवरी से जुलाई के बीच रूस की भर्ती करीब 221,000 बताई गई, जबकि casualties लगभग 222,500 थीं। दोनों आंकड़ों में अंतर अलग-अलग तारीखों, परिभाषाओं या रिपोर्टिंग पद्धतियों के कारण हो सकता है। इसलिए इन्हें जोड़कर रूस की सटीक personnel balance निकालना उचित नहीं होगा।
फिर भी, रिपोर्टिंग की दिशा एक जैसी है: रूस paid contracts और क्षेत्रीय आर्थिक प्रोत्साहनों पर काफी निर्भर है, लेकिन स्वयंसेवकों को आकर्षित करना कठिन होता जा रहा है। द गार्जियन ने रिपोर्ट किया कि ऊंचे signing bonuses भी भर्ती की समस्या खत्म नहीं कर पाए हैं। एक रूसी मानवाधिकार कार्यकर्ता के अनुसार, बहुत बड़ी रकम के बावजूद लड़ने के इच्छुक लोगों को ढूंढना मुश्किल हो रहा है।
नई involuntary mobilization यानी अनिवार्य सैनिक लामबंदी से मॉस्को को बड़ा manpower pool मिल सकता है। लेकिन 2022 की आंशिक लामबंदी रूस में बेहद अलोकप्रिय रही थी। Institute for the Study of War ने घरेलू contract recruitment अभियान में लगातार दबाव के संकेत और reserve call-up को लेकर क्रेमलिन के भीतर संभावित बहस की ओर इशारा किया।
यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि रूस लामबंदी के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी कर रहा है। बाद में ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि रूस के शरदकालीन संसदीय चुनावों के बाद mass call-up हो सकता है और 2027 में एक और अभियान की योजना है। ये दावे रूसी इरादों के बारे में यूक्रेनी आकलन हैं, क्रेमलिन की पुष्ट घोषणा नहीं।
इससे मॉस्को के सामने मोटे तौर पर तीन रास्ते बचते हैं:
रूस के क्षेत्रीय बजटों के लिए भी भर्ती बोनस का भुगतान कठिन होता जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नए सैनिकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक धन की कमी बढ़ रही है।
क्रेमलिन ने रूस के भीतर manpower की कमी का दबाव घटाने के लिए विदेशी नागरिकों की भर्ती पर भी अधिक भरोसा किया है। यूक्रेनी सैन्य खुफिया अधिकारियों ने दावा किया कि रूस 2026 में कम-से-कम 18,500 विदेशी नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती करना चाहता है।
International Federation for Human Rights की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2022 से रूस ने 130 से अधिक देशों के कम-से-कम 27,000 विदेशी नागरिकों को भर्ती किया है। रिपोर्ट ने इसे एक संस्थागत व्यवस्था बताया, जिसमें paid enlistment के साथ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भ्रामक या शोषणकारी तरीकों से निशाना बनाए जाने का आरोप है।
ये आंकड़े यूक्रेनी अधिकारियों और मानवाधिकार जांचकर्ताओं के स्रोतों पर आधारित हैं। उपलब्ध साक्ष्य यह साबित नहीं करते कि हर विदेशी भर्ती को जबरन सेना में भेजा गया। लेकिन जांचकर्ताओं के अनुसार विदेशी लड़ाकों का इस्तेमाल अब महज कभी-कभार की मदद नहीं, बल्कि रूस के युद्ध प्रयास का अधिक संगठित हिस्सा बन गया है।
यूक्रेन ने दक्षिणी मोर्चे के Oleksandrivskyi sector में एक अभियान पूरा करने की घोषणा की। यह क्षेत्र Dnipropetrovsk, Zaporizhzhia और Donetsk क्षेत्रों के कुछ हिस्सों के संगम के आसपास है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने 745 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वापस लिया और 26 बस्तियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया।
अन्य रिपोर्टों में वापस लिए गए क्षेत्र का आकार करीब 780 वर्ग किलोमीटर बताया गया, जबकि अल जज़ीरा ने यूक्रेनी आंकड़े के रूप में 745 वर्ग किलोमीटर का उल्लेख किया। यह अंतर अभियान की अलग-अलग अवधि और उसके भौगोलिक वर्णन से जुड़ा है। ये दावे व्यापक दक्षिणी अभियान की उपलब्धियों से संबंधित हैं, जरूरी नहीं कि जुलाई में ही कब्जे में आए क्षेत्र से।
हालांकि, पूरे महीने का क्षेत्रीय संतुलन कीव के लिए उतना अनुकूल नहीं रहा। DeepState से जुड़ी रिपोर्टिंग के अनुसार, यूक्रेनी बढ़त और रूस के कब्जे में आए क्षेत्रों को मिलाकर जुलाई में रूस को करीब 36 वर्ग किलोमीटर का net territorial gain मिला। ISW ने अलग से आकलन किया कि जुलाई में रूसी सेना केवल 37.85 वर्ग किलोमीटर आगे बढ़ी और रूस के वसंत-ग्रीष्म 2026 अभियान को operationally significant सफलता नहीं मिली।
इसलिए जुलाई की तस्वीर में दो बातें एक साथ सही हैं: यूक्रेन ने एक दक्षिणी सेक्टर में एक साल से अधिक समय में अपनी सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय वापसी की, लेकिन रूस का कुल कब्जे वाला क्षेत्र महीने के अंत तक थोड़ा बढ़ा रहा।
यूक्रेन ने मोर्चे से बहुत दूर रूस के भीतर हमलों की आवृत्ति और पहुंच दोनों बढ़ाईं। यूक्रेनी रिपोर्टिंग में उद्धृत Associated Press के विश्लेषण के अनुसार, रूस के भीतर लंबी दूरी के हमले जनवरी की तुलना में तीन गुना हो गए। इससे रूसी वायु रक्षा को कहीं बड़े क्षेत्र की सुरक्षा करनी पड़ रही है। जुलाई में यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया, जो यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है।
ABC News ने बताया कि 40 दिनों तक चले यूक्रेनी strike campaign में Omsk की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जो यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्र से करीब 2,700 किलोमीटर दूर है। रिपोर्टिंग के अनुसार अभियान में तेल और गैस ढांचे, आपूर्ति मार्गों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
उपलब्ध स्रोत इन हमलों के प्रभावों का अलग-अलग वर्णन करते हैं और यह स्थापित नहीं करते कि केवल इन्हीं हमलों से पूरे रूस में fuel crisis पैदा हुआ। अधिक सावधानी वाला निष्कर्ष यह है कि यूक्रेन रूसी logistics और energy infrastructure को बाधित करने की कोशिश कर रहा था, साथ ही मॉस्को को अपनी वायु रक्षा को बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैलाने के लिए मजबूर कर रहा था।
संयुक्त राष्ट्र के Human Rights Monitoring Mission in Ukraine ने जुलाई 2026 में कम-से-कम 437 नागरिकों की मौत और 2,610 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। यह जून की तुलना में 30% अधिक था—जून में 298 नागरिक मारे गए और 2,041 घायल हुए—और जुलाई 2025 की तुलना में 70% अधिक। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कुल नागरिक casualties मार्च 2022 के बाद किसी भी महीने में सबसे अधिक रहीं, जबकि मृतकों की संख्या मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा थी।
बच्चे भी प्रभावित हुए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टिंग के मुताबिक जुलाई में 17 बच्चे मारे गए और 166 घायल हुए। यह अप्रैल 2022 के बाद बच्चों के लिए सबसे ऊंचा मासिक casualty total था। UN के आकलन में लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन नागरिक हताहतों का प्रमुख कारण रहे और इनसे 38% casualties हुईं।
हमले केवल frontline क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहे। संयुक्त राष्ट्र ने Kyiv और अन्य शहरों पर बार-बार हुए हमलों का उल्लेख किया, जिनमें सक्रिय जमीनी लड़ाई से दूर स्थित घरों और civilian infrastructure को नुकसान पहुंचा। UN महासचिव ने नागरिकों और नागरिक ढांचे पर हमलों की निंदा करते हुए तत्काल ceasefire की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेतावनी दी कि frontline communities और नियमित bombardment झेल रहे शहरों में humanitarian needs बढ़ रही हैं। निगरानीकर्ताओं द्वारा केवल सत्यापित मामलों को शामिल किए जाने के कारण वास्तविक हताहत संख्या इससे अधिक हो सकती है।
जुलाई में किसी भी पक्ष को निर्णायक strategic breakthrough नहीं मिला। इसके बजाय महीने ने युद्ध के मूल दबावों को और उजागर किया:
इन आंकड़ों को सावधानी से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि युद्धभूमि और भर्ती से जुड़े कई आंकड़े यूक्रेनी अधिकारियों या खुफिया सेवाओं से आते हैं। फिर भी, उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि यह युद्ध अब तेजी से manpower shortages, लंबी दूरी के strike campaigns और बढ़ती मानवीय कीमत से परिभाषित हो रहा है।
इसी दौरान यूक्रेन ने दक्षिणी मोर्चे पर महत्वपूर्ण बढ़त का दावा किया और रूस के भीतर सैन्य, रसद तथा ऊर्जा ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले तेज किए। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के निगरानीकर्ताओं के मुताबिक जुलाई यूक्रेन में नागरिकों के लिए पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे भयावह महीना रहा।
यूक्रेन द्वारा जारी मासिक आंकड़ों में गर्मियों की ओर बढ़ती क्षति साफ दिखाई देती है:
जुलाई का अनुमान जून से करीब 9% अधिक और जनवरी से लगभग 35% अधिक था। यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, 2026 के पहले सात महीनों में रूस की कुल personnel losses 238,650 रहीं।
कुछ अन्य रिपोर्टों ने जुलाई के आंकड़े को जनवरी 2025 के बाद रूस की सबसे बड़ी मासिक क्षति बताया है। लेकिन यह तुलना भी यूक्रेनी सैन्य अनुमानों पर आधारित है, किसी संयुक्त या स्वतंत्र रूप से सत्यापित casualty count पर नहीं।
यहां शब्दावली महत्वपूर्ण है। “Personnel losses” युद्धभूमि का एक व्यापक सैन्य माप है। इसे रूस के मारे गए सैनिकों की पुष्ट संख्या समझना सही नहीं होगा।
रूस के लिए समस्या केवल यह नहीं है कि नुकसान कितना बड़ा है। बड़ा सवाल यह है कि क्या मॉस्को अपने अभियानों को जारी रखने के लिए पर्याप्त तेजी से नए सैनिक जुटा पा रहा है।
यूक्रेन की Foreign Intelligence Service ने बताया कि जुलाई 2026 की शुरुआत तक रूस ने करीब 195,000 contract soldiers भर्ती किए थे—यह 409,000 के सालाना लक्ष्य के आधे से भी कम है। इसी आकलन के अनुसार, रोजाना भर्ती की दर 2024 में करीब 1,200 से घटकर 2026 के मध्य में लगभग 1,090 रह गई। ये आंकड़े यूक्रेनी खुफिया सेवा के दावे हैं, रूस के आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से ऑडिट किए गए आंकड़े नहीं।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के हवाले से एक अलग आंकड़े में जनवरी से जुलाई के बीच रूस की भर्ती करीब 221,000 बताई गई, जबकि casualties लगभग 222,500 थीं। दोनों आंकड़ों में अंतर अलग-अलग तारीखों, परिभाषाओं या रिपोर्टिंग पद्धतियों के कारण हो सकता है। इसलिए इन्हें जोड़कर रूस की सटीक personnel balance निकालना उचित नहीं होगा।
फिर भी, रिपोर्टिंग की दिशा एक जैसी है: रूस paid contracts और क्षेत्रीय आर्थिक प्रोत्साहनों पर काफी निर्भर है, लेकिन स्वयंसेवकों को आकर्षित करना कठिन होता जा रहा है। द गार्जियन ने रिपोर्ट किया कि ऊंचे signing bonuses भी भर्ती की समस्या खत्म नहीं कर पाए हैं। एक रूसी मानवाधिकार कार्यकर्ता के अनुसार, बहुत बड़ी रकम के बावजूद लड़ने के इच्छुक लोगों को ढूंढना मुश्किल हो रहा है।
नई involuntary mobilization यानी अनिवार्य सैनिक लामबंदी से मॉस्को को बड़ा manpower pool मिल सकता है। लेकिन 2022 की आंशिक लामबंदी रूस में बेहद अलोकप्रिय रही थी। Institute for the Study of War ने घरेलू contract recruitment अभियान में लगातार दबाव के संकेत और reserve call-up को लेकर क्रेमलिन के भीतर संभावित बहस की ओर इशारा किया।
यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि रूस लामबंदी के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी कर रहा है। बाद में ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि रूस के शरदकालीन संसदीय चुनावों के बाद mass call-up हो सकता है और 2027 में एक और अभियान की योजना है। ये दावे रूसी इरादों के बारे में यूक्रेनी आकलन हैं, क्रेमलिन की पुष्ट घोषणा नहीं।
इससे मॉस्को के सामने मोटे तौर पर तीन रास्ते बचते हैं:
रूस के क्षेत्रीय बजटों के लिए भी भर्ती बोनस का भुगतान कठिन होता जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में नए सैनिकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक धन की कमी बढ़ रही है।
क्रेमलिन ने रूस के भीतर manpower की कमी का दबाव घटाने के लिए विदेशी नागरिकों की भर्ती पर भी अधिक भरोसा किया है। यूक्रेनी सैन्य खुफिया अधिकारियों ने दावा किया कि रूस 2026 में कम-से-कम 18,500 विदेशी नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती करना चाहता है।
International Federation for Human Rights की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2022 से रूस ने 130 से अधिक देशों के कम-से-कम 27,000 विदेशी नागरिकों को भर्ती किया है। रिपोर्ट ने इसे एक संस्थागत व्यवस्था बताया, जिसमें paid enlistment के साथ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भ्रामक या शोषणकारी तरीकों से निशाना बनाए जाने का आरोप है।
ये आंकड़े यूक्रेनी अधिकारियों और मानवाधिकार जांचकर्ताओं के स्रोतों पर आधारित हैं। उपलब्ध साक्ष्य यह साबित नहीं करते कि हर विदेशी भर्ती को जबरन सेना में भेजा गया। लेकिन जांचकर्ताओं के अनुसार विदेशी लड़ाकों का इस्तेमाल अब महज कभी-कभार की मदद नहीं, बल्कि रूस के युद्ध प्रयास का अधिक संगठित हिस्सा बन गया है।
यूक्रेन ने दक्षिणी मोर्चे के Oleksandrivskyi sector में एक अभियान पूरा करने की घोषणा की। यह क्षेत्र Dnipropetrovsk, Zaporizhzhia और Donetsk क्षेत्रों के कुछ हिस्सों के संगम के आसपास है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने 745 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वापस लिया और 26 बस्तियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया।
अन्य रिपोर्टों में वापस लिए गए क्षेत्र का आकार करीब 780 वर्ग किलोमीटर बताया गया, जबकि अल जज़ीरा ने यूक्रेनी आंकड़े के रूप में 745 वर्ग किलोमीटर का उल्लेख किया। यह अंतर अभियान की अलग-अलग अवधि और उसके भौगोलिक वर्णन से जुड़ा है। ये दावे व्यापक दक्षिणी अभियान की उपलब्धियों से संबंधित हैं, जरूरी नहीं कि जुलाई में ही कब्जे में आए क्षेत्र से।
हालांकि, पूरे महीने का क्षेत्रीय संतुलन कीव के लिए उतना अनुकूल नहीं रहा। DeepState से जुड़ी रिपोर्टिंग के अनुसार, यूक्रेनी बढ़त और रूस के कब्जे में आए क्षेत्रों को मिलाकर जुलाई में रूस को करीब 36 वर्ग किलोमीटर का net territorial gain मिला। ISW ने अलग से आकलन किया कि जुलाई में रूसी सेना केवल 37.85 वर्ग किलोमीटर आगे बढ़ी और रूस के वसंत-ग्रीष्म 2026 अभियान को operationally significant सफलता नहीं मिली।
इसलिए जुलाई की तस्वीर में दो बातें एक साथ सही हैं: यूक्रेन ने एक दक्षिणी सेक्टर में एक साल से अधिक समय में अपनी सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय वापसी की, लेकिन रूस का कुल कब्जे वाला क्षेत्र महीने के अंत तक थोड़ा बढ़ा रहा।
यूक्रेन ने मोर्चे से बहुत दूर रूस के भीतर हमलों की आवृत्ति और पहुंच दोनों बढ़ाईं। यूक्रेनी रिपोर्टिंग में उद्धृत Associated Press के विश्लेषण के अनुसार, रूस के भीतर लंबी दूरी के हमले जनवरी की तुलना में तीन गुना हो गए। इससे रूसी वायु रक्षा को कहीं बड़े क्षेत्र की सुरक्षा करनी पड़ रही है। जुलाई में यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया, जो यूक्रेन से 2,500 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है।
ABC News ने बताया कि 40 दिनों तक चले यूक्रेनी strike campaign में Omsk की एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जो यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्र से करीब 2,700 किलोमीटर दूर है। रिपोर्टिंग के अनुसार अभियान में तेल और गैस ढांचे, आपूर्ति मार्गों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
उपलब्ध स्रोत इन हमलों के प्रभावों का अलग-अलग वर्णन करते हैं और यह स्थापित नहीं करते कि केवल इन्हीं हमलों से पूरे रूस में fuel crisis पैदा हुआ। अधिक सावधानी वाला निष्कर्ष यह है कि यूक्रेन रूसी logistics और energy infrastructure को बाधित करने की कोशिश कर रहा था, साथ ही मॉस्को को अपनी वायु रक्षा को बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैलाने के लिए मजबूर कर रहा था।
संयुक्त राष्ट्र के Human Rights Monitoring Mission in Ukraine ने जुलाई 2026 में कम-से-कम 437 नागरिकों की मौत और 2,610 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। यह जून की तुलना में 30% अधिक था—जून में 298 नागरिक मारे गए और 2,041 घायल हुए—और जुलाई 2025 की तुलना में 70% अधिक। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कुल नागरिक casualties मार्च 2022 के बाद किसी भी महीने में सबसे अधिक रहीं, जबकि मृतकों की संख्या मई 2022 के बाद सबसे ज्यादा थी।
बच्चे भी प्रभावित हुए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टिंग के मुताबिक जुलाई में 17 बच्चे मारे गए और 166 घायल हुए। यह अप्रैल 2022 के बाद बच्चों के लिए सबसे ऊंचा मासिक casualty total था। UN के आकलन में लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन नागरिक हताहतों का प्रमुख कारण रहे और इनसे 38% casualties हुईं।
हमले केवल frontline क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहे। संयुक्त राष्ट्र ने Kyiv और अन्य शहरों पर बार-बार हुए हमलों का उल्लेख किया, जिनमें सक्रिय जमीनी लड़ाई से दूर स्थित घरों और civilian infrastructure को नुकसान पहुंचा। UN महासचिव ने नागरिकों और नागरिक ढांचे पर हमलों की निंदा करते हुए तत्काल ceasefire की अपील की।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चेतावनी दी कि frontline communities और नियमित bombardment झेल रहे शहरों में humanitarian needs बढ़ रही हैं। निगरानीकर्ताओं द्वारा केवल सत्यापित मामलों को शामिल किए जाने के कारण वास्तविक हताहत संख्या इससे अधिक हो सकती है।
जुलाई में किसी भी पक्ष को निर्णायक strategic breakthrough नहीं मिला। इसके बजाय महीने ने युद्ध के मूल दबावों को और उजागर किया:
इन आंकड़ों को सावधानी से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि युद्धभूमि और भर्ती से जुड़े कई आंकड़े यूक्रेनी अधिकारियों या खुफिया सेवाओं से आते हैं। फिर भी, उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि यह युद्ध अब तेजी से manpower shortages, लंबी दूरी के strike campaigns और बढ़ती मानवीय कीमत से परिभाषित हो रहा है।