तीन मुख्य रुझानों ने मिलकर आर्म को रिकॉर्ड तिमाही दिलाई:
AI डेटा सेंटर की मांग का उछाल। डेटा सेंटर से रॉयल्टी राजस्व साल-दर-साल दोगुने से अधिक हो गया। इसकी वजह AWS, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और NVIDIA जैसे बड़े क्लाउड प्रदाताओं (Hyperscalers) द्वारा आर्म-आधारित सर्वरों का विस्तार था। कंपनी के लिए क्लाउड AI सबसे बड़ा विकास चालक रहा।
Arm AGI CPU की डिमांड में विस्फोट। मार्च 2026 में लॉन्च किए गए Arm AGI CPU की मांग इतनी तेज रही कि वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए इसका संचयी डिज़ाइन पाइपलाइन $2 बिलियन से अधिक हो गया। यह पिछली तिमाही में बताए गए $1 बिलियन के अवसर से दोगुना है।
Armv9 आर्किटेक्चर में बदलाव। Armv9 चिप्स से मिलने वाली उच्च रॉयल्टी दरों ने सीधे तौर पर प्रति डिवाइस रॉयल्टी राजस्व में इजाफा किया। Armv9 तकनीक पर आधारित चिप्स अब आर्म के कुल रॉयल्टी राजस्व का लगभग 25% हिस्सा हैं।
शानदार नतीजों के बावजूद, ARM स्टॉक रिजल्ट आने के बाद शुरुआती कारोबार में लगभग 8% गिर गया। इसका सीधा सा कारण था कंपनी का ऊंचा वैल्यूएशन। ARM का स्टॉक अपनी कमाई के 100 गुना से अधिक मूल्य पर कारोबार कर रहा था। ऐसे में निवेशक मुनाफावसूली करते हुए दिखे, खासकर जब बढ़ते खर्चों के कारण धीमी गति की कोई भी आशंका उन्हें परेशान कर सकती थी।
हालांकि, बाद के दिनों में शेयर ने वापसी की और $280 से $300 के स्तर पर पहुंच गया। कुल मिलाकर, जुलाई 2026 के महीने में ARM के शेयर में लगभग 34% की गिरावट आई थी, जो बाद में स्थिर हुई।
विश्लेषकों की राय में मतभेद देखने को मिला। अधिकांश ने कंपनी के बुनियादी प्रदर्शन की सराहना की, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर सतर्क रहे:
आर्म के लिए AI सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक स्थायी विकास इंजन बनता जा रहा है। सीईओ रेने हास ने कहा कि "AI बुनियादी ढांचे का आर्म की ओर स्थानांतरण लगातार तेज हो रहा है।" Armv9 आर्किटेक्चर एक अहम लीवर है। इसकी ऊंची रॉयल्टी दरों का मतलब है कि जैसे-जैसे ज़्यादा कंपनियां इस नई तकनीक को अपनाएंगी, प्रत्येक चिप से आर्म को अधिक राजस्व मिलेगा।
आर्म ने AI विस्तार और Armv9 के बढ़ते उपयोग के आधार पर अपना दीर्घकालिक राजस्व लक्ष्य बढ़ाकर $25 बिलियन कर दिया है। हालांकि, स्मार्टफोन बाजार में कमजोरी और मेमोरी की ऊंची कीमतों के कारण कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने रॉयल्टी वृद्धि के अनुमान को 'हाई टीन्स' (13-19%) तक सीमित कर दिया, जिससे कुछ निवेशकों का उत्साह कम हुआ।