सकल मार्जिन 50.1% रहा। हालांकि, इसमें अमेरिकी टैरिफ रिफंड से करीब 2 प्रतिशत अंक का अनुकूल प्रभाव शामिल था ।
iPhone, Mac और Services—तीनों कारोबारों ने जून तिमाही के लिए नए रिकॉर्ड बनाए। iPhone राजस्व 21% बढ़कर $54.3 अरब रहा, Mac राजस्व 29% बढ़कर $10.4 अरब और Services राजस्व $30.7 अरब तक पहुंच गया ।
Apple ने fiscal Q4 2026 यानी सितंबर तिमाही के लिए साल-दर-साल राजस्व वृद्धि 9% से 11% रहने का अनुमान दिया। मध्य बिंदु पर यह करीब $113 अरब का राजस्व बनता है, जबकि विश्लेषकों का औसत अनुमान लगभग $114.9 अरब था ।
यह Q3 की 16% वृद्धि की तुलना में स्पष्ट मंदी है। CFO Kevan Parekh ने कहा कि विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव अकेले ही अगली तिमाही की वृद्धि से करीब 2.5 प्रतिशत अंक घटा सकता है ।
Greater China से राजस्व $18.8 अरब रहा, जबकि विश्लेषकों ने $19.6 अरब की उम्मीद की थी । यह आंकड़ा Apple के प्रमुख क्षेत्रीय बाजारों में से एक में मांग को लेकर सवाल खड़े करता है।
Tim Cook ने उन्नत चिप निर्माण क्षमता में अड़चन को मुख्य सप्लाई बाधा बताया। कंपनी ने चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही में सप्लाई संबंधी दबाव “काफी बढ़ जाएगा”, जिसका असर iPhone और Mac जैसे प्रमुख उत्पादों पर पड़ सकता है ।
MacBook Neo की कमी भी जारी रही और इसे संभावित बिक्री वृद्धि पर सीमा के तौर पर चिह्नित किया गया ।
Cook ने मेमोरी कंपोनेंट की बढ़ती कीमतों का भी उल्लेख किया। इससे आने वाली तिमाहियों में Apple के सकल मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है । सितंबर तिमाही के लिए कंपनी ने 47% से 48% सकल मार्जिन का अनुमान दिया है, जिसमें करीब 1 प्रतिशत अंक का टैरिफ लाभ शामिल है ।
Apple की सितंबर तिमाही की गाइडेंस में चार बातें निवेशकों के लिए सबसे अहम रहीं:
इसलिए बाजार की प्रतिक्रिया Q3 के वास्तविक प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि Apple के अगले कुछ महीनों के अनुमान पर केंद्रित रही। दूसरे शब्दों में, कंपनी के पास उत्पादों की मांग मजबूत दिखी, लेकिन उन्हें पर्याप्त संख्या में बनाने के लिए जरूरी कंपोनेंट उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ गई है।
नियमित कारोबार में Apple का शेयर $335.36 पर बंद हुआ, जो दिन में 1.41% की गिरावट थी । इसके बाद after-hours कारोबार में शेयर करीब 4% से 7% तक गिरा—द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लगभग 4% की गिरावट बताई, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में गिरावट 7% तक रही । TradingKey के अनुसार शेयर 4% से अधिक गिरकर $319.09 तक आया ।
इस गिरावट की मुख्य वजह Q3 के आंकड़ों से निराशा नहीं थी। निवेशकों ने कमजोर Q4 गाइडेंस, बढ़ती सप्लाई बाधाओं, मेमोरी लागत और Greater China की धीमी बिक्री को ज्यादा महत्व दिया ।
यह रिपोर्ट Apple के लिए नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से भी ऐतिहासिक रही। यह Tim Cook की Apple CEO के तौर पर आखिरी earnings call थी।
Apple के ऐलान के अनुसार, Hardware Engineering के वरिष्ठ उपाध्यक्ष John Ternus 1 सितंबर 2026 को कंपनी के नए CEO बनेंगे। Cook Executive Chairman की भूमिका संभालेंगे ।
Cook ने Apple में अपने 28 वर्षों और CEO के तौर पर 15 वर्षों को याद किया और Ternus पर भरोसा जताया। कंपनी ने इस बदलाव को लंबे समय से चल रही succession planning प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, जिसे बोर्ड ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी ।
इसका मतलब यह है कि Apple का नेतृत्व परिवर्तन अचानक नहीं हो रहा, लेकिन बाजार अब यह देखेगा कि नई टीम सप्लाई संकट, लागत दबाव और विकास की ऊंची उम्मीदों के बीच कंपनी की दिशा कैसे बनाए रखती है।
Apple का Q3 प्रदर्शन परिचालन स्तर पर बेहद मजबूत रहा—रिकॉर्ड राजस्व, बेहतर EPS और iPhone, Mac तथा Services में जून तिमाही के रिकॉर्ड। लेकिन सितंबर तिमाही के लिए तस्वीर उतनी साफ नहीं है।
चिप निर्माण की क्षमता और मेमोरी लागत से जुड़ी समस्याएं व्यापक उद्योग-स्तरीय चुनौतियां हैं; इन्हें केवल Apple की मांग या उत्पाद रणनीति की कमजोरी नहीं माना जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या Q3 में दिखी मजबूत मांग, सीमित सप्लाई के दौर में भी Apple की वृद्धि को बनाए रख पाएगी।
साथ ही, Tim Cook से John Ternus को जिम्मेदारी सौंपना कंपनी में एक नए दौर की शुरुआत है। नियोजित और व्यवस्थित handoff से अचानक नेतृत्व संकट का जोखिम कम हो सकता है, लेकिन निवेशक अब Ternus के नेतृत्व में Apple की सप्लाई, लागत और उत्पाद रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे।
Apple की fiscal Q3 2026 तिमाही आंकड़ों के लिहाज से शानदार रही: $109.4 अरब राजस्व, $2.02 EPS और iPhone, Mac तथा Services में रिकॉर्ड जून-तिमाही बिक्री।
लेकिन बाजार की नजर तुरंत सितंबर तिमाही की 9% से 11% वृद्धि वाली गाइडेंस पर टिक गई, जो विश्लेषकों की उम्मीद से कम थी। उन्नत चिप निर्माण में अड़चन, बढ़ती मेमोरी लागत, विदेशी मुद्रा का दबाव और Greater China में धीमी बिक्री ने इस मजबूत तिमाही पर बादल डाल दिए। Tim Cook की आखिरी earnings call ने यह भी रेखांकित किया कि Apple अब मजबूत मांग के साथ-साथ सप्लाई चुनौती और नेतृत्व परिवर्तन—दोनों के बीच नए दौर में प्रवेश कर रहा है।