रूसी सेना पहले भी यूक्रेन के खिलाफ उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुकी है। हालांकि, ऐसी मिसाइल के इस्तेमाल का आखिरी पुष्ट मामला अगस्त 2025 के आसपास सामने आया था . क्रिवी रिह हमला इस लंबे अंतराल को तोड़ता है।
इससे संकेत मिलता है कि मॉस्को को प्योंगयांग से हथियारों की नई खेप मिली है या उसने पुराने भंडार के बजाय किसी ताजा आपूर्ति का इस्तेमाल शुरू किया है। रॉयटर्स के एक सूत्र के मुताबिक, लंबे अंतराल के बाद इन मिसाइलों की तैनाती रूस के पास उपलब्ध हथियारों के नए भंडार की ओर इशारा करती है .
यह घटना अलग-थलग मामला नहीं दिखती। यूक्रेनी खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए ज़ेलेंस्की ने 25 जुलाई के अपने संबोधन में कहा था कि रूस जून 2026 से वोरोनेज़ क्षेत्र में उत्तर कोरियाई सैन्य सहायता की नई खेप को संभालने के लिए सुविधाएं तैयार कर रहा है .
इस संभावित आपूर्ति में शामिल हैं:
इन दावों से यह तस्वीर बनती है कि मॉस्को-प्योंगयांग संबंध केवल पुराने हथियारों के इस्तेमाल तक सीमित नहीं हैं। इसके बजाय, दोनों देशों के बीच हथियार, गोला-बारूद, लॉन्चिंग क्षमता और सैन्यकर्मियों की लगातार आपूर्ति वाली व्यवस्था विकसित हो रही है।
उत्तर कोरियाई मिसाइलों पर रूस की निर्भरता उसकी अपनी युद्ध उत्पादन क्षमता पर पड़ रहे दबाव को भी उजागर करती है। उपलब्ध आकलनों के अनुसार, रूस ने जुलाई 2026 में 19 तारीख तक 107 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं .
यह गति 9M723 और RM-48U मिसाइलों की अनुमानित संयुक्त मासिक घरेलू उत्पादन क्षमता—करीब 100 मिसाइलों—से अधिक बताई गई है। हालांकि, इन श्रेणियों और उत्पादन अनुमानों की सीधे-सीधे तुलना पूरी तरह समान नहीं है . फिर भी, आंकड़े संकेत देते हैं कि रूस के लिए बाहरी आपूर्ति युद्ध की मौजूदा बमबारी गति बनाए रखने में उपयोगी हो सकती है।
उत्तर कोरियाई भंडार का इस्तेमाल रूस को अपने घरेलू रूप से निर्मित सटीक हमले वाले हथियारों को उन लक्ष्यों के लिए बचाकर रखने में भी मदद कर सकता है जिन्हें वह अधिक महत्वपूर्ण मानता है।
क्रिवी रिह हमले और रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में बढ़ोतरी के बीच ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अधिक वायु रक्षा प्रणालियां देने की मांग की है .
उत्तर कोरियाई KN-23 और KN-24 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों को क्रूज़ मिसाइलों या ड्रोन की तुलना में रोकना अधिक कठिन माना जाता है। इसी वजह से यूक्रेन के लिए आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों, जैसे पैट्रियट, की मांग और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
क्रिवी रिह के पास संभावित उत्तर कोरियाई मिसाइल हमला 2026 के युद्ध की बदलती तस्वीर का संकेतक है। यह बताता है कि रूस और उत्तर कोरिया का सैन्य सहयोग अस्थायी व्यवस्था नहीं रह गया है।
दिसंबर 2023 के बाद से उत्तर कोरिया द्वारा रूस को लाखों तोपखाने के गोले, KN-23 और KN-24 बैलिस्टिक मिसाइलें तथा हजारों सैनिक उपलब्ध कराने की खबरें सामने आती रही हैं। अब नए मिसाइल लॉन्चरों और 30,000 अतिरिक्त सैनिकों की संभावित योजना इस सहयोग को और बड़े स्तर पर ले जा सकती है।
इस तरह, मॉस्को और प्योंगयांग के बीच संबंध तोपखाने के गोला-बारूद की आपूर्ति से आगे बढ़कर बहु-क्षेत्रीय सैन्य आपूर्ति और जनशक्ति के नेटवर्क में बदलते दिख रहे हैं—ऐसा नेटवर्क जो यूक्रेनी शहरों पर रूस के हमलों को सीधे सक्षम कर रहा है।