ये प्रदर्शन मटीरियल साइंस, फ्यूज़न ऊर्जा और क्वांटम डायनामिक्स जैसे क्षेत्रों में हैं और ये IBM ने अपने 2026 के तकनीकी रोडमैप में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हैं ।
1. Algorithmiq — एक असाधारण सिमुलेशन
Algorithmiq ने IBM के Heron क्वांटम प्रोसेसर पर एक जटिल पदार्थ (हेटेरोजीनियस मैटर) का सिमुलेशन किया। यह सिमुलेशन आठ महीनों तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्लासिकल सिमुलेशन तरीकों को टक्कर देता रहा । लेकिन इसकी सबसे बड़ी खोज एक प्रोटोकॉल है जिसे 'ट्रस्टेड क्वांटम कंप्यूटेशन' (Trusted Quantum Computation) कहा जाता है ।
आमतौर पर, अगर कोई क्वांटम कंप्यूटर कोई ऐसा रिजल्ट देता है जिसे क्लासिकल कंप्यूटर चेक नहीं कर सकता, तो यह साबित करना मुश्किल होता है कि वह रिजल्ट सही है। Algorithmiq का नया प्रोटोकॉल इस समस्या को हल करता है। यह क्वांटम सिस्टम को अपने ही आउटपुट की सटीकता को स्वयं प्रमाणित (सेल्फ-वेरिफाई) करने की अनुमति देता है, बिना किसी क्लासिकल कंप्यूटर की बाहरी जांच की आवश्यकता के । इस तरह, Quantum Advantage के दावों पर से विश्वसनीयता का संकट (Credibility Gap) खत्म हो जाता है। टीम ने दिखाया कि इस विशेष सिमुलेशन कार्य के लिए क्वांटम आउटपुट सबसे अच्छे ज्ञात क्लासिकल तरीके से अधिक सटीक और सस्ता था ।
2. Oak Ridge National Laboratory & Cleveland Clinic — फ्यूज़न ऊर्जा के लिए FLiBe नमक की गणना
IBM, ORNL और क्लीवलैंड क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने मिलकर IBM के 156-क्यूबिट Heron प्रोसेसर और ORNL के Frontier सुपरकंप्यूटर का उपयोग करके FLiBe नामक एक तरल नमक (लिथियम-बेरिलियम फ्लोराइड) के नौ आणविक विन्यासों की गणना की । FLiBe फ्यूज़न रिएक्टरों में ट्रिटियम (परमाणु संलयन के लिए आवश्यक ईंधन) पैदा करने वाले 'ब्रीडिंग ब्लैंकेट' में इस्तेमाल होने वाली एक महत्वपूर्ण सामग्री है ।
यह क्वांटम कंप्यूटर पर फ्यूज़न-प्रासंगिक सामग्री का पहला आणविक सिमुलेशन है । इसने आणविक ज्यामिति और ऊर्जा जैसे गुणों की गणना की, जो मजबूत इलेक्ट्रॉन कोरिलेशन (Strong Electron Correlation) के कारण क्लासिकल कंप्यूटरों के लिए बेहद कठिन हैं । यह कार्य 6 जुलाई, 2026 को प्रकाशित हुआ और अमेरिकी ऊर्जा विभाग के 'जेनेसिस मिशन' फ्यूज़न लक्ष्यों में योगदान देता है ।
3. Qedma — क्वांटम डायनामिक्स का ऐसा मॉडल जो क्लासिकल कंप्यूटरों की पहुंच से बाहर है
30 जुलाई को, IBM और Qedma ने एक और प्रदर्शन प्रकाशित किया । उन्होंने IBM हार्डवेयर पर Qedma के क्वांटम एरर रिडक्शन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके क्वांटम मैटेरियल्स (जैसे क्वांटम मैग्नेट) की डायनामिक्स को इतनी सटीकता से हल किया कि वह RIKEN और BlueQubit जैसे जापान और अमेरिका के सुपरकंप्यूटरों की पहुंच से बाहर था । यह सबसे विवाद-मुक्त प्रदर्शन माना जा रहा है, क्योंकि क्वांटम सिस्टम ने एक ऐसी समस्या हल की जिसे क्लासिकल कंप्यूटर बड़े पैमाने पर अनुमानित भी नहीं कर सकते ।
IBM के प्रकाशित क्वांटम रोडमैप में 2026 के लिए स्पष्ट लक्ष्य था: "एक क्वांटम कंप्यूटर और HPC के साथ क्वांटम एडवांटेज के पहले उदाहरणों को सक्षम करना" । कंपनी ने यह दिखाने की प्रतिबद्धता जताई थी कि क्वांटम सिस्टम व्यावहारिक समस्याओं पर क्लासिकल प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं ।
जुलाई 2026 के ये प्रदर्शन तीन तरह से उस प्रतिबद्धता को पूरा करते हैं:
ये प्रदर्शन IBM के CEO अरविंद कृष्णा के सार्वजनिक बयानों के अनुरूप हैं। अप्रैल 2026 में IBM की Q1 आय कॉल पर, कृष्णा ने निवेशकों से कहा था कि साझेदार "इस साल क्वांटम एडवांटेज के पहले उदाहरण हासिल करेंगे, जो IBM हार्डवेयर का लाभ उठाएंगे" ।
समन्वित प्रेस विज्ञप्तियों और शोध पत्रों के बावजूद, वैज्ञानिक समुदाय ने सतर्कता व्यक्त की है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि ये तीनों प्रदर्शन वास्तविक इंजीनियरिंग सामग्री के बजाय सैद्धांतिक मॉडल सिस्टम का अनुकरण करते हैं, और "पूर्ण अर्थों में क्वांटम एडवांटेज साबित करना मुश्किल बना हुआ है" । ये पेपर प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित हुए हैं और सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।
हालांकि, विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ये प्रदर्शन क्वांटम कंप्यूटिंग में विश्वास बनाने की दिशा में सार्थक प्रगति दर्शाते हैं, भले ही व्यावसायिक उपयोगिता अभी भी वर्षों दूर हो ।
IBM ने अगले पांच वर्षों में क्वांटम कंप्यूटिंग में 10 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है । कंपनी का अगला बड़ा लक्ष्य 2029 तक IBM Quantum Starling नामक एक बड़े पैमाने पर, फॉल्ट-टॉलरेंट (दोष-सहिष्णु) क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण करना है, जो 200 लॉजिकल क्यूबिट्स पर 100 मिलियन गेट्स वाले सर्किट चलाने में सक्षम होगा ।
ये तीन प्रदर्शन इस बात का पहला वास्तविक सबूत हैं कि रोडमैप को वितरित किया जा सकता है — और यह कि क्वांटम मशीनें वास्तव में ऐसी समस्याओं को हल कर सकती हैं जो शास्त्रीय कंप्यूटर नहीं कर सकते।
ये प्रदर्शन मटीरियल साइंस, फ्यूज़न ऊर्जा और क्वांटम डायनामिक्स जैसे क्षेत्रों में हैं और ये IBM ने अपने 2026 के तकनीकी रोडमैप में जो वादा किया था, उसे पूरा करते हैं ।
1. Algorithmiq — एक असाधारण सिमुलेशन
Algorithmiq ने IBM के Heron क्वांटम प्रोसेसर पर एक जटिल पदार्थ (हेटेरोजीनियस मैटर) का सिमुलेशन किया। यह सिमुलेशन आठ महीनों तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्लासिकल सिमुलेशन तरीकों को टक्कर देता रहा । लेकिन इसकी सबसे बड़ी खोज एक प्रोटोकॉल है जिसे 'ट्रस्टेड क्वांटम कंप्यूटेशन' (Trusted Quantum Computation) कहा जाता है ।
आमतौर पर, अगर कोई क्वांटम कंप्यूटर कोई ऐसा रिजल्ट देता है जिसे क्लासिकल कंप्यूटर चेक नहीं कर सकता, तो यह साबित करना मुश्किल होता है कि वह रिजल्ट सही है। Algorithmiq का नया प्रोटोकॉल इस समस्या को हल करता है। यह क्वांटम सिस्टम को अपने ही आउटपुट की सटीकता को स्वयं प्रमाणित (सेल्फ-वेरिफाई) करने की अनुमति देता है, बिना किसी क्लासिकल कंप्यूटर की बाहरी जांच की आवश्यकता के । इस तरह, Quantum Advantage के दावों पर से विश्वसनीयता का संकट (Credibility Gap) खत्म हो जाता है। टीम ने दिखाया कि इस विशेष सिमुलेशन कार्य के लिए क्वांटम आउटपुट सबसे अच्छे ज्ञात क्लासिकल तरीके से अधिक सटीक और सस्ता था ।
2. Oak Ridge National Laboratory & Cleveland Clinic — फ्यूज़न ऊर्जा के लिए FLiBe नमक की गणना
IBM, ORNL और क्लीवलैंड क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने मिलकर IBM के 156-क्यूबिट Heron प्रोसेसर और ORNL के Frontier सुपरकंप्यूटर का उपयोग करके FLiBe नामक एक तरल नमक (लिथियम-बेरिलियम फ्लोराइड) के नौ आणविक विन्यासों की गणना की । FLiBe फ्यूज़न रिएक्टरों में ट्रिटियम (परमाणु संलयन के लिए आवश्यक ईंधन) पैदा करने वाले 'ब्रीडिंग ब्लैंकेट' में इस्तेमाल होने वाली एक महत्वपूर्ण सामग्री है ।
यह क्वांटम कंप्यूटर पर फ्यूज़न-प्रासंगिक सामग्री का पहला आणविक सिमुलेशन है । इसने आणविक ज्यामिति और ऊर्जा जैसे गुणों की गणना की, जो मजबूत इलेक्ट्रॉन कोरिलेशन (Strong Electron Correlation) के कारण क्लासिकल कंप्यूटरों के लिए बेहद कठिन हैं । यह कार्य 6 जुलाई, 2026 को प्रकाशित हुआ और अमेरिकी ऊर्जा विभाग के 'जेनेसिस मिशन' फ्यूज़न लक्ष्यों में योगदान देता है ।
3. Qedma — क्वांटम डायनामिक्स का ऐसा मॉडल जो क्लासिकल कंप्यूटरों की पहुंच से बाहर है
30 जुलाई को, IBM और Qedma ने एक और प्रदर्शन प्रकाशित किया । उन्होंने IBM हार्डवेयर पर Qedma के क्वांटम एरर रिडक्शन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके क्वांटम मैटेरियल्स (जैसे क्वांटम मैग्नेट) की डायनामिक्स को इतनी सटीकता से हल किया कि वह RIKEN और BlueQubit जैसे जापान और अमेरिका के सुपरकंप्यूटरों की पहुंच से बाहर था । यह सबसे विवाद-मुक्त प्रदर्शन माना जा रहा है, क्योंकि क्वांटम सिस्टम ने एक ऐसी समस्या हल की जिसे क्लासिकल कंप्यूटर बड़े पैमाने पर अनुमानित भी नहीं कर सकते ।
IBM के प्रकाशित क्वांटम रोडमैप में 2026 के लिए स्पष्ट लक्ष्य था: "एक क्वांटम कंप्यूटर और HPC के साथ क्वांटम एडवांटेज के पहले उदाहरणों को सक्षम करना" । कंपनी ने यह दिखाने की प्रतिबद्धता जताई थी कि क्वांटम सिस्टम व्यावहारिक समस्याओं पर क्लासिकल प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं ।
जुलाई 2026 के ये प्रदर्शन तीन तरह से उस प्रतिबद्धता को पूरा करते हैं:
ये प्रदर्शन IBM के CEO अरविंद कृष्णा के सार्वजनिक बयानों के अनुरूप हैं। अप्रैल 2026 में IBM की Q1 आय कॉल पर, कृष्णा ने निवेशकों से कहा था कि साझेदार "इस साल क्वांटम एडवांटेज के पहले उदाहरण हासिल करेंगे, जो IBM हार्डवेयर का लाभ उठाएंगे" ।
समन्वित प्रेस विज्ञप्तियों और शोध पत्रों के बावजूद, वैज्ञानिक समुदाय ने सतर्कता व्यक्त की है। कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि ये तीनों प्रदर्शन वास्तविक इंजीनियरिंग सामग्री के बजाय सैद्धांतिक मॉडल सिस्टम का अनुकरण करते हैं, और "पूर्ण अर्थों में क्वांटम एडवांटेज साबित करना मुश्किल बना हुआ है" । ये पेपर प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित हुए हैं और सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।
हालांकि, विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ये प्रदर्शन क्वांटम कंप्यूटिंग में विश्वास बनाने की दिशा में सार्थक प्रगति दर्शाते हैं, भले ही व्यावसायिक उपयोगिता अभी भी वर्षों दूर हो ।
IBM ने अगले पांच वर्षों में क्वांटम कंप्यूटिंग में 10 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है । कंपनी का अगला बड़ा लक्ष्य 2029 तक IBM Quantum Starling नामक एक बड़े पैमाने पर, फॉल्ट-टॉलरेंट (दोष-सहिष्णु) क्वांटम कंप्यूटर का निर्माण करना है, जो 200 लॉजिकल क्यूबिट्स पर 100 मिलियन गेट्स वाले सर्किट चलाने में सक्षम होगा ।
ये तीन प्रदर्शन इस बात का पहला वास्तविक सबूत हैं कि रोडमैप को वितरित किया जा सकता है — और यह कि क्वांटम मशीनें वास्तव में ऐसी समस्याओं को हल कर सकती हैं जो शास्त्रीय कंप्यूटर नहीं कर सकते।