लेकिन केन की रात अभी खत्म नहीं हुई थी। 36वें मिनट में मार्टिन बटुरिना ने एक जबरदस्त गोल कर क्रोएशिया को 1-1 की बराबरी दिला दी । हाफ टाइम से ठीक पहले, केन ने डेक्लान राइस के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर इंग्लैंड को फिर से 2-1 की बढ़त दिला दी। यह केन का विश्व कप में 10वां गोल था, जो इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक गोल करने के गैरी लिनेकर के रिकॉर्ड की बराबरी है
। इस उपलब्धि के साथ केन ने खुद को इंग्लैंड फुटबॉल के इतिहास के महानतम स्ट्राइकरों में शामिल कर लिया।
यह मुकाबला सिर्फ गोलों के लिए ही नहीं, बल्कि दोनों टीमों की लचर डिफेंस के लिए भी याद किया जाएगा। एक प्रशंसक ने इसे "एफए कप के तीसरे दौर का पागलपन भरा मुकाबला" बताया । पहले हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी पल में पीटर मूसा ने इंग्लैंड की डिफेंस को भेदते हुए क्रोएशिया के लिए दूसरा गोल दाग दिया और स्कोर 2-2 कर दिया
।
विश्व कप में दो बार की सबसे सफल टीमों के बीच यह मुकाबला किसी रोलरकोस्टर राइड की तरह था। थॉमस टुचेल ने हाफ टाइम पर खिलाड़ियों को जमकर फटकार लगाई, जिसका असर दिखा । दूसरा हाफ शुरू होने के सिर्फ दो मिनट बाद ही, जूड बेलिंगहम ने अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का शानदार नमूना पेश करते हुए गोल कर इंग्लैंड को 3-2 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी
। मैच से पहले अपने पुराने रियल मैड्रिड साथी लुका मोड्रिच ने बेलिंगहम का गर्मजोशी से स्वागत किया, लेकिन इस युवा स्टार ने मैदान पर कोई रियायत नहीं दिखाई
।
अंत में, बेंच से उतरे स्थानापन्न खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड ने बुकायो साका के क्रॉस पर 85वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 4-2 कर जीत पर मुहर लगा दी ।
मैदान पर गोलों की बौछार के बीच, मैदान के बाहर एक बड़ा विवाद भी छिड़ गया। इस विश्व कप में पहली बार, फीफा ने हर हाफ में एक-एक, तीन मिनट का अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक (पानी पीने का ब्रेक) शुरू किया । इसका आधिकारिक कारण उत्तरी अमेरिका की भीषण गर्मी और उमस में खिलाड़ियों की सेहत का ध्यान रखना बताया गया।
लेकिन डलास में मौजूद दर्शकों को यह फैसला बिल्कुल पसंद नहीं आया। जैसे ही रेफरी ने पहले ब्रेक के लिए सीटी बजाई, पूरे स्टेडियम में इंग्लैंड और क्रोएशिया, दोनों टीमों के समर्थकों ने जोरदार और लगातार हूटिंग शुरू कर दी ।
इस नवाचार की तीखी आलोचना हुई। कई समर्थकों और आलोचकों का मानना है कि खिलाड़ियों की सेहत का बहाना बनाकर, फीफा ने यह ब्रेक सिर्फ इसलिए शुरू किए हैं ताकि मैच को चार हिस्सों में बांटकर विज्ञापनों के लिए ज्यादा मौके बनाए जा सकें । बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापन स्लॉट्स की भारी कीमत का खुलासा होने के बाद समर्थकों का गुस्सा और भड़क गया
। दिलचस्प बात यह है कि दूसरे हाफ में जब इंग्लैंड की बढ़त मजबूत थी, तब हुए हाइड्रेशन ब्रेक पर हूटिंग की आवाजें काफी धीमी हो गई थीं
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तीन अंकों के साथ इस जीत ने इंग्लैंड को ग्रुप एल में शीर्ष पर पहुंचा दिया है। अब निगाहें दूसरे ग्रुप मैच पर टिक गई हैं।
ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला इंग्लैंड पनामा के खिलाफ 27 जून, शनिवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेलेगा ।
यह रोमांचक शुरुआत इस बात का संकेत है कि विश्व कप 2026 में इंग्लैंड का सफर कितने उतार-चढ़ाव भरा होने वाला है।