26 अगस्त 2026 को नेपाल–चीन सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद कई परिवार अपनों की खबर का इंतज़ार कर रहे थे। नेपाल के अनुरोध पर सिंगापुर ने ‘ऑपरेशन वैनगार्ड’ के तहत पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ भेजे। 1 से 18 सितंबर तक तैनात रही इस टीम में कुल 35 सदस्य थे। उसका काम नेपाली अधिकारियों की मदद करना था—राहत अभियान की कमान संभालना नहीं।
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पहचान के लिए किन सबूतों की जाँच हुई?
आपदा में किसी शव की पहचान केवल उसे देखकर तय करना पर्याप्त नहीं होता। टीम ने पोस्टमॉर्टम जाँच, तस्वीरों और उंगलियों के निशानों का रिकॉर्ड तैयार करने तथा उपलब्ध रिकॉर्ड से उनकी तुलना करने में सहयोग किया। काठमांडू में यह प्रयास नेपाल के अधिकारियों के साथ-साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों को भी शामिल करता था।
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सिंगापुर के स्वास्थ्य विज्ञान प्राधिकरण के फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट बेंजामिन कुएक और फॉरेंसिक तकनीकी अधिकारी कैमी टे ने त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के शवगृह में जाँच में हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दाँत और हड्डियों के नमूने लिए और ऐसी विशिष्ट शारीरिक पहचान दर्ज की, जिसकी तुलना परिजनों के विवरण और डीएनए नमूनों से की जा सके।
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उंगलियों के निशान विवाद की स्थिति में भी अहम हो सकते थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब दो परिवारों ने एक ही शव पर दावा किया, तो सिंगापुर की होम टीम साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (HTX) के विशेषज्ञ योंग हेंग वेई को निशानों की तुलना के लिए बुलाया गया।
13 अलग से, सिंगापुर पुलिस ने लापता नौ सिंगापुरी नागरिकों के परिजनों से संदर्भ डीएनए नमूने जुटाए; बरामद शवों की डीएनए जाँच नेपाली अधिकारी कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टें यह स्पष्ट नहीं करतीं कि पहचान प्रक्रिया की हर जाँच किस टीम ने की।
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ड्रोन प्रशिक्षण और अधूरा काम
सिंगापुर की टीम ने दुर्गम बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव के लिए नेपाली अधिकारियों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया और छह ड्रोन उपलब्ध कराए। रिपोर्टों में इस प्रशिक्षण से जुड़ी किसी खास बचाव कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।
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काम का पैमाना बड़ा था: 6 सितंबर को CNA के अनुसार, 4,886 लोग लापता थे या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। हर संभावित पहचान किसी इंतज़ार कर रहे परिवार के लिए मायने रखती थी।
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9 हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टें यह विस्तार से नहीं बतातीं कि टीम ने शारीरिक थकान और मानसिक दबाव से कैसे निपटा। टीम की वापसी के बाद भी नेपाल में पहचान से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान जारी था। सिंगापुर की भविष्य की आपदा प्रक्रियाओं या औपचारिक साझेदारियों में इस अभियान से किसी विशेष बदलाव का दावा भी उपलब्ध साक्ष्यों से पुष्ट नहीं होता।
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