2026 फीफा विश्व कप बड़े पैमाने पर वीज़ा अस्वीकृतियों से प्रभावित है—अमेरिका ने 39 देशों पर यात्रा प्रतिबंध बढ़ाए, जिनमें चार भाग लेने वाले देश शामिल हैं, जबकि कनाडा ने लंदन में अनसुलझे आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए... फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैंटिनो ने बढ़ती आलोचना को काफी हद तक खारिज करते हुए कहा कि संगठन 'अमेरिकी...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What visa controversies have marred the 2026 FIFA World Cup across the U.S., Canada, and Mexico, including the specific cases of Somali refe. Article summary: The 2026 FIFA World Cup has been engulfed in a series of high-profile visa and entry controversies across all three host nations, with the most severe restrictions coming from U.S. immigration policies under the Trump ad. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Somali referee removed from World Cup officials list after US visa denial. Somali referee Omar Abdulkadir Artan will not be participating in the 2026 FIFA World Cup after U.S. au" source context "Somali referee removed from World Cup officials list after US visa ..." Reference image 2: visual subject "# U
2026 फीफा विश्व कप को एक भव्य जश्न माना जा रहा था—यह पहला टूर्नामेंट है जो पूरे तीन देशों में फैला हुआ है। लेकिन इसके बजाय, इस टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले का माहौल वीज़ा अस्वीकृतियों और प्रवेश से इनकार की एक झड़ी से ढका हुआ है, जिसने खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों, फेडरेशन स्टाफ़ और हज़ारों टिकटधारी प्रशंसकों को बाहर कर दिया है। सबसे गंभीर प्रतिबंध संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से आए हैं, लेकिन कनाडा और मैक्सिको—हर एक के अपने अलग-अलग आव्रजन नियम हैं—ने भी भ्रम और बहिष्कार की परतें जोड़ दी हैं, जिससे एक खंडित टूर्नामेंट बन गया है, जिसे आलोचक 'विश्व' कप बिल्कुल नहीं मान रहे हैं ।
सबसे चौंकाने वाला मामला उमर अब्दुलकादिर आर्टन का है, जो एक सोमाली रेफ़री थे और अपने देश से विश्व कप मैच में अंपायरिंग करने वाले पहले व्यक्ति बनकर इतिहास रचने वाले थे। आर्टन विश्व स्तर पर टूर्नामेंट के लिए चुने गए केवल 52 रेफ़रियों में से एक थे और उन्हें 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ रेफ़री नामित किया जा चुका था । वे 6 जून, 2026 को इस्तांबुल से मियामी के लिए रवाना हुए, उनके पास एक वैध अमेरिकी वीज़ा और केन्या में सोमाली दूतावास द्वारा व्यवस्थित किया गया एक राजनयिक पासपोर्ट था
।
मियामी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचने पर, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने उन्हें रोक दिया। अधिकारियों ने 'जाँच संबंधी चिंताओं' का हवाला दिया और बिना विस्तृत सार्वजनिक औचित्य बताए उन्हें अप्रवेश्य घोषित कर दिया । इसमें मुख्य बाधा सोमालिया का ट्रंप प्रशासन की विस्तारित यात्रा प्रतिबंध सूची में शामिल होना था
। अपनी साख के बावजूद, आर्टन को उसी दिन इस्तांबुल वापस भेजने वाली फ्लाइट में बिठा दिया गया। फीफा ने तुरंत उन्हें टूर्नामेंट की सूची से हटा दिया, और कहा कि वह 'मेज़बान देशों की आव्रजन प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करता'
।
सोमालिया में, आर्टन का एक नायक के रूप में स्वागत किया गया। हज़ारों लोग मोगादिशु में उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए, और उनके बहिष्कार की देशभर में व्यापक निंदा हुई । वापस लौटने से पहले इस्तांबुल से एक साक्षात्कार में, आर्टन ने कहा कि वे 'बहुत, बहुत निराश' हैं कि हवाई अड्डे पर ही उनके आजीवन के सपने को कुचल दिया गया
।
एक अलग लेकिन उतना ही विवादास्पद मामला कनाडाई सीमा पर सामने आया। घाना के मिडफील्डर थॉमस पार्टे को कनाडा का वीज़ा देने से मना कर दिया गया, जिससे वे 17 जून को टोरंटो में पनामा के खिलाफ घाना के विश्व कप के पहले मैच से बाहर हो गए । पार्टे अपनी टीम के साथ अमेरिका गए थे और बोस्टन में अपने बेस कैंप में बिना किसी समस्या के प्रशिक्षण ले रहे थे
। हालाँकि, कनाडाई अधिकारियों ने यूनाइटेड किंगडम में अनसुलझी आपराधिक कार्यवाही के आधार पर उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया।
पार्टे पर लंदन में कई आरोप हैं—पाँच बलात्कार और एक यौन उत्पीड़न के, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है । चूँकि आरोपों के परिणामस्वरूप कोई सजा नहीं हुई है, घाना की सरकार ने आधिकारिक विरोध शुरू कर दिया। खेल मंत्री कोफी एडम्स ने इस तर्क को 'कमज़ोर' और 'अत्यधिक अन्यायपूर्ण' बताया, जबकि घाना के विदेश मंत्रालय ने तर्क दिया कि यह फ़ैसला निर्दोषता की धारणा के सिद्धांत के विपरीत है
। फीफा ने पार्टे की अनुपस्थिति की पुष्टि की लेकिन हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जो आर्टन के मामले में उसकी निष्क्रिय मुद्रा को दर्शाता है
।
ईरान का विश्व कप अभियान अमेरिकी वीज़ा को लेकर एक कूटनीतिक खींचतान में उलझ गया। जहाँ अंतिम सूची के सभी 26 खिलाड़ियों को अंततः प्रवेश की अनुमति मिल गई, वहीं एक दर्जन से अधिक सहायक स्टाफ़ और वरिष्ठ फुटबॉल महासंघ के अधिकारियों को शुरू में अस्वीकार कर दिया गया । अस्वीकृत किए गए लोगों में महासचिव हेदायत मोम्बेनी और उपाध्यक्ष मेहदी मोहम्मद नबी शामिल थे, जो ईरान के फुटबॉल प्रशासन के दो सबसे वरिष्ठ व्यक्ति हैं
।
यह विवाद महीनों से सुलग रहा था। नवंबर 2025 में, ईरान ने वाशिंगटन में विश्व कप के ड्रा का बहिष्कार कर दिया था, जब अमेरिका ने महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज और अन्य अधिकारियों को वीज़ा देने से इनकार कर दिया था । जब तक टीम प्री-टूर्नामेंट तैयारी के लिए मैक्सिको पहुँची, तब तक 15 स्टाफ़ सदस्यों के पास अमेरिकी प्रवेश की मंज़ूरी नहीं थी
।
ईरानी अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरान फुटबॉल महासंघ ने अमेरिका पर 'प्रतिशोधपूर्ण व्यवहार' और 'खेल में राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण हस्तक्षेप का सबसे खराब संभव रूप' का आरोप लगाया । फॉरवर्ड मेहदी तारेमी ने कहा कि वीज़ा नीतियाँ 'बहुत तनाव' पैदा कर रही हैं और मेज़बान देश की छवि को नुकसान पहुँचा रही हैं
। 13 जून, 2026 तक, चार ईरानी स्टाफ़ सदस्यों ने अपील जीत ली थी, लेकिन 11 अन्य अभी भी अमेरिकी प्रवेश से वंचित थे
।
वीज़ा उथल-पुथल टीमों और अधिकारियों से कहीं आगे तक फैल गई। बीबीसी के एक विश्लेषण से पता चला कि भाग लेने वाले 48 देशों में से एक चौथाई से अधिक के प्रशंसकों को अमेरिकी स्थानों पर पहुँचने की कोशिश करते समय महत्वपूर्ण वीज़ा अस्वीकृति दर या सीधे यात्रा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा ।
विशेष रूप से, मोरक्को के समर्थकों ने टिकट खरीदने और उड़ानें बुक करने के बावजूद व्यापक अस्वीकृतियों की सूचना दी । ट्रंप प्रशासन के तहत बहाल और विस्तारित अमेरिकी यात्रा प्रतिबंध अब 39 देशों के नागरिकों को प्रभावित करते हैं। इनमें से 19 देशों के लिए, विदेश विभाग ने सभी वीज़ा जारी करने को पूरी तरह से रोक दिया है
। प्रभावित विश्व कप प्रतिभागियों में ईरान, सेनेगल, हैती और आइवरी कोस्ट शामिल हैं—जिसका अर्थ है कि इन देशों के सामान्य प्रशंसकों के पास अमेरिका में मैचों में भाग लेने का लगभग कोई कानूनी रास्ता नहीं था
।
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही, एक आंतरिक विदेश विभाग के निर्देश ने ब्राजील, कोलंबिया और मिस्र सहित प्रमुख फुटबॉल देशों सहित 75 देशों के आवेदकों के लिए वीज़ा प्रसंस्करण को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया, जिससे टिकट धारकों में खलबली मच गई ।
राष्ट्रीय महासंघों, मानवाधिकार समूहों और प्रशंसकों के बढ़ते दबाव का सामना करते हुए, फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैंटिनो ने एक ऐसी प्रतिक्रिया दी जिसे आलोचकों ने अविश्वसनीय रूप से अलग-थलग पाया। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच से ठीक एक दिन पहले, 10 जून को मैक्सिको सिटी में बोलते हुए, इनफैंटिनो ने कहा कि फीफा 'अमेरिकी सरकार को यह आदेश नहीं दे सकता कि वह अपने देश में किसे आने दे' ।
उन्होंने सीधे आर्टन के बहिष्कार को संबोधित किया, इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया, लेकिन जोर देकर कहा कि संगठन के पास आव्रजन निर्णयों को उलटने का कोई प्रभाव नहीं है। वीज़ा विवादों पर उनकी व्यापक सलाह थी कि 'शांत हो जाओ और आराम करो' ('चिल एंड रिलैक्स') । इस टिप्पणी की ईरानी खिलाड़ियों और आव्रजन अधिवक्ताओं ने तत्काल आलोचना की, जिन्होंने बताया कि फीफा ने मेज़बान सरकारों पर सार्वजनिक रूप से दबाव नहीं डाला था कि वे एक वैश्विक टूर्नामेंट की भावना का सम्मान करें
।
जैसा कि कई विश्लेषणों ने नोट किया, अंतर्निहित समस्या संरचनात्मक है। फीफा ने शुरू में कतर के हया कार्ड (Hayya Card) जैसी एक एकीकृत यात्रा प्रणाली पर जोर दिया था, जिसने मान्यता प्राप्त प्रतिभागियों को तीनों मेज़बान देशों के बीच स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति दी होती। अमेरिकी सरकार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिससे प्रशंसकों और टीमों को अलग-अलग वीज़ा व्यवस्थाओं के एक बेतरतीब पैबंद से निपटना पड़ रहा है । इसका परिणाम एक ऐसा विश्व कप है जहाँ सीमा नीति अक्सर मैदान पर खेल से ऊपर हावी हो जाती है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
2026 फीफा विश्व कप बड़े पैमाने पर वीज़ा अस्वीकृतियों से प्रभावित है—अमेरिका ने 39 देशों पर यात्रा प्रतिबंध बढ़ाए, जिनमें चार भाग लेने वाले देश शामिल हैं, जबकि कनाडा ने लंदन में अनसुलझे आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए...
2026 फीफा विश्व कप बड़े पैमाने पर वीज़ा अस्वीकृतियों से प्रभावित है—अमेरिका ने 39 देशों पर यात्रा प्रतिबंध बढ़ाए, जिनमें चार भाग लेने वाले देश शामिल हैं, जबकि कनाडा ने लंदन में अनसुलझे आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए... फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैंटिनो ने बढ़ती आलोचना को काफी हद तक खारिज करते हुए कहा कि संगठन 'अमेरिकी सरकार को यह तय करने का आदेश नहीं दे सकता कि उसे अपने देश में किसे आने देना है' और सभी को 'शांत रहने' की सलाह दी।
ये विवाद इस बात को रेखांकित करते हैं कि तीन देशों की मेज़बानी कैसे एक असंगत आव्रजन बाधाओं का पैबंदकारी ढाँचा तैयार कर सकती है, जिससे वैध टिकट और अधिकारिक मान्यता रखने के बावजूद खिलाड़ी, अधिकारी, और आम प्रशंसक टूर्नामे...