Maybelline का वर्चुअल ट्राई-ऑन: Maybelline, L'Oréal की ModiFace तकनीक को ChatGPT में ही एम्बेड करेगी। इसका मतलब है कि ग्राहक AI से बात करते हुए मेकअप के अलग-अलग लुक्स को वर्चुअली आज़मा सकेंगे। यह सुविधा 2026 की गर्मियों में लॉन्च होने की उम्मीद है ।
GPT-Rosalind से स्किन माइक्रोबायोम का विश्लेषण: L'Oréal, OpenAI द्वारा लाइफ साइंसेज के लिए विकसित एक खास AI मॉडल GPT-Rosalind का उपयोग कर रही है। इसका पहला लक्ष्य La Roche-Posay ब्रांड के लिए त्वचा के माइक्रोबायोम (त्वचा पर मौजूद अरबों बैक्टीरिया) का गहन विश्लेषण करना है, ताकि अगली पीढ़ी के प्राकृतिक और प्रभावी स्किनकेयर प्रोडक्ट्स विकसित किए जा सकें ।
CreAItech से कंटेंट क्रिएशन: OpenAI के नवीनतम मॉडल, L'Oréal की CreAItech मार्केटिंग प्रोडक्शन प्रणाली को शक्ति प्रदान करेंगे। इससे बड़े पैमाने पर ब्यूटी कंटेंट तैयार करने की प्रक्रिया में तेज़ी आएगी। कंपनी के 73,000 से अधिक कर्मचारियों को पहले ही जनरेटिव AI में प्रशिक्षित किया जा चुका है ।
3CE (3 Concept Eyes): यह ब्रांड 2018 से L'Oréal के पोर्टफोलियो का हिस्सा है और सियोल से संचालित होते हुए लिप्स, ब्लश और आईशैडो जैसी मुख्य श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित कर वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है । वर्तमान में यह नौ देशों में उपलब्ध है
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Dr.G: L'Oréal ने 2024-2025 में स्विस खुदरा समूह Migros से Dr.G (गोवूंसेसांग कॉस्मेटिक्स के माध्यम से) का अधिग्रहण पूरा किया । अप्रैल 2026 में, कंपनी ने Dr.G के वैश्विक विस्तार का नेतृत्व करने के लिए एक नया जनरल मैनेजर नियुक्त किया
। इसके अलावा, L'Oréal ने Dr.G पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने के लिए ब्रांड के अन्य सेकेंडरी ब्रांड्स (Vividraw और Heals) को बंद करने का फैसला किया है
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इस तरह L'Oréal के पास अब K-ब्यूटी में दोहरी रणनीति है — 3CE कलर कॉस्मेटिक्स में और Dr.G डर्मेटोलॉजिकल स्किनकेयर में। कोरिया को कंपनी एक प्रमुख इनोवेशन हब और वैश्विक विकास इंजन के रूप में देखती है ।
यह साझेदारी किसी बड़े AI प्लेटफॉर्म को ब्यूटी कंपनी के संचालन में शामिल करने का अब तक का सबसे गहरा एकीकरण है। प्रोडक्ट डिस्कवरी और वर्चुअल ट्राई-ऑन को सीधे ChatGPT के अंदर लाकर, L'Oréal इस बात पर दांव लगा रही है कि बातचीत पर आधारित AI (conversational AI) भविष्य में खरीदारी का मुख्य ज़रिया बन जाएगा। साथ ही, GPT-Rosalind का उपयोग यह संकेत देता है कि AI अब सिर्फ मार्केटिंग तक सीमित नहीं, बल्कि स्किनकेयर फॉर्मूलेशन के मूल विज्ञान में भी क्रांति लाएगा।