PYTH का अनलॉक सिर्फ डॉलर वैल्यू में बड़ा नहीं है, बल्कि यह प्रोजेक्ट की मौजूदा सर्कुलेटिंग सप्लाई के मुकाबले भी काफी बड़ा माना जा रहा है। उपलब्ध डेटा के अनुसार 2.13 अरब PYTH टोकन का यह रिलीज लगभग 36.96% सर्कुलेटिंग सप्लाई के बराबर हो सकता है, हालांकि अलग‑अलग डेटा स्रोतों में यह प्रतिशत थोड़ा बदल सकता है।
ऐसे बड़े अनलॉक इसलिए महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि वे:
डॉलर के हिसाब से देखें तो 20 मई के अनलॉक क्लस्टर का लगभग 70% हिस्सा PYTH का है, इसलिए बाजार की सबसे ज्यादा नजर इसी टोकन पर रहती है।
20 मई का यह इवेंट अकेला नहीं है। 18–24 मई के बीच कुल मिलाकर $205 मिलियन से अधिक के टोकन अनलॉक होने वाले हैं।
उदाहरण के तौर पर:
क्योंकि PYTH, ZRO और KAITO तीनों का अनलॉक एक ही दिन हो रहा है, इसलिए 20 मई पूरे हफ्ते का सबसे बड़ा सप्लाई इवेंट बन जाता है और कुल अनलॉक वैल्यू का लगभग दो‑तिहाई हिस्सा इसी दिन आता है।
टोकन अनलॉक का मतलब यह नहीं कि कीमत तुरंत गिर जाएगी। लेकिन इससे ट्रेडेबल सप्लाई बढ़ जाती है, और अगर मांग उतनी तेज़ न बढ़े तो कीमत पर दबाव आ सकता है।
ट्रेडर अक्सर इन कारणों से सतर्क रहते हैं:
इसी वजह से विश्लेषक ऐसे बड़े क्लस्टर को सामान्य वेस्टिंग इवेंट की बजाय संभावित शॉर्ट‑टर्म वोलैटिलिटी इवेंट मानते हैं।
आमतौर पर कुछ घंटों या कुछ दिनों के भीतर यह स्पष्ट होने लगता है कि बाजार नई सप्लाई को कैसे संभाल रहा है।
कीमत का व्यवहार: यदि टोकन प्रमुख सपोर्ट लेवल बनाए रखते हैं तो इसका मतलब मांग सप्लाई को absorb कर रही है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम: ज्यादा वॉल्यूम और स्थिर कीमत अक्सर मजबूत खरीदारी दिखाता है।
एक्सचेंज इनफ्लो: बड़े पैमाने पर टोकन का एक्सचेंज पर ट्रांसफर संभावित बिक्री का संकेत हो सकता है।
डेरिवेटिव डेटा: फंडिंग रेट और ओपन इंटरेस्ट से पता चलता है कि ट्रेडर शॉर्ट पोज़िशन ले रहे हैं या हेजिंग कर रहे हैं।
बाजार की व्यापक स्थिति: यदि Bitcoin और Ethereum मजबूत रहते हैं तो नई सप्लाई को बाजार आसानी से absorb कर सकता है; कमजोर बाजार में उतार‑चढ़ाव बढ़ सकता है।
20 मई का टोकन अनलॉक क्लस्टर मुख्य रूप से PYTH के लगभग $95.7M रिलीज के कारण चर्चा में है, जो LayerZero और Kaito के साथ मिलकर $136M से अधिक की नई सप्लाई बनाता है।
हालांकि बड़े अनलॉक अक्सर सेल प्रेशर की आशंका बढ़ाते हैं, लेकिन असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार नई सप्लाई को कितनी जल्दी absorb करता है। यदि कीमतें मजबूत वॉल्यूम के साथ स्थिर रहती हैं, तो दबाव सीमित रह सकता है—लेकिन अगर मांग कमजोर रही, तो कम समय के लिए वोलैटिलिटी बढ़ना संभव है।
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