यूनानी साइबर सुरक्षा शोधकर्ता वेंजेलिस स्टाइकास ने उत्तर कोरियाई हैकर्स के सर्वर तक पहुंच बनाकर 22 महीने तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। उन्होंने पाया कि 57 देशों की 1,640 कंपनियों को उत्तर कोरियाई हैकर्स ने अपना निशाना बनाया। हैकर्स ने 'कॉन्टेजियस इंटरव्यू' नामक सोशल इंजीनियरिंग अभियान के तहत नौकरी के झूठे ऑफर देकर...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What scale of global breaches did Greece-based cybersecurity researcher Vangelis Stykas uncover by infiltrating North Korean hackers' comman. Article summary: Here are the key findings from Vangelis Stykas's investigation, as presented at Black Hat 2026.. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual
एक यूनानी साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने करीब दो साल तक दुनिया के सबसे खतरनाक राज्य-प्रायोजित हैकिंग ऑपरेशन में से एक के अंदरूनी कामकाज को करीब से देखा। उन्होंने कोई अत्याधुनिक जीरो-डे एक्सप्लॉइट इस्तेमाल नहीं किया—उत्तर कोरियाई हैकर्स ने खुद ही अपने मैलवेयर से अपने सिस्टम को संक्रमित कर लिया था, जिससे वेंजेलिस स्टाइकास को भारी पैमाने पर चल रहे ग्लोबल ब्रीच अभियान की पूरी जानकारी मिल गई।
अगस्त 2026 में लास वेगास में आयोजित ब्लैक हैट सुरक्षा सम्मेलन में, साइबर सुरक्षा फर्म कुमियो के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) स्टाइकास ने उत्तर कोरिया के वैश्विक हैकिंग अभियान का अब तक का सबसे विस्तृत सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। यहाँ उनके निष्कर्ष हैं।
22 महीनों में, स्टाइकास ने उत्तर कोरियाई कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वर से निकाले गए लगभग 5 टेराबाइट डेटा का विश्लेषण किया। सबूतों ने 57 देशों में 1,640 संगठनों के साथ छेड़छाड़ का संकेत दिया
।
सभी घुसपैठ एक जैसी नहीं थीं। स्टाइकास ने अनुमान लगाया कि 700 से 800 पीड़ितों को उन्होंने "वास्तव में नुकसानदेह" घुसपैठ का शिकार बताया । ऐसे गंभीर मामलों में, हमलावरों ने प्राप्त किया:
स्टाइकास ने सार्वजनिक रूप से लगभग एक दर्जन संगठनों के नाम बताए, जिन्होंने या तो खुलासे की प्रक्रिया को अच्छी तरह से संभाला या स्वतंत्र रूप से ब्रीच का पता लगा लिया था । उनमें शामिल हैं:
यह अभियान बहुत व्यापक था, जिसने दर्जनों देशों में प्रौद्योगिकी फर्मों, वित्तीय संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और सरकारी निकायों को निशाना बनाया ।
प्राथमिक प्रवेश विधि एक सोशल इंजीनियरिंग अभियान थी, जिसे स्टाइकास ने "कॉन्टेजियस इंटरव्यू" (संक्रामक साक्षात्कार) नाम दिया । उत्तर कोरियाई हैकर्स लिंक्डइन जैसे प्रोफेशनल नेटवर्क पर खुद को कॉरपोरेट रिक्रूटर के रूप में पेश करते थे। वे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को आकर्षक नौकरी के ऑफर देकर और नकली इंटरव्यू के दौरान, उन्हें मैलवेयर से युक्त कोडिंग टेस्ट, पीडीएफ या अन्य फाइलें डाउनलोड करने के लिए बरगलाते थे
।
एक बार जब किसी एक ठेकेदार या कर्मचारी के डिवाइस से समझौता हो जाता था, तो हमलावर कॉरपोरेट नेटवर्क में प्रवेश कर जाते थे। कुछ मामलों में, उत्तर कोरियाई आईटी कर्मचारी धोखाधड़ी वाली रिमोट नौकरी के माध्यम से सीधे कंपनियों में घुसपैठ करते थे ।
स्टाइकास ने किसी जटिल घुसपैठ के जरिए नहीं, बल्कि इसलिए पहुंच प्राप्त की क्योंकि उत्तर कोरियाई हैकर्स ने गलती से अपने ही वर्कस्टेशन को अपने मैलवेयर से संक्रमित कर लिया । परिचालन सुरक्षा की इस विफलता ने स्टाइकास को उनके कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वर तक पहुंच प्रदान की। वहां से, उन्होंने उनके आंतरिक स्लैक और डिस्कॉर्ड चैनलों तक पहुंच बनाई, चुराए गए डेटा को खंगाला, और डेवलपर कुंजियाँ, सोर्स कोड और आंतरिक संचार निकाले
।
उन्होंने बिना पकड़े जाए 22 महीने तक चुपचाप उनके संचालन की निगरानी की ।
ब्लैक हैट में, स्टाइकास ने खुलासा किया :
स्टाइकास के निष्कर्ष आधुनिक कॉरपोरेट सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण कमजोरी को रेखांकित करते हैं: रिमोट कॉन्ट्रैक्टर्स पर निर्भरता और भर्ती प्रक्रिया का ही हमले की सतह के रूप में उपयोग। वे इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि राज्य-प्रायोजित हैकिंग समूह वर्षों तक चौंकाने वाली संख्या में ब्रीच कैसे छिपा सकते हैं—जो पहले ज्ञात था, उससे कहीं अधिक।
यह तथ्य कि एक व्यक्तिगत शोधकर्ता लगभग दो वर्षों तक एक राष्ट्र-राज्य के हैकिंग तंत्र में घुसपैठ कर सकता है और उसकी निगरानी कर सकता है, उत्तर कोरियाई साइबर इकाइयों के भीतर महत्वपूर्ण परिचालन सुरक्षा अंतराल का भी सुझाव देता है ।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
यूनानी साइबर सुरक्षा शोधकर्ता वेंजेलिस स्टाइकास ने उत्तर कोरियाई हैकर्स के सर्वर तक पहुंच बनाकर 22 महीने तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।
यूनानी साइबर सुरक्षा शोधकर्ता वेंजेलिस स्टाइकास ने उत्तर कोरियाई हैकर्स के सर्वर तक पहुंच बनाकर 22 महीने तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। उन्होंने पाया कि 57 देशों की 1,640 कंपनियों को उत्तर कोरियाई हैकर्स ने अपना निशाना बनाया।
हैकर्स ने 'कॉन्टेजियस इंटरव्यू' नामक सोशल इंजीनियरिंग अभियान के तहत नौकरी के झूठे ऑफर देकर कर्मचारियों को मैलवेयर डाउनलोड करने के लिए फंसाया।