क्रिप्टो लेन‑देन एक बार हो जाने पर वापस नहीं लिया जा सकता, इसलिए ऐसे मामलों में पैसा तुरंत खो सकता है।
Ripple के CTO और XRP Ledger के प्रमुख आर्किटेक्ट डेविड श्वार्ट्ज ने मई 2026 में XRP समुदाय को चेतावनी दी कि XRPL उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाने वाले स्कैम “बहुत तेजी से बढ़ गए हैं।”
उन्होंने बताया कि हमलावर कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे:
Ripple ने बार‑बार स्पष्ट किया है कि कंपनी कभी भी उपयोगकर्ताओं से पहले XRP भेजने के लिए नहीं कहती ताकि बदले में ज्यादा टोकन मिल सकें — यह क्रिप्टो स्कैम का एक आम तरीका है।
कुछ मामलों में अपराधियों ने Ripple अधिकारियों की AI‑जनित नकली वीडियो भी फैलाए हैं, जिनमें कथित रिवॉर्ड प्रोग्राम या टोकन वितरण का प्रचार किया जाता है।
सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि स्कैम अब अधिक पेशेवर और विश्वसनीय दिखते हैं। साधारण फ़िशिंग ईमेल की जगह अब AI आधारित सामाजिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल हो रहा है।
आम तौर पर देखे जाने वाले तरीके:
क्योंकि ये हमले तकनीकी चालों और मनोवैज्ञानिक दबाव दोनों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए अनुभवी उपयोगकर्ता भी इनके झांसे में आ सकते हैं।
आधिकारिक डेटा भी इस बढ़ते जोखिम की पुष्टि करता है:
हालांकि विभिन्न रिपोर्टों के अनुमान अलग‑अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यापक रुझान साफ है: क्रिप्टो निवेशक तेजी से परिष्कृत स्कैम का प्रमुख लक्ष्य बन रहे हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञ और एक्सचेंज कुछ बुनियादी सावधानियों की सलाह देते हैं:
अगर कोई ऑफर बहुत जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाए या “बहुत अच्छा” लगे, तो पहले स्वतंत्र रूप से उसकी पुष्टि करें।
Bithumb और Ripple CTO डेविड श्वार्ट्ज की चेतावनियां एक बड़े रुझान की ओर इशारा करती हैं: AI ने साइबर अपराध को तेज, सस्ता और अधिक विश्वसनीय बना दिया है।
डीपफेक वीडियो, आवाज़ क्लोनिंग और स्वचालित फ़िशिंग अभियानों के जरिए अपराधी बड़े पैमाने पर लोगों को निशाना बना सकते हैं। जैसे‑जैसे डिजिटल एसेट का उपयोग बढ़ता है, वैसे‑वैसे सुरक्षा जागरूकता और सावधानीपूर्वक वॉलेट प्रबंधन निवेश रणनीति जितना ही महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
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