31 मई, 2026 को चीन ने स्कारबोरो शोल के पास नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बलों की संयुक्त गश्त की, जिसे उसने 'अधिकारों के उल्लंघन और उकसाने वाली कार्रवाइयों' का मुकाबला बताया [1][2]। फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टिओडोरो जूनियर ने शांगरी ला डायलॉग में रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप शी शिखर वार्ता के बावजूद चीन से 'गंभीर खत...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What recent military and coast guard patrols did China conduct near Scarborough Shoal, what warning did Philippine Defense Secretary Gilbert. Article summary: Here is a concise breakdown of the events at the 2026 Shangri-La Dialogue and their backdrop.. Topic tags: general, general web, user generated, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A People's Liberation Army Navy troop stands on the deck of navy ship during an open day of Stonecutters Island naval base, in Hong Kong, China, on June 30, 2019. (Photo: Reuters)" source context "China patrols Scarborough Shoal after Philippines…" Reference image 2: visual subject "The patrols came a day after Philippine Defense Secretary Gilberto Teodoro Jr. said Manila remained under threat from Beijing despite signs of" s
दक्षिण चीन सागर में बढ़ता तनाव एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। सिंगापुर में आयोजित 2026 के शांगरी-ला डायलॉग (Shangri-La Dialogue) में मनीला की कड़ी चेतावनी और बीजिंग की ताज़ा सैन्य गतिविधियों ने यह साफ कर दिया कि यह क्षेत्र अब भी एशिया का सबसे बड़ा संभावित टकराव बिंदु बना हुआ है। महज़ एक सप्ताहांत में, फिलीपींस ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों में सुधार के बावजूद चीन से 'गंभीर खतरा' बना हुआ है, और इसके अगले ही दिन बीजिंग ने स्कारबोरो शोल के पास नई सैन्य गश्त का ऐलान कर दिया।
31 मई, 2026 को चीन की सेना और तटरक्षक बल ने दक्षिण चीन सागर में स्कारबोरो शोल के पास गश्त करने की घोषणा की । पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की दक्षिणी थिएटर कमान ने अपने बयान में कहा कि उसकी नौसेना और वायु इकाइयों ने इस एटोल (मूंगे की चट्टान से बना द्वीप-समूह) के 'प्रादेशिक जल और वायु क्षेत्र' और आसपास के इलाकों में युद्धक तैयारी की गश्त की
। वहीं, चीन के तटरक्षक बल ने अलग से पुष्टि की कि उसने भी उसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था लागू करने वाली गश्त की है
।
चीनी अधिकारियों ने इन अभियानों को 'सभी प्रकार के अधिकार-उल्लंघन और उकसाने वाली कार्रवाइयों का मुकाबला करने का प्रभावी उपाय' बताया । यह गश्त उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जो 2025 और 2026 के दौरान और तेज़ हुई है। एशिया मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव (AMTI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 की तुलना में 2025 में चीन ने स्कारबोरो शोल पर अपनी तटरक्षक गश्त के दिन दोगुने से भी अधिक कर दिए थे
। उस साल 352 दिन गश्त दर्ज की गई, जिसे विश्लेषकों ने स्कारबोरो और पास के सबीना शोल पर बीजिंग के फोकस में एक 'बड़ा बदलाव' बताया
।
चीन की यह गश्त फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टिओडोरो जूनियर द्वारा शांगरी-ला डायलॉग में एक स्पष्ट चेतावनी दिए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई। 30 मई को इस सुरक्षा मंच से इतर रॉयटर्स से बात करते हुए, टिओडोरो ने कहा कि फिलीपींस अब भी चीन से 'गंभीर रूप से खतरे' (severe threat) में है । सबसे अहम बात यह थी कि उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हालिया शिखर वार्ता के बाद अमेरिका-चीन तनाव में आई नरमी के बावजूद यह आकलन नहीं बदला है
।
टिओडोरो ने माना कि अमेरिका और चीन जैसी बड़ी शक्तियों के लिए तनाव कम करने की कोशिश करना स्वाभाविक है, उन्होंने कहा, "जब वे रक्षा के मामले में बराबरी पर होते हैं, तो सम्मान और समायोजन की क्षमता आती है, क्योंकि दोनों देशों में गहराई है" । लेकिन मनीला के लिए, दक्षिण चीन सागर की ज़मीनी हकीकत में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्कारबोरो शोल पर 2012 से चीन का वास्तविक नियंत्रण है, और वहां लगातार जल तोपों की टकराव, तैरते अवरोध (फ्लोटिंग बैरियर) और लगभग रोज़ाना की जाने वाली तटरक्षक गश्त जारी है
।
उसी दिन जब टिओडोरो ने अपनी चेतावनी दी, अमेरिकी युद्ध सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ ने भी शांगरी-ला डायलॉग को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के बोझ के मूलभूत पुनर्संतुलन का आह्वान किया । हेगसेथ ने एशियाई सहयोगियों से चीन की बढ़ती शक्ति का मुकाबला करने के लिए सैन्य खर्च बढ़ाने का आग्रह किया और चीन के तीव्र सैन्य विस्तार पर 'उचित चिंता' (rightful alarm) की चेतावनी दी
।
उन्होंने ट्रंप प्रशासन की इस अपेक्षा को स्पष्ट रूप से रखा कि सहयोगी और साझेदार देश अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.5% रक्षा व्यय पर लगाएं । हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका अपनी सेना पर 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करेगा और उसे उम्मीद है कि अमीर साझेदार अनिश्चित काल तक अमेरिकी सैन्य शक्ति पर निर्भर रहने के बजाय 'सच्चे भागीदारों की तरह जिम्मेदारी को अपनाएंगे'
। उन्होंने इसे एक ऐसे प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित करने की मूल रणनीति बताया जो किसी एक प्रभावशाली शक्ति के वर्चस्व से मुक्त हो
।
उनकी टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि हालांकि वाशिंगटन अपने गठबंधनों के नेटवर्क के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन सहयोगियों के लिए एक 'अस्थिर बैसाखी' का युग—जहां अमेरिकी करदाताओं पर सुरक्षा का असमान बोझ था—अब समाप्त होना चाहिए ।
शांगरी-ला डायलॉग की ये घटनाएं स्कारबोरो शोल और व्यापक दक्षिण चीन सागर पर दशकों से चले आ रहे संघर्ष का हिस्सा हैं। यह शोल, जिसे फिलीपींस में पनाटाग शोल और चीन में हुआंगयान दाओ के नाम से जाना जाता है, फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर आता है, लेकिन बीजिंग इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा करता है । 2012 के गतिरोध के बाद से, यह स्थान चीन के वास्तविक नियंत्रण में है, जहां चीनी तटरक्षक बल लगातार मौजूदगी बनाए रखता है और पहुंच को नियंत्रित करता है
।
यह अनसुलझा संप्रभुता विवाद अब तक सभी कूटनीतिक सफलताओं को चकमा दे चुका है। 2016 में फिलीपींस के पक्ष में स्थायी मध्यस्थता अदालत (Permanent Court of Arbitration) का वह फैसला—जिसने चीन के नौ-डैश रेखा (nine-dash line) के दावे को खारिज कर दिया था—बीजिंग द्वारा अब भी मान्यता प्राप्त नहीं है। इस बीच, दक्षिण चीन सागर के लिए एक बाध्यकारी आचार संहिता (Code of Conduct) पर आसियान (ASEAN) और चीन के बीच बातचीत अभी भी रुकी हुई है।
2026 के शांगरी-ला डायलॉग ने तनाव कम करने की कूटनीतिक भाषा और गश्त और खतरे की चेतावनियों की परिचालन हकीकत के बीच की बड़ी खाई को साफ दिखाया। टिओडोरो का यह सार्वजनिक बयान कि ट्रंप-शी शिखर वार्ता के बाद भी चीन अब भी एक 'गंभीर खतरा' बना हुआ है, मनीला के इस आकलन को दर्शाता है कि महाशक्तियों के बीच मेल-मिलाप का मतलब छोटे दावेदार देशों के लिए स्वतः ही दबाव कम होना नहीं है।
जैसा कि डायलॉग के बाद की गश्त ने साबित किया, स्कारबोरो शोल का गतिरोध समाधान की ओर बढ़ती हुई कोई समस्या नहीं है। यह एक पुराना टकराव बिंदु है जो दुनिया के सबसे विवादित जल क्षेत्रों में से एक में खतरे की धारणाओं, सैन्य मुद्राओं और गठबंधन की मांगों को आकार देता जा रहा है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
31 मई, 2026 को चीन ने स्कारबोरो शोल के पास नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बलों की संयुक्त गश्त की, जिसे उसने 'अधिकारों के उल्लंघन और उकसाने वाली कार्रवाइयों' का मुकाबला बताया [1][2]।
31 मई, 2026 को चीन ने स्कारबोरो शोल के पास नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बलों की संयुक्त गश्त की, जिसे उसने 'अधिकारों के उल्लंघन और उकसाने वाली कार्रवाइयों' का मुकाबला बताया [1][2]। फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टिओडोरो जूनियर ने शांगरी ला डायलॉग में रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप शी शिखर वार्ता के बावजूद चीन से 'गंभीर खतरा' बरकरार है [18][19][20]।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चीन के सैन्य विस्तार पर 'उचित चिंता' जताते हुए सहयोगियों से सुरक्षा का बोझ साझा करने और रक्षा खर्च को जीडीपी का 3.5% करने का आग्रह किया [34][35][38]।