कंपनी की सीईओ पाउला वीनामाकी, जो पहले नोकिया और माइक्रोसॉफ्ट में निदेशक रह चुकी हैं और इस तकनीक को बाजार में लाने के लिए विशेष रूप से VTT से जुड़ी थीं, के अनुसार टीम अगले छह महीनों के भीतर प्रोसेस इंडस्ट्रीज और ग्रिड एप्लीकेशन में पहले व्यावसायिक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का लक्ष्य बना रही है ।
इस तकनीक का मूल विज्ञान फिनलैंड के तकनीकी अनुसंधान केंद्र (VTT) में विकसित हुआ था। वैज्ञानिक ओटो-विले काउकोनिमी और वेसा कुन्नारी इस बात की जांच कर रहे थे कि क्या नैनोसेल्यूलोज का उपयोग बायोकार्बन को एक कार्यशील ऊर्जा भंडारण संरचना में बांधने के लिए किया जा सकता है । इस सफलता ने VTT लॉन्चपैड (VTT LaunchPad) कार्यक्रम के माध्यम से एक औपचारिक स्पिनआउट कंपनी को जन्म दिया। VTT लॉन्चपैड एक इनक्यूबेटर है, जिसे खास तौर पर डीप-टेक अनुसंधान को निवेश योग्य कंपनियों में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है
। Granarium ने वर्ष 2024 की चौथी तिमाही तक अपनी स्पिनआउट प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा था और अब यह VTT से लाइसेंस प्राप्त आईपी के साथ एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम कर रही है
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पारंपरिक सुपरकैपेसिटर का निर्माण बेहद महंगा होता है, जिसकी एक बड़ी वजह यह है कि वे ऊंची कीमत वाली और सीमित खनिज सामग्रियों पर निर्भर करती हैं। Granarium ने इन सामग्रियों को वन उद्योग के उप-उत्पादों जैसे बहुतायत में उपलब्ध, सस्ते और नवीकरणीय विकल्पों से बदल दिया है। कंपनी का दावा है कि उसकी यह विधि पारंपरिक तरीकों की तुलना में उत्पादन पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को 80% तक कम कर सकती है ।
चूंकि यह तकनीक खनन और आयातित कच्चे माल पर निर्भरता पूरी तरह खत्म कर देती है, इसलिए यह उत्पादन को अस्थिर कमोडिटी कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली रुकावटों से भी बचाती है । लागत का यह लाभ सुपरकैपेसिटर को ग्रिड-स्केल एप्लीकेशन के लिए व्यवहार्य बनाने में अहम है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से प्रति किलोवाट-घंटा कीमत के मामले में लिथियम-आयन बैटरियों का पलड़ा भारी रहा है। Granarium का दृष्टिकोण सुपरकैपेसिटर को एक पूरक तकनीक के रूप में स्थापित करता है, खासकर उन छोटी अवधि और उच्च-शक्ति वाली जरूरतों के लिए जिन्हें बैटरियां कुशलतापूर्वक पूरा नहीं कर पातीं।
कंपनी का शुरुआती उत्पाद 50 से 100 kWh क्षमता की स्टोरेज इकाइयों पर केंद्रित है, जो ग्रिड स्थिरता के लिए तत्काल, उच्च-शक्ति डिस्चार्ज प्रदान करती हैं । सुपरकैपेसिटर बहुत तेजी से चार्ज और डिस्चार्ज होने में माहिर होती हैं, जो उन्हें फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स और फास्ट-रिजर्व पावर जैसे कार्यों के लिए आदर्श बनाती है। ये कार्य अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि सौर और पवन ऊर्जा बिजली नेटवर्कों में अधिक अस्थिरता ला रही हैं।
Granarium के उपकरण मिलीसेकंड के पैमाने पर संतुलन प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, ताकि सब-सेकंड के उन उतार-चढ़ावों को संभाला जा सके जिन्हें बैटरियां कुशलतापूर्वक नहीं संभाल सकतीं । कंपनी अपनी सुपरकैपेसिटर को लंबी अवधि की बैटरी स्टोरेज के पूरक के रूप में पेश करती है, जो महत्वपूर्ण औद्योगिक संचालनों में 24/7 विश्वसनीयता और पावर-क्वालिटी सपोर्ट की खाई को पाटने का काम करेगी
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यूरोपीय संघ ने खासकर हाल की आपूर्ति श्रृंखला के झटकों और गैस बाजार के व्यवधानों के बाद, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को एक रणनीतिक प्राथमिकता बना लिया है। Granarium की तकनीक विकेंद्रीकृत और स्थानीय रूप से उत्पादित ऊर्जा भंडारण को सक्षम करके इस लक्ष्य का समर्थन करती है, जो कि आयातित कच्चे माल पर निर्भर नहीं है ।
घरेलू वन और कृषि अपशिष्ट से सुपरकैपेसिटर का निर्माण करने की क्षमता न केवल ग्रिड बुनियादी ढांचे को मजबूत करती है, बल्कि एक सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों के अनुरूप भी है । जीवाश्म-ईंधन आधारित बैकअप पावर और आयातित बैटरी खनिजों पर निर्भरता कम करके, यह तकनीक एक अधिक लचीली और आत्मनिर्भर यूरोपीय ऊर्जा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करती है। एक ऐसी प्रणाली, जहां ग्रिड स्थिरता के लिए कच्चा माल सचमुच इस क्षेत्र के जंगलों में उगता है।
इस तकनीक की खूबसूरती यह है कि यह न केवल भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का हल पेश करती है, बल्कि लकड़ी के कचरे जैसी चीजों को एक मूल्यवान संसाधन में बदलकर "कचरे से कंचन" बनाने की कहावत को भी चरितार्थ करती है।
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