इस विवादास्पद मानचित्र को हिजबुल्लाह ने इज़राइल की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं का सबूत बताते हुए, 10 अगस्त को लेबनान सरकार से इज़राइल के साथ चल रही प्रत्यक्ष वार्ता को तुरंत रोकने की मांग की । हिजबुल्लाह पहले भी ऐसी वार्ताओं का विरोध करता रहा है। जून में ही उसने 4 जून की युद्धविराम योजना को 'आत्मसमर्पण' बताकर ठुकरा दिया था । वाशिंगटन और रोम में लेबनान और इज़राइल के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं, लेकिन हिजबुल्लाह ने हमेशा उनका विरोध किया है ।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इज़राइली अधिकारी बार-बार कह चुके हैं कि जब तक हिजबुल्लाह सशस्त्र है, इज़राइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा । मई के अंत में नेतन्याहू ने कहा था कि सेना 'अपने अभियान को गहरा कर रही है' । जून में, इज़राइल ने आधिकारिक तौर पर एक विस्तारित 'सुरक्षा क्षेत्र' का नक्शा जारी किया, जो लेबनान की सीमा से लगभग 10 किमी (6 मील) अंदर तक फैला हुआ है और 570-600 वर्ग किमी (लेबनान का लगभग 6%) को कवर करता है । इज़राइली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे अमेरिका के साथ दीर्घकालिक तैनाती की शर्तों पर बातचीत कर रहे हैं । किसी भी तरह की वापसी की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है।