मई 2026 में फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार लूस के अनावरण के बाद मिलान स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 8.4% टूट गए, जिससे निवेशकों की लगभग €4–5 बिलियन की पूंजी साफ हो गई। आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या इसकी डिजाइन और ब्... फेरारी के पूर्व चेयरमैन लुका कॉर्डेरो दी मोंटेजेमोलो ने करारा प्रहार करते हुए कहा कि इस कार से '...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What recent controversy surrounding Ferrari's first fully electric vehicle, the Luce, led to a sharp drop in Ferrari's stock price and criti. Article summary: Here is a concise breakdown of the controversy and the Lamborghini CEO's response.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Shares of Ferrari fell sharply on Tuesday after the company unveiled its new Luce model, its first fully electric car." source context "Ferrari shares fall after luxury carmaker launches first full EV" Reference image 2: visual subject "Shares of Ferrari fell sharply on Tuesday after the company unveiled its new Luce model, its first fully electric car." source context "Ferrari shares fall after luxury carmaker launches first full EV" Style: premiu
जब फेरारी ने आखिरकार मई 2026 में अपनी बहुप्रतीक्षित पहली पूर्ण इलेक्ट्रिक कार, लूस (Luce) से पर्दा उठाया, तो उसे उम्मीद थी कि वह ऑटोमोटिव जगत में तहलका मचा देगी। लेकिन हुआ इसका उल्टा—इसने शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया। इस इटैलियन ब्रांड की पहली ईवी ने निवेशकों का ऐसा गुस्सा भड़काया कि कुछ ही घंटों में अरबों रुपये स्वाहा हो गए और कंपनी के पूर्व चेयरमैन ने सार्वजनिक रूप से ऐसी खरी-खोटी सुनाई जो इतिहास में दर्ज हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ फेरारी को गहरा घाव दिया, बल्कि उसके सबसे कट्टर प्रतिद्वंद्वी लेम्बोर्गिनी के एक पुराने और विवादास्पद फैसले को भी पूरी तरह सही साबित कर दिया।
फेरारी के मिलान शेयर बाजार में सूचीबद्ध शेयर लूस के अनावरण के अगले ही दिन 8.4% लुढ़क गए, जबकि अमेरिकी बाजार के शेयरों में करीब 5.3% की गिरावट देखी गई । विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बिकवाली ने चंद घंटों में फेरारी के बाजार पूंजीकरण से करीब €4–5 बिलियन (लगभग 36,000-45,000 करोड़ रुपये) का सफाया कर दिया
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वित्तीय बाजारों की यह प्रतिक्रिया गाड़ी की परफॉर्मेंस या बिक्री के आंकड़ों पर नहीं थी। यह विद्रोह सीधे-सीधे एक असहज सवाल पर केंद्रित था: क्या फेरारी ने अपनी आत्मा खो दी है? आलोचकों और निवेशकों ने खुलकर सवाल उठाए कि क्या लूस ब्रांड की ऐतिहासिक पहचान और विरासत के प्रति सच्ची है। एक शेयरधारक पोर्टफोलियो मैनेजर ने शेयरों में गिरावट को एक "सौंदर्यपरक निराशा" का नतीजा बताया, जो इलेक्ट्रिक मॉडलों की श्रृंखला के विस्तार को लेकर पहले से मौजूद "गंभीर चिंताओं" के बाद आई है ।
सोशल मीडिया ने भी इस नकारात्मकता में घी डालने का काम किया। लोगों ने गाड़ी के डिजाइन की जमकर खिंचाई की। एक सामान्य प्रतिक्रिया थी, "यह तो बिल्कुल भी फेरारी जैसी नहीं दिखती। क्या इसे ही 'इनोवेशन' कहते हैं?" । कुछ ही दिनों में यह विवाद इटली में एक राष्ट्रीय बहस बन गया, जिसमें राजनेताओं से लेकर वित्तीय विश्लेषकों तक सभी ने आलोचना की
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सबसे गहरा वार फेरारी के अपने ही नेतृत्व वंश से हुआ। 1991 से 2014 तक फेरारी के चेयरमैन रहे और कंपनी को फॉर्मूला 1 के स्वर्णिम दशकों में नेतृत्व देने वाले लुका कॉर्डेरो दी मोंटेजेमोलो (Luca Cordero di Montezemolo) ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसकी गूंज पूरे उद्योग में सुनाई दी ।
रोम में एक व्यापार सम्मेलन से इतर बात करते हुए, मोंटेजेमोलो शुरुआत में हिचकिचाए: "अगर मैं अपने मन की बात कहूं, तो फेरारी का नुकसान करूंगा।" लेकिन फिर उन्होंने अपनी बात कह ही दी । उन्होंने चेतावनी दी कि लूस "एक किंवदंती के विनाश" का जोखिम पैदा करती है और यहां तक कि उन्होंने इस गाड़ी से उड़ता घोड़ा (प्रैंसिंग हॉर्स) का लोगो हटाने का सुझाव भी दे दिया
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उनकी सबसे जहरीली पंक्ति एक बुलडोजर की तरह उतरी: "कम से कम चीनी लोग इस कार की नकल तो नहीं करेंगे" । इस बयान में एक दमदार इशारा छिपा था — डिजाइन इतना अनोखा और आकांक्षापूर्ण नहीं था कि कोई उसकी नकल करने की सोचे। एक ऐसे ब्रांड के लिए, जिसकी पूरी कीमत ही लोगों की चाहत पर टिकी है, इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता था।
मोंटेजेमोलो की व्यापक आलोचना ने सीधे फेरारी की विद्युतीकरण रणनीति पर हमला किया। उन्होंने इस शैलीगत और दार्शनिक बदलाव को ब्रांड की ऐतिहासिक पहचान के लिए एक जोखिम बताया और जो हो रहा है उस पर गहरी व्यक्तिगत उदासी जताई ।
लूस की इस तबाही से तीन महीने पहले, लेम्बोर्गिनी के सीईओ स्टीफन विंकेलमैन (Stephan Winkelmann) ने एक ऐसा फैसला लिया था जो उस समय अतिरंजित सावधानी जैसा लग रहा था। उन्होंने आधिकारिक तौर पर लैंज़ाडोर (Lanzador) को रद्द कर दिया था, जो एक हाई-राइडिंग इलेक्ट्रिक 2+2 जीटी कॉन्सेप्ट था और जिसे 2029 तक लेम्बोर्गिनी की पहली बैटरी-इलेक्ट्रिक प्रोडक्शन कार बनना था ।
यह कदम अपनी स्पष्टता में चौंकाने वाला था। 'संडे टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में, विंकेलमैन ने ईवी विकास को ब्रांड के लिए "एक महंगा शौक" करार दिया और बताया कि लेम्बोर्गिनी के ग्राहकों में बैटरी-चालित कारों के लिए "स्वीकार्यता वक्र लगभग शून्य" के करीब है । उनका तर्क था कि मूल समस्या भावनात्मक है। उन्होंने सुपरकार अनुभव को परिभाषित करने वाली आवाज, कंपन और यांत्रिक नाटकीयता का जिक्र करते हुए कहा, "ईवी, अपने मौजूदा स्वरूप में, इस विशिष्ट भावनात्मक जुड़ाव को देने में असमर्थ हैं"
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उस समय, कुछ पर्यवेक्षकों ने सवाल किया कि क्या लेम्बोर्गिनी पिछड़ रही है। फेरारी लूस के साथ पूरी ताकत से आगे बढ़ रही थी, और पूरा उद्योग विद्युतीकरण को एक अनिवार्यता के रूप में देख रहा था। लेकिन जब लूस ने बाजार में हड़कंप और सार्वजनिक उपहास का रूप धारण किया, तो विंकेलमैन का फैसला झिझक कम और दूरदर्शिता ज्यादा लगने लगा ।
उद्योग की टिप्पणियों ने लेम्बोर्गिनी के कदम को एक रणनीतिक शानदार चाल के रूप में पुनर्परिभाषित किया। लूस विवाद ने क्रूर स्पष्टता के साथ प्रदर्शित कर दिया कि एक पूर्ण-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन उस ब्रांड के लिए एक बोझ बन सकता है, जिसके ग्राहक "दिल से खरीदारी करते हैं, CO₂ कैलकुलेटर से नहीं" । जो पहले सतर्कता लग रही थी, अब वह अनुशासन दिखने लगी, और फेरारी की महत्वाकांक्षा को लापरवाही के रूप में देखा जाने लगा।
विंकेलमैन को "मैंने पहले ही कहा था" कहने की जरूरत नहीं पड़ी। बाजार ने उनके लिए यह कह दिया। लेम्बोर्गिनी पहले ही अपने विद्युतीकरण रोडमैप को प्लग-इन हाइब्रिड की ओर मोड़ चुकी थी, जिससे आंतरिक-दहन भावनात्मक कोर को संरक्षित करते हुए उत्सर्जन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके । लूस की नकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस तर्क को बल दिया कि केवल बैटरी से चलने वाले पावरट्रेन पर छलांग लगाने के बजाय यह हाइब्रिड मध्य मार्ग, अल्ट्रा-लग्जरी परफॉर्मेंस ब्रांडों के लिए ऊर्जा संक्रमण को संभालने का सही तरीका है
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ईवी पर फेरारी और लेम्बोर्गिनी का बंटवारा लूस के लॉन्च से एक साल पहले से पक रहा था। फरवरी 2026 में, लेम्बोर्गिनी ने सार्वजनिक रूप से लैंज़ाडोर के समाप्त होने की पुष्टि कर दी थी और दशक के अंत तक अपनी पूरी लाइनअप में पूर्ण प्लग-इन हाइब्रिडाइजेशन की रणनीति की ओर रुख कर लिया था । इसके विपरीत, फेरारी ने 40% पूर्ण-इलेक्ट्रिक बिक्री के अपने शुरुआती लक्ष्य को भले ही थोड़ा कम कर दिया, लेकिन लूस को बाजार में उतारने के लिए प्रतिबद्ध रही
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यह विचलन अति-धनी खरीदारों को लेकर दो मौलिक रूप से अलग अवधारणाओं को दर्शाता था। फेरारी ने दांव लगाया कि उसका ब्रांड जादू पावरट्रेन तकनीक से परे है—कि एक फेरारी ईवी आखिरकार एक फेरारी ही होगी। लेम्बोर्गिनी ने दांव लगाया कि जादू यांत्रिकी से अविभाज्य है—कि इंजन हटाने का मतलब सार खत्म कर देना है।
लूस लॉन्च के बाद के हालात ने सबूत का बोझ बदल दिया। लेम्बोर्गिनी की स्थिति—कि "ग्राहक हमारी कारों को परिवहन के रूप में नहीं, बल्कि एक सपने के रूप में खरीदते हैं"—ने एक व्यावसायिक रणनीति के रूप में विश्वसनीयता हासिल कर ली, न कि सिर्फ एक रोमांटिक भावना के रूप में । दूसरी ओर, फेरारी ने खुद को न केवल एक कार के डिजाइन बल्कि एक मूक उड़ते घोड़े (साइलेंट प्रैंसिंग हॉर्स) के पूरे आधार का बचाव करते हुए पाया।
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मई 2026 में फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार लूस के अनावरण के बाद मिलान स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 8.4% टूट गए, जिससे निवेशकों की लगभग €4–5 बिलियन की पूंजी साफ हो गई। आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या इसकी डिजाइन और ब्...
मई 2026 में फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार लूस के अनावरण के बाद मिलान स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 8.4% टूट गए, जिससे निवेशकों की लगभग €4–5 बिलियन की पूंजी साफ हो गई। आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या इसकी डिजाइन और ब्... फेरारी के पूर्व चेयरमैन लुका कॉर्डेरो दी मोंटेजेमोलो ने करारा प्रहार करते हुए कहा कि इस कार से 'एक किंवदंती के नष्ट होने' का खतरा है। उनका सबसे तीखा तंज था, "कम से कम चीनी लोग इस कार की नकल तो नहीं करेंगे" [19][29][31]।
इस असफल लॉन्च ने लेम्बोर्गिनी के सीईओ स्टीफन विंकेलमैन के उस फैसले को मजबूती दी, जिसमें उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपनी पहली ईवी लैंज़ाडोर को रद्द कर दिया था। विंकेलमैन का तर्क था कि एक ऑल इलेक्ट्रिक पावरट्रेन सुपरकार...