यह कदम केवल क्रिएटर्स को रोकने के लिए दिया जाने वाला बोनस नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि YouTube अब क्रिएटर-आधारित प्रोग्रामिंग को ऐसी प्रीमियम सामग्री मान रहा है, जिसे वह खुद फंड और सुरक्षित करना चाहता है—खासकर तब, जब Netflix ऑनलाइन सितारों और वीडियो पॉडकास्ट को अपनी स्ट्रीमिंग रणनीति का हिस्सा बना रहा है।
लंबे समय तक YouTube का मुख्य आकर्षण डिस्ट्रीब्यूशन, विज्ञापन से होने वाली कमाई और विशाल दर्शक पहुंच रहा। अब रिपोर्टों में सामने आए प्रस्ताव पारंपरिक मीडिया कंपनियों वाला एक और तरीका जोड़ते हैं: किसी तय अवधि तक कंटेंट को प्रतिस्पर्धी सेवा पर उपलब्ध न होने देने के बदले सीधे भुगतान।
तत्काल दबाव Netflix की उस कोशिश से आया है, जिसमें वह YouTube पर पहले से लोकप्रिय क्रिएटर्स और उनके दर्शकों को अपनी स्ट्रीमिंग सेवा पर लाना चाहता है। Netflix ने कथित तौर पर ऐसे समझौतों की तलाश की है, जिनमें क्रिएटर्स एक ही प्रोग्राम YouTube और Netflix पर एक साथ प्रकाशित करें। YouTube इसे अपने प्लेटफॉर्म के व्यूज़ और दर्शकों के समय के लिए खतरा मानता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, Netflix के साथ एक साथ कंटेंट जारी करने वाले चैनलों को YouTube की ओर से कुछ मार्केटिंग कैंपेन, इवेंट या ब्रांड-डील सपोर्ट कम मिलने का जोखिम भी हो सकता है।
यहीं इस बदलाव का महत्व है। पहले की रिपोर्टेड स्थिति में YouTube कथित तौर पर उन क्रिएटर्स को सीधे भुगतान करने के लिए तैयार नहीं था, जो Netflix का प्रस्ताव ठुकरा देते थे। अब प्लेटफॉर्म खुद भुगतान की चर्चा कर रहा है, ताकि क्रिएटर्स Netflix से दूर रहें। हालांकि उपलब्ध स्रोत इस पुराने रुख का पूरा दस्तावेजी इतिहास नहीं देते, इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि YouTube की मौजूदा रणनीति पहले के मुकाबले स्पष्ट रूप से बदलती दिख रही है।
Netflix का मॉडल एक जैसा नहीं है। उसकी रणनीति में कम जोखिम वाली लाइसेंसिंग से लेकर कई प्रोजेक्ट वाली एक्सक्लूसिव टैलेंट पार्टनरशिप तक शामिल हैं।
नॉन-एक्सक्लूसिव समझौते में Netflix किसी स्थापित YouTuber के वीडियो या वीडियो-कलेक्शन अपनी सेवा पर दिखा सकता है, जबकि क्रिएटर YouTube पर नए वीडियो प्रकाशित करना जारी रखता है। रिपोर्टों में Ms. Rachel और Mark Rober जैसे क्रिएटर्स के साथ इस तरह के मॉडल का उल्लेख किया गया है।
इस व्यवस्था से Netflix को पहचाने जाने वाले क्रिएटर्स और उनकी मौजूदा ऑडियंस तक पहुंच मिलती है, लेकिन क्रिएटर को उस प्लेटफॉर्म को छोड़ना नहीं पड़ता जहां उसने अपना दर्शक आधार बनाया है। दर्शकों के लिए भी इसका अर्थ है कि कंटेंट YouTube पर मुफ्त उपलब्ध रह सकता है और साथ ही Netflix पर भी देखा जा सकता है।
Netflix के लिए यह एक कम जोखिम वाला परीक्षण भी है। कंपनी पहले देख सकती है कि YouTube पर लोकप्रिय क्रिएटर-कंटेंट उसकी स्ट्रीमिंग सेवा पर दर्शकों की नियमित सहभागिता में बदलता है या नहीं।
Jordan Matter और उनकी बेटी Salish Matter के साथ Netflix का समझौता केवल पुराने वीडियो का कैटलॉग लाइसेंस नहीं है। Netflix के अनुसार, यह जोड़ी स्क्रिप्टेड, अनस्क्रिप्टेड और एनिमेटेड सीरीज़ सहित ओरिजिनल प्रोजेक्ट्स विकसित, प्रोड्यूस और उनमें अभिनय करेगी। नए प्रोजेक्ट्स Netflix के लिए एक्सक्लूसिव होंगे।
Tubefilter के अनुसार, समझौते की घोषणा के समय इस पिता-पुत्री जोड़ी के YouTube पर 3.5 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर और हर महीने 30 करोड़ से ज्यादा व्यूज़ थे। यही पैमाना बताता है कि Netflix इसे केवल वीडियो खरीदने का सौदा नहीं, बल्कि टैलेंट और फ्रेंचाइज़ में बड़ा निवेश मान रहा है।
Netflix और Spotify ने Jay Shetty के वीडियो पॉडकास्ट On Purpose के लिए बहुवर्षीय समझौता किया है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 100 मिलियन डॉलर तक का हो सकता है। हालांकि Netflix और Spotify ने समझौते की पुष्टि की, लेकिन इसकी रकम की पुष्टि नहीं की।
इसके तहत नए वीडियो एपिसोड YouTube से हटकर Netflix और Spotify पर उपलब्ध हुए। यह वीडियो पॉडकास्ट में YouTube की स्थिति को सीधी चुनौती है। यहां एक्सक्लूसिविटी का मतलब केवल शो का नया ठिकाना बदलना नहीं है—दर्शकों को नए एपिसोड देखने के लिए दूसरी सेवाओं पर जाना होगा।
जब दो बड़ी सेवाएं एक ही दर्शक समूह और क्रिएटर के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, तो लोकप्रिय क्रिएटर्स की सौदेबाजी की ताकत बढ़ती है। वे केवल विज्ञापन से होने वाली अनिश्चित कमाई पर निर्भर रहने के बजाय अग्रिम भुगतान, प्रोडक्शन फंडिंग, न्यूनतम गारंटी, प्रमोशन, बेहतर रेवेन्यू शेयर और कंटेंट के स्वामित्व से जुड़ी सुरक्षा मांग सकते हैं।
लेकिन इसका लाभ सभी क्रिएटर्स को बराबर नहीं मिलेगा। YouTube की बातचीत चुनिंदा बड़े या कुछ गिने-चुने क्रिएटर्स तक सीमित बताई गई है, पूरी क्रिएटर इकॉनमी तक नहीं। इससे उन बड़े चैनलों और बाकी विशाल संख्या में मौजूद छोटे क्रिएटर्स के बीच अंतर और बढ़ सकता है, जो अब भी सामान्य मोनेटाइजेशन टूल्स पर निर्भर हैं।
एक्सक्लूसिविटी से प्लेटफॉर्म को रिलीज़ विंडो, डिस्कवरी, दर्शक डेटा और ऑडियंस के साथ क्रिएटर के रिश्ते पर अधिक नियंत्रण भी मिल सकता है। यानी क्रिएटर को अधिक पैसा मिल सकता है, लेकिन वह उस सेवा पर अधिक निर्भर भी हो सकता है जो उसके कंटेंट का वितरण नियंत्रित करती है।
दर्शकों को कंटेंट तक पहुंच के लिए अधिक बिखरा हुआ डिजिटल अनुभव मिल सकता है। नॉन-एक्सक्लूसिव लाइसेंसिंग से उपलब्धता बढ़ती है, लेकिन एक्सक्लूसिव डील्स में नए एपिसोड देखने के लिए Netflix या Spotify की सदस्यता जरूरी हो सकती है। On Purpose के मामले में रिपोर्टों के अनुसार, नए वीडियो एपिसोड YouTube पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापनदाताओं के लिए भी समीकरण बदल सकता है। जब कोई लोकप्रिय प्रोग्राम YouTube जैसे विज्ञापन-समर्थित प्लेटफॉर्म से सब्सक्रिप्शन सेवा पर चला जाता है, तो YouTube पर उपलब्ध विज्ञापन इन्वेंटरी और क्रिएटर-आधारित ब्रांड इंटीग्रेशन कम या नए रूप में दिखाई दे सकते हैं। YouTube की प्रस्तावित रेवेन्यू-शेयरिंग और ब्रांड-डील प्रोत्साहन दिखाते हैं कि प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा में विज्ञापन अब भी केंद्रीय भूमिका निभा रहा है, भले ही क्रिएटर्स को सीधे भुगतान बढ़ रहा हो।
मुख्य सवाल यह है कि क्या यह मॉडल पूरे क्रिएटर बाजार का नया मानक बनेगा या फिर कुछ चुनिंदा बड़े चैनलों को बचाने के लिए YouTube का रक्षात्मक कदम ही रहेगा। फिलहाल उपलब्ध प्रमाण एक तेज होती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करते हैं। प्लेटफॉर्म अब क्रिएटर्स को केवल ट्रैफिक का स्रोत नहीं, बल्कि ऐसी प्रीमियम प्रोग्रामिंग मान रहे हैं जिसे फंड, पैकेज और सुरक्षित करना जरूरी है।
इस दौड़ में शुरुआती तौर पर सबसे अधिक फायदा बड़े क्रिएटर्स को मिल सकता है। लेकिन अंतिम संतुलन इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने बौद्धिक संपदा अधिकार, दर्शकों तक सीधी पहुंच और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काम करने की स्वतंत्रता कितनी बचा पाते हैं।
यह कदम केवल क्रिएटर्स को रोकने के लिए दिया जाने वाला बोनस नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि YouTube अब क्रिएटर-आधारित प्रोग्रामिंग को ऐसी प्रीमियम सामग्री मान रहा है, जिसे वह खुद फंड और सुरक्षित करना चाहता है—खासकर तब, जब Netflix ऑनलाइन सितारों और वीडियो पॉडकास्ट को अपनी स्ट्रीमिंग रणनीति का हिस्सा बना रहा है।
लंबे समय तक YouTube का मुख्य आकर्षण डिस्ट्रीब्यूशन, विज्ञापन से होने वाली कमाई और विशाल दर्शक पहुंच रहा। अब रिपोर्टों में सामने आए प्रस्ताव पारंपरिक मीडिया कंपनियों वाला एक और तरीका जोड़ते हैं: किसी तय अवधि तक कंटेंट को प्रतिस्पर्धी सेवा पर उपलब्ध न होने देने के बदले सीधे भुगतान।
तत्काल दबाव Netflix की उस कोशिश से आया है, जिसमें वह YouTube पर पहले से लोकप्रिय क्रिएटर्स और उनके दर्शकों को अपनी स्ट्रीमिंग सेवा पर लाना चाहता है। Netflix ने कथित तौर पर ऐसे समझौतों की तलाश की है, जिनमें क्रिएटर्स एक ही प्रोग्राम YouTube और Netflix पर एक साथ प्रकाशित करें। YouTube इसे अपने प्लेटफॉर्म के व्यूज़ और दर्शकों के समय के लिए खतरा मानता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, Netflix के साथ एक साथ कंटेंट जारी करने वाले चैनलों को YouTube की ओर से कुछ मार्केटिंग कैंपेन, इवेंट या ब्रांड-डील सपोर्ट कम मिलने का जोखिम भी हो सकता है।
यहीं इस बदलाव का महत्व है। पहले की रिपोर्टेड स्थिति में YouTube कथित तौर पर उन क्रिएटर्स को सीधे भुगतान करने के लिए तैयार नहीं था, जो Netflix का प्रस्ताव ठुकरा देते थे। अब प्लेटफॉर्म खुद भुगतान की चर्चा कर रहा है, ताकि क्रिएटर्स Netflix से दूर रहें। हालांकि उपलब्ध स्रोत इस पुराने रुख का पूरा दस्तावेजी इतिहास नहीं देते, इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि YouTube की मौजूदा रणनीति पहले के मुकाबले स्पष्ट रूप से बदलती दिख रही है।
Netflix का मॉडल एक जैसा नहीं है। उसकी रणनीति में कम जोखिम वाली लाइसेंसिंग से लेकर कई प्रोजेक्ट वाली एक्सक्लूसिव टैलेंट पार्टनरशिप तक शामिल हैं।
नॉन-एक्सक्लूसिव समझौते में Netflix किसी स्थापित YouTuber के वीडियो या वीडियो-कलेक्शन अपनी सेवा पर दिखा सकता है, जबकि क्रिएटर YouTube पर नए वीडियो प्रकाशित करना जारी रखता है। रिपोर्टों में Ms. Rachel और Mark Rober जैसे क्रिएटर्स के साथ इस तरह के मॉडल का उल्लेख किया गया है।
इस व्यवस्था से Netflix को पहचाने जाने वाले क्रिएटर्स और उनकी मौजूदा ऑडियंस तक पहुंच मिलती है, लेकिन क्रिएटर को उस प्लेटफॉर्म को छोड़ना नहीं पड़ता जहां उसने अपना दर्शक आधार बनाया है। दर्शकों के लिए भी इसका अर्थ है कि कंटेंट YouTube पर मुफ्त उपलब्ध रह सकता है और साथ ही Netflix पर भी देखा जा सकता है।
Netflix के लिए यह एक कम जोखिम वाला परीक्षण भी है। कंपनी पहले देख सकती है कि YouTube पर लोकप्रिय क्रिएटर-कंटेंट उसकी स्ट्रीमिंग सेवा पर दर्शकों की नियमित सहभागिता में बदलता है या नहीं।
Jordan Matter और उनकी बेटी Salish Matter के साथ Netflix का समझौता केवल पुराने वीडियो का कैटलॉग लाइसेंस नहीं है। Netflix के अनुसार, यह जोड़ी स्क्रिप्टेड, अनस्क्रिप्टेड और एनिमेटेड सीरीज़ सहित ओरिजिनल प्रोजेक्ट्स विकसित, प्रोड्यूस और उनमें अभिनय करेगी। नए प्रोजेक्ट्स Netflix के लिए एक्सक्लूसिव होंगे।
Tubefilter के अनुसार, समझौते की घोषणा के समय इस पिता-पुत्री जोड़ी के YouTube पर 3.5 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर और हर महीने 30 करोड़ से ज्यादा व्यूज़ थे। यही पैमाना बताता है कि Netflix इसे केवल वीडियो खरीदने का सौदा नहीं, बल्कि टैलेंट और फ्रेंचाइज़ में बड़ा निवेश मान रहा है।
Netflix और Spotify ने Jay Shetty के वीडियो पॉडकास्ट On Purpose के लिए बहुवर्षीय समझौता किया है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 100 मिलियन डॉलर तक का हो सकता है। हालांकि Netflix और Spotify ने समझौते की पुष्टि की, लेकिन इसकी रकम की पुष्टि नहीं की।
इसके तहत नए वीडियो एपिसोड YouTube से हटकर Netflix और Spotify पर उपलब्ध हुए। यह वीडियो पॉडकास्ट में YouTube की स्थिति को सीधी चुनौती है। यहां एक्सक्लूसिविटी का मतलब केवल शो का नया ठिकाना बदलना नहीं है—दर्शकों को नए एपिसोड देखने के लिए दूसरी सेवाओं पर जाना होगा।
जब दो बड़ी सेवाएं एक ही दर्शक समूह और क्रिएटर के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, तो लोकप्रिय क्रिएटर्स की सौदेबाजी की ताकत बढ़ती है। वे केवल विज्ञापन से होने वाली अनिश्चित कमाई पर निर्भर रहने के बजाय अग्रिम भुगतान, प्रोडक्शन फंडिंग, न्यूनतम गारंटी, प्रमोशन, बेहतर रेवेन्यू शेयर और कंटेंट के स्वामित्व से जुड़ी सुरक्षा मांग सकते हैं।
लेकिन इसका लाभ सभी क्रिएटर्स को बराबर नहीं मिलेगा। YouTube की बातचीत चुनिंदा बड़े या कुछ गिने-चुने क्रिएटर्स तक सीमित बताई गई है, पूरी क्रिएटर इकॉनमी तक नहीं। इससे उन बड़े चैनलों और बाकी विशाल संख्या में मौजूद छोटे क्रिएटर्स के बीच अंतर और बढ़ सकता है, जो अब भी सामान्य मोनेटाइजेशन टूल्स पर निर्भर हैं।
एक्सक्लूसिविटी से प्लेटफॉर्म को रिलीज़ विंडो, डिस्कवरी, दर्शक डेटा और ऑडियंस के साथ क्रिएटर के रिश्ते पर अधिक नियंत्रण भी मिल सकता है। यानी क्रिएटर को अधिक पैसा मिल सकता है, लेकिन वह उस सेवा पर अधिक निर्भर भी हो सकता है जो उसके कंटेंट का वितरण नियंत्रित करती है।
दर्शकों को कंटेंट तक पहुंच के लिए अधिक बिखरा हुआ डिजिटल अनुभव मिल सकता है। नॉन-एक्सक्लूसिव लाइसेंसिंग से उपलब्धता बढ़ती है, लेकिन एक्सक्लूसिव डील्स में नए एपिसोड देखने के लिए Netflix या Spotify की सदस्यता जरूरी हो सकती है। On Purpose के मामले में रिपोर्टों के अनुसार, नए वीडियो एपिसोड YouTube पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापनदाताओं के लिए भी समीकरण बदल सकता है। जब कोई लोकप्रिय प्रोग्राम YouTube जैसे विज्ञापन-समर्थित प्लेटफॉर्म से सब्सक्रिप्शन सेवा पर चला जाता है, तो YouTube पर उपलब्ध विज्ञापन इन्वेंटरी और क्रिएटर-आधारित ब्रांड इंटीग्रेशन कम या नए रूप में दिखाई दे सकते हैं। YouTube की प्रस्तावित रेवेन्यू-शेयरिंग और ब्रांड-डील प्रोत्साहन दिखाते हैं कि प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा में विज्ञापन अब भी केंद्रीय भूमिका निभा रहा है, भले ही क्रिएटर्स को सीधे भुगतान बढ़ रहा हो।
मुख्य सवाल यह है कि क्या यह मॉडल पूरे क्रिएटर बाजार का नया मानक बनेगा या फिर कुछ चुनिंदा बड़े चैनलों को बचाने के लिए YouTube का रक्षात्मक कदम ही रहेगा। फिलहाल उपलब्ध प्रमाण एक तेज होती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करते हैं। प्लेटफॉर्म अब क्रिएटर्स को केवल ट्रैफिक का स्रोत नहीं, बल्कि ऐसी प्रीमियम प्रोग्रामिंग मान रहे हैं जिसे फंड, पैकेज और सुरक्षित करना जरूरी है।
इस दौड़ में शुरुआती तौर पर सबसे अधिक फायदा बड़े क्रिएटर्स को मिल सकता है। लेकिन अंतिम संतुलन इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने बौद्धिक संपदा अधिकार, दर्शकों तक सीधी पहुंच और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काम करने की स्वतंत्रता कितनी बचा पाते हैं।