यह मामला किसी डेटा लीक का नहीं, बल्कि इस बात का है कि Uber ने अपने प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों के काम करने के अधिकार को प्रभावित करने वाले फैसले कैसे लिए। नीदरलैंड के डेटा संरक्षण प्राधिकरण—जिसे AP कहा जाता है—के अनुसार, Uber ने यूरोपीय ड्राइवरों के अकाउंट निलंबित या निष्क्रिय करने के लिए स्वचालित सिस्टम का इस्तेमाल किया, लेकिन ड्राइवरों को यह पर्याप्त रूप से नहीं बताया कि फैसले एल्गोरिदम की मदद से लिए जा रहे हैं। उन्हें फैसले की मानवीय समीक्षा और उसे चुनौती देने का प्रभावी अवसर भी नहीं मिला। यह निर्णय 2020 से 2022 के बीच के आचरण से जुड़ा है।
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जुर्माने की वजह क्या थी?
मामले का केंद्र Uber का वह सॉफ्टवेयर था जो ड्राइवरों के अकाउंट से जुड़े फैसले लेता था—ऐसे फैसले जिनका सीधा असर इस बात पर पड़ सकता था कि ड्राइवर प्लेटफॉर्म के जरिए कमाई कर पाएगा या नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सिस्टम का इस्तेमाल धोखाधड़ी के संदेह वाले ड्राइवरों और कम ग्राहक रेटिंग वाले ड्राइवरों के खिलाफ किया गया।
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धोखाधड़ी के संदेह के उदाहरणों में असामान्य रूप से लंबी यात्राएं शामिल थीं। ऐसा पैटर्न यह संकेत दे सकता था कि ड्राइवर किराया बढ़ाने के लिए जानबूझकर अनावश्यक लंबा रास्ता ले रहा है। इसी तरह, किसी ऐसी राइड को स्वीकार करना जिसे ड्राइवर पूरा करने का इरादा नहीं रखता था, भी सिस्टम के लिए संदेह का संकेत हो सकता था। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टें यह बताती हैं कि Uber का सिस्टम ऐसे व्यवहारों का पता लगाने के लिए बनाया गया था; वे यह स्वतंत्र रूप से साबित नहीं करतीं कि हर संदिग्ध ड्राइवर ने वास्तव में ऐसा किया था।
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AP की आपत्ति सिर्फ इस बात पर नहीं थी कि Uber ने किन संकेतों पर कार्रवाई की। नियामक की मुख्य चिंता प्रक्रिया को लेकर भी थी। किसी ड्राइवर का अकाउंट निलंबित या बंद होना उसकी आय पर गंभीर असर डाल सकता है। AP ने कहा कि ड्राइवरों को स्वचालित निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में ठीक से नहीं बताया गया और उन्हें पर्याप्त मानवीय हस्तक्षेप या फैसले को चुनौती देने का व्यावहारिक रास्ता नहीं मिला।
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GDPR में एल्गोरिदम से लिए गए फैसलों पर क्या नियम हैं?
यूरोपीय संघ का General Data Protection Regulation यानी GDPR ऐसे फैसलों पर सीमाएं लगाता है जो पूरी तरह स्वचालित डेटा-प्रोसेसिंग पर आधारित हों और किसी व्यक्ति पर कानूनी या इसी तरह का महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हों। ऐसे मामलों में सुरक्षा उपायों में सार्थक मानवीय हस्तक्षेप और फैसले को चुनौती देने का अवसर शामिल हो सकता है।
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इसी वजह से Uber का मामला महत्वपूर्ण है। विवाद यह नहीं है कि किसी प्लेटफॉर्म को संदिग्ध गतिविधि पहचानने के लिए सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या कोई प्लेटफॉर्म किसी एल्गोरिदम को यह तय करने दे सकता है कि ड्राइवर काम करने की क्षमता खो दे—बिना स्पष्ट सूचना, वास्तविक मानवीय समीक्षा और पुनर्विचार मांगने के प्रभावी तरीके के।
€825 मिलियन का यह जुर्माना GDPR के तहत दूसरा सबसे बड़ा जुर्माना बताया जा रहा है। इससे बड़ा €1.2 बिलियन का जुर्माना 2023 में आयरलैंड के नियामक ने Meta पर लगाया था। Meta का मामला यूरोपीय Facebook उपयोगकर्ताओं के डेटा को अमेरिका भेजने से जुड़ा था, इसलिए दोनों मामलों में कथित उल्लंघन अलग हैं। फिर भी, दोनों फैसले यूरोप में बड़ी टेक कंपनियों पर डेटा-सुरक्षा कानून लागू कराने की सख्ती दिखाते हैं।
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Uber ने क्या जवाब दिया?
Uber ने AP के निष्कर्षों को खारिज किया है और जुर्माने को अनुपातहीन बताया है। कंपनी का कहना है कि उसके सिस्टम कानूनी थे और उन पर मानवीय निगरानी मौजूद थी; Uber के अनुसार प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित नहीं थी। यह स्थिति नियामक के उस आकलन से सीधे टकराती है जिसमें ड्राइवरों के निलंबन और अकाउंट बंद करने की प्रक्रिया में पर्याप्त मानवीय भूमिका नहीं मानी गई।
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Uber ने यह भी तर्क दिया है कि कम ग्राहक रेटिंग के कारण अकाउंट बंद किए जाने वाले ड्राइवरों की संख्या बहुत कम थी। Reuters के अनुसार, कंपनी ने 2021 में यूरोप में ऐसे 126 ड्राइवरों का आंकड़ा दिया। यह संख्या Uber द्वारा अपने बचाव में पेश किया गया तर्क है; उपलब्ध सामग्री में इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित नियामकीय निष्कर्ष के रूप में नहीं बताया गया है।
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इस विवाद में आगे दो सवाल अहम रहेंगे: संबंधित फैसलों में वास्तव में कितनी मानवीय भागीदारी थी, और क्या वह भागीदारी GDPR के तहत ‘सार्थक समीक्षा’ के मानक को पूरा करती थी। उपलब्ध रिपोर्टों से यह तय नहीं होता कि अपील या अदालत इन सवालों का समाधान कैसे करेगी।
फ्रांस की शिकायत के बावजूद मामला नीदरलैंड में क्यों चला?
मामला ड्राइवरों की शिकायतों से शुरू हुआ था, जिनमें फ्रांस से आई शिकायत भी शामिल थी। इसके बावजूद जांच और कार्रवाई नीदरलैंड के डेटा संरक्षण प्राधिकरण AP ने की। रिपोर्टों में इसे Uber के यूरोपीय संचालन से जुड़ा सीमा-पार GDPR मामला बताया गया है।
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उपलब्ध स्रोतों में यह पर्याप्त विस्तार से नहीं बताया गया है कि नीदरलैंड को प्रमुख नियामक के रूप में चुनने का सटीक कानूनी आधार क्या था। इसलिए इस क्षेत्राधिकार के सवाल को किसी एक अपुष्ट कारण से समझाना उचित नहीं होगा। इतना स्पष्ट है कि AP ने यूरोपीय ड्राइवर अकाउंट से जुड़े फैसलों की जांच की और 2020–22 की अवधि के संबंध में जुर्माना लगाया।
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अब आगे क्या होगा?
Uber ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा। इसलिए €825 मिलियन की राशि अंतिम रूप से देय होगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है।
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प्रभावित ड्राइवर अलग से मुआवजे का दावा भी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें यह साबित करना होगा कि GDPR का उल्लंघन हुआ, उस उल्लंघन के कारण उनका अकाउंट निलंबित या बंद हुआ और उन्हें विशिष्ट आर्थिक नुकसान हुआ। उपलब्ध साक्ष्यों से यह पता नहीं चलता कि किसी ड्राइवर को मुआवजा मिल चुका है या भविष्य के ऐसे दावे सफल होंगे।
इस मामले का बड़ा सबक सिर्फ जुर्माने की रकम तक सीमित नहीं है। प्लेटफॉर्म संदिग्ध गतिविधि पहचानने के लिए स्वचालित सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन जब कोई फैसला किसी व्यक्ति की आजीविका पर सीधा असर डालता हो, तो पारदर्शिता और ऐसी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है जिसका इस्तेमाल वास्तव में किया जा सके। Uber की अपील यह स्पष्ट करने में मदद कर सकती है कि ‘एल्गोरिदम जोखिम पहचानता है और इंसान निगरानी करते हैं’—इस दावे को GDPR के तहत पर्याप्त कब माना जाएगा।