कानूनी काम हमेशा सवाल पूछने और जवाब पाने तक सीमित नहीं होता। कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, ड्यू डिलिजेंस, सबूतों का विश्लेषण और मुकदमे से जुड़ी सहायता जैसे कामों में AI को लंबे समय तक संदर्भ बनाए रखना, कई चरणों में निर्णय लेना और बड़ी संख्या में दस्तावेज़ों को खंगालना पड़ सकता है। Tenet को इसी तरह के लंबे-अवधि वाले, एजेंटिक वर्कफ़्लो के लिए तैयार किया गया है।
इसके पीछे कारोबारी वजह भी थी। Harvey पहले Anthropic, OpenAI और Google जैसी कंपनियों के थर्ड-पार्टी फाउंडेशन मॉडलों पर निर्भर होकर अलग-अलग कामों को अलग प्रणालियों तक भेजता था। अपना विशेषीकृत मॉडल होने से वह अपने मुख्य कानूनी कामों पर गुणवत्ता सुधारने और बाहरी मॉडल API पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर सकता है।
Tenet शुरुआत से प्रशिक्षित किया गया कोई नया, सामान्य-उद्देश्य वाला फाउंडेशन मॉडल नहीं है। यह एक मौजूदा ओपन-वेट मॉडल—रिपोर्टों के अनुसार Moonshot AI का Kimi K3—को कानूनी तर्क और कानूनी वर्कफ़्लो के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण देकर बनाया गया विशेषीकृत मॉडल है।
रिपोर्ट किए गए प्रशिक्षण में इन चीज़ों का इस्तेमाल हुआ:
वकीलों की भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण है। कानूनी विशेषज्ञता केवल दस्तावेज़ों का संग्रह नहीं होती; इसमें यह परखना भी शामिल है कि किसी व्याख्या, बातचीत की रणनीति या बहु-चरणीय विश्लेषण का तर्क सही है या नहीं। वकीलों द्वारा परिदृश्य तैयार करने और मॉडल के जवाबों का मूल्यांकन करने से Harvey को वास्तविक कानूनी काम के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और जांच डेटा मिला।
Harvey का कहना है कि Tenet प्रमुख कानूनी बेंचमार्क पर “फ्रंटियर-लेवल” प्रदर्शन करता है और संबंधित कामों में अग्रणी सामान्य AI मॉडलों के बराबर है।
कंपनी के तकनीकी अपडेट के अनुसार, Tenet ने बेस Kimi K3 की तुलना में अलग रखे गए Legal Agent Benchmark यानी LAB के लगभग दोगुने कार्य पूरे किए। LAB Contracts में उसने 20% अधिक कार्य पूरे किए। Harvey ने LAB पर ऑल-पास रेट में 9 प्रतिशत अंक और LAB Contracts पर 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी भी बताई।
एक अलग कंपनी घोषणा में इन सुधारों को Kimi K3 की तुलना में LAB पर 82% और LAB Contracts पर 22% का सापेक्ष सुधार बताया गया है। इसमें Tenet को LAB Contracts में पहले और पूरे LAB में दूसरे स्थान पर रहने वाला मॉडल बताया गया।
इन आंकड़ों को बेंचमार्क दावों के रूप में देखना चाहिए। ये इस बात का प्रमाण नहीं हैं कि Tenet हर बंद मॉडल से सार्वभौमिक रूप से अधिक सटीक है या हर देश के कानून और हर कानूनी मामले में भरोसेमंद होगा। उपलब्ध प्रमाण मुख्य रूप से Harvey की घोषणा और उस पर आधारित रिपोर्टिंग हैं; वास्तविक कानूनी काम में इसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां स्थापित नहीं होती।
Tenet से पहले Harvey की रणनीति मुख्य रूप से ऐप्लिकेशन-केंद्रित थी। कंपनी बाहरी प्रदाताओं के मालिकाना मॉडलों का इस्तेमाल करते हुए प्रॉम्प्ट, वर्कफ़्लो और मॉडल-रूटिंग को अपने हिसाब से ढालती थी। इस तरीके से कंपनी को खुद पूरा मॉडल स्टैक बनाने और चलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
Tenet मॉडल को Harvey के टेक्नोलॉजी स्टैक में एक अलग जगह देता है:
यह फर्क केवल तकनीकी नहीं है। मॉडल वेट्स तक पहुंच होने से Harvey अपने डेटा, मूल्यांकन और उत्पाद वर्कफ़्लो के आधार पर मॉडल को बार-बार बेहतर ढंग से ट्यून कर सकता है। साथ ही, हर अनुरोध के लिए बंद API प्रदाता को भुगतान करने के बजाय कंपनी सर्विंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिमाइज़ेशन पर खुद फैसले ले सकती है।
पोस्ट-ट्रेनिंग उस अतिरिक्त प्रशिक्षण को कहते हैं जो मॉडल के व्यापक शुरुआती प्रशिक्षण के बाद किया जाता है। इसमें सामान्य भाषा क्षमता शुरू से सिखाने के बजाय चुने हुए उदाहरणों, विशेषज्ञ प्रतिक्रिया, सिंथेटिक कार्यों और परिणाम-आधारित मूल्यांकन के जरिए किसी खास कौशल या व्यवहार को सुधारा जाता है।
Tenet के मामले में लक्ष्य लंबे समय तक चलने वाले एजेंटिक कानूनी कार्यों में तर्क क्षमता बढ़ाना था। Harvey के अनुसार, प्रशिक्षण में सिंथेटिक डेटा, सार्वजनिक कानूनी डेटा और मानव विशेषज्ञों से मिले डेटा का मिश्रण इस्तेमाल हुआ, फिर अलग रखे गए कार्यों पर परिणाम मापे गए।
वर्टिकल AI कंपनी के लिए यह तरीका नया फ्रंटियर मॉडल बनाने की तुलना में अधिक व्यावहारिक हो सकता है। बेस मॉडल सामान्य भाषा और तर्क की क्षमता देता है, जबकि पोस्ट-ट्रेनिंग का अतिरिक्त प्रयास उन्हीं उद्योग-विशेष कार्यों पर केंद्रित किया जाता है जिनका ग्राहक वास्तव में इस्तेमाल करते हैं।
ओपन-वेट मॉडल में उसके प्रशिक्षित संख्यात्मक पैरामीटर उपलब्ध होते हैं, जिन्हें कोई संगठन अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर चला और संशोधित कर सकता है। इसके विपरीत, बंद मॉडल आम तौर पर प्रदाता के नियंत्रण वाले API के जरिए ही इस्तेमाल किए जाते हैं। Kimi K3 के जारी किए गए वेट्स ने Harvey को उसे कानूनी काम के लिए सीधे अनुकूलित करने का आधार दिया।
इससे अधिक लक्षित सटीकता हासिल करने की गुंजाइश बनती है। कंपनी अपने उद्योग या ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों, कार्य-क्रमों और गुणवत्ता मानकों पर मॉडल को लगातार प्रशिक्षित और परख सकती है। हालांकि, ओपन-वेट मॉडल अपने-आप बंद मॉडल से बेहतर नहीं हो जाता; उसका लाभ यह है कि कंपनी को किसी सीमित API के बजाय अपने उत्पादन उपयोग के अनुसार अनुकूलन की अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
ओपन वेट्स अनुमान यानी inference की अर्थव्यवस्था भी बदल सकते हैं। कंपनी अपने हार्डवेयर, सर्विंग सॉफ्टवेयर और ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीकों का चुनाव कर सकती है, बजाय इसके कि हर टोकन के लिए बंद मॉडल प्रदाता की कीमत चुकाए। इसका अर्थ यह नहीं कि मॉडल चलाना मुफ्त है—कंप्यूट, हार्डवेयर, इंजीनियरिंग, सुरक्षा और रखरखाव की लागत बनी रहती है।
जो कानूनी एजेंट बड़ी फाइलों पर काम करते हैं या लंबे समय तक कई चरणों में चलते हैं, उनके लिए हर ऑपरेशन की लागत घटाना लगातार या बहु-चरणीय सेवाएं व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराना आसान बना सकता है। सक्षम बेस मॉडल और डोमेन-विशेष पोस्ट-ट्रेनिंग को जोड़ने के पीछे यही कारोबारी तर्क है।
Harvey का कदम वर्टिकल AI में उभरते व्यापक बदलाव का उल्लेखनीय उदाहरण है। ऐप्लिकेशन कंपनियों के लिए जरूरी नहीं कि वे सबसे बड़ा सामान्य-उद्देश्य मॉडल बनाकर ही प्रतिस्पर्धा करें। वे विशेषीकृत डेटा, विशेषज्ञ प्रतिक्रिया, मूल्यांकन, वर्कफ़्लो डिजाइन, डिप्लॉयमेंट और ग्राहक भरोसे के जरिए भी बढ़त बना सकती हैं।
Kimi K3 का चुनाव इसलिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि कोई पश्चिमी कंपनी चीनी ओपन-वेट मॉडल को तकनीकी आधारभूत ढांचे की तरह इस्तेमाल कर सकती है, भले ही प्रमुख AI लैब व्यापक भू-राजनीतिक और कारोबारी प्रतिस्पर्धा में आमने-सामने हों। इसका आकर्षण यह नहीं है कि चीनी मॉडल हर मामले में बेहतर हैं। बात यह है कि किसी केंद्रित एंटरप्राइज उत्पाद के लिए ओपन उपलब्धता, कस्टमाइज़ेशन और संभावित रूप से कम सर्विंग लागत सामान्य बेंचमार्क में मॉडल की स्थिति से अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि सावधानी जरूरी है। ओपन वेट्स नियंत्रण तो देते हैं, लेकिन सभी लागतों और जोखिमों को खत्म नहीं करते। कंपनियों को मॉडल चलाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, उसकी जांच के लिए विशेषज्ञता और संवेदनशील कानूनी डेटा के लिए सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी। इसलिए Tenet को बंद मॉडलों की पूर्ण अस्वीकृति के बजाय इस दांव के रूप में देखना बेहतर है कि विशेषीकृत मॉडल का स्वामित्व एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए अब व्यावहारिक और रणनीतिक रूप से मूल्यवान बन रहा है।
कानूनी काम हमेशा सवाल पूछने और जवाब पाने तक सीमित नहीं होता। कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, ड्यू डिलिजेंस, सबूतों का विश्लेषण और मुकदमे से जुड़ी सहायता जैसे कामों में AI को लंबे समय तक संदर्भ बनाए रखना, कई चरणों में निर्णय लेना और बड़ी संख्या में दस्तावेज़ों को खंगालना पड़ सकता है। Tenet को इसी तरह के लंबे-अवधि वाले, एजेंटिक वर्कफ़्लो के लिए तैयार किया गया है।
इसके पीछे कारोबारी वजह भी थी। Harvey पहले Anthropic, OpenAI और Google जैसी कंपनियों के थर्ड-पार्टी फाउंडेशन मॉडलों पर निर्भर होकर अलग-अलग कामों को अलग प्रणालियों तक भेजता था। अपना विशेषीकृत मॉडल होने से वह अपने मुख्य कानूनी कामों पर गुणवत्ता सुधारने और बाहरी मॉडल API पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर सकता है।
Tenet शुरुआत से प्रशिक्षित किया गया कोई नया, सामान्य-उद्देश्य वाला फाउंडेशन मॉडल नहीं है। यह एक मौजूदा ओपन-वेट मॉडल—रिपोर्टों के अनुसार Moonshot AI का Kimi K3—को कानूनी तर्क और कानूनी वर्कफ़्लो के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण देकर बनाया गया विशेषीकृत मॉडल है।
रिपोर्ट किए गए प्रशिक्षण में इन चीज़ों का इस्तेमाल हुआ:
वकीलों की भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण है। कानूनी विशेषज्ञता केवल दस्तावेज़ों का संग्रह नहीं होती; इसमें यह परखना भी शामिल है कि किसी व्याख्या, बातचीत की रणनीति या बहु-चरणीय विश्लेषण का तर्क सही है या नहीं। वकीलों द्वारा परिदृश्य तैयार करने और मॉडल के जवाबों का मूल्यांकन करने से Harvey को वास्तविक कानूनी काम के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और जांच डेटा मिला।
Harvey का कहना है कि Tenet प्रमुख कानूनी बेंचमार्क पर “फ्रंटियर-लेवल” प्रदर्शन करता है और संबंधित कामों में अग्रणी सामान्य AI मॉडलों के बराबर है।
कंपनी के तकनीकी अपडेट के अनुसार, Tenet ने बेस Kimi K3 की तुलना में अलग रखे गए Legal Agent Benchmark यानी LAB के लगभग दोगुने कार्य पूरे किए। LAB Contracts में उसने 20% अधिक कार्य पूरे किए। Harvey ने LAB पर ऑल-पास रेट में 9 प्रतिशत अंक और LAB Contracts पर 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी भी बताई।
एक अलग कंपनी घोषणा में इन सुधारों को Kimi K3 की तुलना में LAB पर 82% और LAB Contracts पर 22% का सापेक्ष सुधार बताया गया है। इसमें Tenet को LAB Contracts में पहले और पूरे LAB में दूसरे स्थान पर रहने वाला मॉडल बताया गया।
इन आंकड़ों को बेंचमार्क दावों के रूप में देखना चाहिए। ये इस बात का प्रमाण नहीं हैं कि Tenet हर बंद मॉडल से सार्वभौमिक रूप से अधिक सटीक है या हर देश के कानून और हर कानूनी मामले में भरोसेमंद होगा। उपलब्ध प्रमाण मुख्य रूप से Harvey की घोषणा और उस पर आधारित रिपोर्टिंग हैं; वास्तविक कानूनी काम में इसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां स्थापित नहीं होती।
Tenet से पहले Harvey की रणनीति मुख्य रूप से ऐप्लिकेशन-केंद्रित थी। कंपनी बाहरी प्रदाताओं के मालिकाना मॉडलों का इस्तेमाल करते हुए प्रॉम्प्ट, वर्कफ़्लो और मॉडल-रूटिंग को अपने हिसाब से ढालती थी। इस तरीके से कंपनी को खुद पूरा मॉडल स्टैक बनाने और चलाने की जरूरत नहीं पड़ती।
Tenet मॉडल को Harvey के टेक्नोलॉजी स्टैक में एक अलग जगह देता है:
यह फर्क केवल तकनीकी नहीं है। मॉडल वेट्स तक पहुंच होने से Harvey अपने डेटा, मूल्यांकन और उत्पाद वर्कफ़्लो के आधार पर मॉडल को बार-बार बेहतर ढंग से ट्यून कर सकता है। साथ ही, हर अनुरोध के लिए बंद API प्रदाता को भुगतान करने के बजाय कंपनी सर्विंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिमाइज़ेशन पर खुद फैसले ले सकती है।
पोस्ट-ट्रेनिंग उस अतिरिक्त प्रशिक्षण को कहते हैं जो मॉडल के व्यापक शुरुआती प्रशिक्षण के बाद किया जाता है। इसमें सामान्य भाषा क्षमता शुरू से सिखाने के बजाय चुने हुए उदाहरणों, विशेषज्ञ प्रतिक्रिया, सिंथेटिक कार्यों और परिणाम-आधारित मूल्यांकन के जरिए किसी खास कौशल या व्यवहार को सुधारा जाता है।
Tenet के मामले में लक्ष्य लंबे समय तक चलने वाले एजेंटिक कानूनी कार्यों में तर्क क्षमता बढ़ाना था। Harvey के अनुसार, प्रशिक्षण में सिंथेटिक डेटा, सार्वजनिक कानूनी डेटा और मानव विशेषज्ञों से मिले डेटा का मिश्रण इस्तेमाल हुआ, फिर अलग रखे गए कार्यों पर परिणाम मापे गए।
वर्टिकल AI कंपनी के लिए यह तरीका नया फ्रंटियर मॉडल बनाने की तुलना में अधिक व्यावहारिक हो सकता है। बेस मॉडल सामान्य भाषा और तर्क की क्षमता देता है, जबकि पोस्ट-ट्रेनिंग का अतिरिक्त प्रयास उन्हीं उद्योग-विशेष कार्यों पर केंद्रित किया जाता है जिनका ग्राहक वास्तव में इस्तेमाल करते हैं।
ओपन-वेट मॉडल में उसके प्रशिक्षित संख्यात्मक पैरामीटर उपलब्ध होते हैं, जिन्हें कोई संगठन अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर चला और संशोधित कर सकता है। इसके विपरीत, बंद मॉडल आम तौर पर प्रदाता के नियंत्रण वाले API के जरिए ही इस्तेमाल किए जाते हैं। Kimi K3 के जारी किए गए वेट्स ने Harvey को उसे कानूनी काम के लिए सीधे अनुकूलित करने का आधार दिया।
इससे अधिक लक्षित सटीकता हासिल करने की गुंजाइश बनती है। कंपनी अपने उद्योग या ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों, कार्य-क्रमों और गुणवत्ता मानकों पर मॉडल को लगातार प्रशिक्षित और परख सकती है। हालांकि, ओपन-वेट मॉडल अपने-आप बंद मॉडल से बेहतर नहीं हो जाता; उसका लाभ यह है कि कंपनी को किसी सीमित API के बजाय अपने उत्पादन उपयोग के अनुसार अनुकूलन की अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
ओपन वेट्स अनुमान यानी inference की अर्थव्यवस्था भी बदल सकते हैं। कंपनी अपने हार्डवेयर, सर्विंग सॉफ्टवेयर और ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीकों का चुनाव कर सकती है, बजाय इसके कि हर टोकन के लिए बंद मॉडल प्रदाता की कीमत चुकाए। इसका अर्थ यह नहीं कि मॉडल चलाना मुफ्त है—कंप्यूट, हार्डवेयर, इंजीनियरिंग, सुरक्षा और रखरखाव की लागत बनी रहती है।
जो कानूनी एजेंट बड़ी फाइलों पर काम करते हैं या लंबे समय तक कई चरणों में चलते हैं, उनके लिए हर ऑपरेशन की लागत घटाना लगातार या बहु-चरणीय सेवाएं व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराना आसान बना सकता है। सक्षम बेस मॉडल और डोमेन-विशेष पोस्ट-ट्रेनिंग को जोड़ने के पीछे यही कारोबारी तर्क है।
Harvey का कदम वर्टिकल AI में उभरते व्यापक बदलाव का उल्लेखनीय उदाहरण है। ऐप्लिकेशन कंपनियों के लिए जरूरी नहीं कि वे सबसे बड़ा सामान्य-उद्देश्य मॉडल बनाकर ही प्रतिस्पर्धा करें। वे विशेषीकृत डेटा, विशेषज्ञ प्रतिक्रिया, मूल्यांकन, वर्कफ़्लो डिजाइन, डिप्लॉयमेंट और ग्राहक भरोसे के जरिए भी बढ़त बना सकती हैं।
Kimi K3 का चुनाव इसलिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि कोई पश्चिमी कंपनी चीनी ओपन-वेट मॉडल को तकनीकी आधारभूत ढांचे की तरह इस्तेमाल कर सकती है, भले ही प्रमुख AI लैब व्यापक भू-राजनीतिक और कारोबारी प्रतिस्पर्धा में आमने-सामने हों। इसका आकर्षण यह नहीं है कि चीनी मॉडल हर मामले में बेहतर हैं। बात यह है कि किसी केंद्रित एंटरप्राइज उत्पाद के लिए ओपन उपलब्धता, कस्टमाइज़ेशन और संभावित रूप से कम सर्विंग लागत सामान्य बेंचमार्क में मॉडल की स्थिति से अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि सावधानी जरूरी है। ओपन वेट्स नियंत्रण तो देते हैं, लेकिन सभी लागतों और जोखिमों को खत्म नहीं करते। कंपनियों को मॉडल चलाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, उसकी जांच के लिए विशेषज्ञता और संवेदनशील कानूनी डेटा के लिए सुरक्षा उपायों की जरूरत होगी। इसलिए Tenet को बंद मॉडलों की पूर्ण अस्वीकृति के बजाय इस दांव के रूप में देखना बेहतर है कि विशेषीकृत मॉडल का स्वामित्व एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए अब व्यावहारिक और रणनीतिक रूप से मूल्यवान बन रहा है।