Meta ने पहले 28 जुलाई को अलग से माफी मांगी थी (इसे 'तकनीकी खामी' बताते हुए) और 26 अगस्त को वैश्विक मामलों के प्रमुख Joel Kaplan के ज़रिए फिर माफी मांगी, लेकिन समिति ने इसे नाकाफी बताते हुए Zuckerberg से व्यक्तिगत माफी की मांग की ।
यह विवाद आपस में जुड़े कई मुद्दों पर उभरा:
PM मोदी का वीडियो हटाया जाना (23 जुलाई, 2026): फेसबुक ने करीब छह घंटे के लिए PM मोदी का एक वीडियो हटा दिया, जिसमें वे NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों को परीक्षा सुधारों पर संबोधित कर रहे थे। Meta ने इसे 'तकनीकी त्रुटि' बताया, लेकिन सरकार और संसदीय समिति ने इसे खारिज कर दिया ।
इंस्टाग्राम पर CSAM: सरकार ने Meta पर इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) के प्रसार और इसे सक्रिय रूप से न पकड़ने को लेकर सवाल उठाए। Zuckerberg की माफी में CSAM की विफलताओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था ।
डीपफेक डिटेक्शन में नाकामी: Meta ने अपने प्लेटफॉर्म पर AI-जनित डीपफेक सामग्री को पकड़ने और हटाने में कमियां स्वीकार कीं, जिसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया ।
एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह: संसदीय समिति और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta पर आरोप लगाया कि उसके एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह है, जिसके कारण PM का पोस्ट हटाया गया। सरकार ने Meta की वैश्विक टीम को विशेष रूप से एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह और इसके सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रभाव पर जवाब देने के लिए बुलाया ।
सेफ हार्बर को चुनौती: भारत ने तर्क दिया कि Meta का एल्गोरिदमिक कंटेंट चयन और पेड बूस्टिंग इसे एक निष्क्रिय मध्यस्थ के बजाय प्रकाशक (पब्लिशर) बनाता है, इसलिए उसे धारा 79 के तहत सेफ हार्बर नहीं मिलना चाहिए। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर 3 दिन में माफी नहीं आई, तो Meta की कानूनी सुरक्षा वापस ले ली जाएगी ।
26 अगस्त, 2026 के अंत तक - यानी अल्टीमेटम जारी होने के उसी दिन - Mark Zuckerberg ने भारत सरकार को माफी भेज दी, जिसमें PM मोदी के वीडियो हटाने, CSAM के प्रसार, डीपफेक विफलताओं और प्लेटफॉर्म त्रुटियों को शामिल किया गया। इस तरह उन्होंने तीन दिन की समय सीमा का पालन किया ।