पहला अभियान 4 मार्च 2019 से 7 दिसंबर 2025 के बीच निर्मित चीन में बने Model 3 और Model Y वाहनों पर लागू है। Tesla इन कारों में ओवर-द-एयर यानी OTA सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए सुधार करेगी। यह बदलाव Level 2 असिस्टेड-ड्राइविंग फीचर इस्तेमाल होने के दौरान लागू होगा।
अभी सिस्टम यह देखने के लिए स्टीयरिंग-व्हील टॉर्क यानी पहिए पर प्रतिरोध की जांच करता है कि ड्राइवर का नियंत्रण बना हुआ है या नहीं। नए अपडेट में इसके साथ केबिन कैमरा ड्राइवर की आंखों की दिशा भी ट्रैक करेगा।
नियामकों की मुख्य आपत्ति यह है कि स्टीयरिंग पर प्रतिरोध महसूस होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि ड्राइवर सड़क पर ध्यान दे रहा है या जरूरत पड़ने पर तुरंत नियंत्रण संभाल सकता है। हाथ, कोई वजन या दूसरी वस्तु भी स्टीयरिंग पर प्रतिरोध पैदा कर सकती है। इसलिए केवल टॉर्क जांच को ड्राइवर की सतर्कता और दुर्घटना के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं माना गया।
यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि Level 2 ड्राइविंग असिस्टेंस में वाहन कुछ कामों में मदद करता है, लेकिन सड़क पर लगातार निगरानी रखने की जिम्मेदारी इंसानी ड्राइवर की ही रहती है।
दूसरा अभियान 29,75,910 वाहनों को कवर करता है। इसमें चीन में निर्मित और आयातित Model 3, Model Y, Model S और Model X शामिल हैं। यह अभियान 25 सितंबर से प्रभावी होगा।
मामला दरवाज़े के अंदर मौजूद मैकेनिकल इमरजेंसी रिलीज़ का है। यह वह मैनुअल बैकअप है जिसका इस्तेमाल सामान्य इलेक्ट्रिक बटन या नियंत्रण काम न करने पर दरवाज़ा खोलने के लिए किया जाता है। भीषण दुर्घटना या इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने की स्थिति में यात्रियों या बचावकर्मियों को यह रिलीज़ ढूंढने और संचालित करने में परेशानी हो सकती है। इससे कार से बाहर निकलने या किसी को बाहर निकालने में देरी का जोखिम बढ़ सकता है।
Tesla के सुधार में चेतावनी वाले लेबल लगाने और ऐसा OTA अपडेट देने की योजना शामिल है, जो टक्कर के बाद खिड़कियां नीचे करने के लिए तैयार किया गया है। इसलिए यह अभियान केवल Tesla के बाहर से दिखने वाले फ्लश डोर हैंडल से जुड़ा मामला नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें स्थानीय रूप से निर्मित और आयातित दोनों तरह के वाहन शामिल हैं, जिनमें Model Y भी है।
जून में आई रिपोर्टों में कहा गया था कि चीन में कुछ Tesla ड्राइवरों ने केबिन-कैमरा आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग को चकमा देने के लिए रियर-व्यू मिरर के पास छोटे प्लास्टिक सिर या सेलिब्रिटी फिगर रखे। इनमें Dwayne Johnson यानी ‘द रॉक’ जैसे दिखने वाले खिलौने भी शामिल बताए गए।
इन रिपोर्टों से कैमरा-आधारित सिस्टम की एक संभावित कमजोरी सामने आती है: यदि पहचान के नियम बहुत आसानी से धोखा खा जाएं, तो कैमरा किसी दृश्य वस्तु को सतर्क ड्राइवर का संकेत समझ सकता है।
हालांकि, उपलब्ध रिकॉल दस्तावेज़ यह साबित नहीं करते कि इन खिलौनों या कथित वर्कअराउंड को SAMR के फैसले का औपचारिक कारण बनाया गया था। नियामक द्वारा दर्ज समाधान मौजूदा टॉर्क-आधारित जांच के साथ आई-ट्रैकिंग जोड़ना है—इन फिगरिन्स को फैसले के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करना नहीं।
यह एक ही खराबी से जुड़ा एकल रिकॉल नहीं, बल्कि दो अलग सुरक्षा अभियान हैं:
दोनों आंकड़ों को सीधे जोड़ने पर करीब 57.2 लाख वाहन-इंस्टेंस बनते हैं। लेकिन Model 3 और Model Y के कुछ वाहन दोनों अभियानों में हो सकते हैं, इसलिए इसे चीन में मौजूद अलग-अलग Tesla कारों की सटीक संख्या नहीं समझना चाहिए। इस सावधानी के बावजूद, उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार यह चीन में Tesla का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त रिकॉल अभियान है।
दोनों रिकॉल वाहन सुरक्षा के अलग-अलग चरणों को संबोधित करते हैं। ड्राइवर-मॉनिटरिंग अपडेट का उद्देश्य असिस्टेड ड्राइविंग के दौरान यह बेहतर ढंग से जांचना है कि ड्राइवर सड़क पर ध्यान दे रहा है। डोर-रिलीज़ अभियान दुर्घटना या बिजली बंद होने के बाद यात्रियों और बचावकर्मियों के लिए एक जरूरी प्रक्रिया को आसानी से पहचानने योग्य बनाने पर केंद्रित है।
इसलिए ये बदलाव केवल सामान्य या कॉस्मेटिक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हैं। एक अपडेट यह बदलता है कि वाहन ड्राइवर की सतर्कता कैसे जांचता है; दूसरा इमरजेंसी रिलीज़ की पहचान आसान बनाता है और टक्कर के बाद खिड़कियां नीचे करने जैसी सॉफ्टवेयर-आधारित कार्रवाई जोड़ता है। किसी खास Tesla वाहन पर कौन-सा सुधार लागू होगा, यह उसके रिकॉल अभियान में शामिल होने पर निर्भर करेगा।
पहला अभियान 4 मार्च 2019 से 7 दिसंबर 2025 के बीच निर्मित चीन में बने Model 3 और Model Y वाहनों पर लागू है। Tesla इन कारों में ओवर-द-एयर यानी OTA सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए सुधार करेगी। यह बदलाव Level 2 असिस्टेड-ड्राइविंग फीचर इस्तेमाल होने के दौरान लागू होगा।
अभी सिस्टम यह देखने के लिए स्टीयरिंग-व्हील टॉर्क यानी पहिए पर प्रतिरोध की जांच करता है कि ड्राइवर का नियंत्रण बना हुआ है या नहीं। नए अपडेट में इसके साथ केबिन कैमरा ड्राइवर की आंखों की दिशा भी ट्रैक करेगा।
नियामकों की मुख्य आपत्ति यह है कि स्टीयरिंग पर प्रतिरोध महसूस होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि ड्राइवर सड़क पर ध्यान दे रहा है या जरूरत पड़ने पर तुरंत नियंत्रण संभाल सकता है। हाथ, कोई वजन या दूसरी वस्तु भी स्टीयरिंग पर प्रतिरोध पैदा कर सकती है। इसलिए केवल टॉर्क जांच को ड्राइवर की सतर्कता और दुर्घटना के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं माना गया।
यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि Level 2 ड्राइविंग असिस्टेंस में वाहन कुछ कामों में मदद करता है, लेकिन सड़क पर लगातार निगरानी रखने की जिम्मेदारी इंसानी ड्राइवर की ही रहती है।
दूसरा अभियान 29,75,910 वाहनों को कवर करता है। इसमें चीन में निर्मित और आयातित Model 3, Model Y, Model S और Model X शामिल हैं। यह अभियान 25 सितंबर से प्रभावी होगा।
मामला दरवाज़े के अंदर मौजूद मैकेनिकल इमरजेंसी रिलीज़ का है। यह वह मैनुअल बैकअप है जिसका इस्तेमाल सामान्य इलेक्ट्रिक बटन या नियंत्रण काम न करने पर दरवाज़ा खोलने के लिए किया जाता है। भीषण दुर्घटना या इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने की स्थिति में यात्रियों या बचावकर्मियों को यह रिलीज़ ढूंढने और संचालित करने में परेशानी हो सकती है। इससे कार से बाहर निकलने या किसी को बाहर निकालने में देरी का जोखिम बढ़ सकता है।
Tesla के सुधार में चेतावनी वाले लेबल लगाने और ऐसा OTA अपडेट देने की योजना शामिल है, जो टक्कर के बाद खिड़कियां नीचे करने के लिए तैयार किया गया है। इसलिए यह अभियान केवल Tesla के बाहर से दिखने वाले फ्लश डोर हैंडल से जुड़ा मामला नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें स्थानीय रूप से निर्मित और आयातित दोनों तरह के वाहन शामिल हैं, जिनमें Model Y भी है।
जून में आई रिपोर्टों में कहा गया था कि चीन में कुछ Tesla ड्राइवरों ने केबिन-कैमरा आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग को चकमा देने के लिए रियर-व्यू मिरर के पास छोटे प्लास्टिक सिर या सेलिब्रिटी फिगर रखे। इनमें Dwayne Johnson यानी ‘द रॉक’ जैसे दिखने वाले खिलौने भी शामिल बताए गए।
इन रिपोर्टों से कैमरा-आधारित सिस्टम की एक संभावित कमजोरी सामने आती है: यदि पहचान के नियम बहुत आसानी से धोखा खा जाएं, तो कैमरा किसी दृश्य वस्तु को सतर्क ड्राइवर का संकेत समझ सकता है।
हालांकि, उपलब्ध रिकॉल दस्तावेज़ यह साबित नहीं करते कि इन खिलौनों या कथित वर्कअराउंड को SAMR के फैसले का औपचारिक कारण बनाया गया था। नियामक द्वारा दर्ज समाधान मौजूदा टॉर्क-आधारित जांच के साथ आई-ट्रैकिंग जोड़ना है—इन फिगरिन्स को फैसले के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करना नहीं।
यह एक ही खराबी से जुड़ा एकल रिकॉल नहीं, बल्कि दो अलग सुरक्षा अभियान हैं:
दोनों आंकड़ों को सीधे जोड़ने पर करीब 57.2 लाख वाहन-इंस्टेंस बनते हैं। लेकिन Model 3 और Model Y के कुछ वाहन दोनों अभियानों में हो सकते हैं, इसलिए इसे चीन में मौजूद अलग-अलग Tesla कारों की सटीक संख्या नहीं समझना चाहिए। इस सावधानी के बावजूद, उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार यह चीन में Tesla का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त रिकॉल अभियान है।
दोनों रिकॉल वाहन सुरक्षा के अलग-अलग चरणों को संबोधित करते हैं। ड्राइवर-मॉनिटरिंग अपडेट का उद्देश्य असिस्टेड ड्राइविंग के दौरान यह बेहतर ढंग से जांचना है कि ड्राइवर सड़क पर ध्यान दे रहा है। डोर-रिलीज़ अभियान दुर्घटना या बिजली बंद होने के बाद यात्रियों और बचावकर्मियों के लिए एक जरूरी प्रक्रिया को आसानी से पहचानने योग्य बनाने पर केंद्रित है।
इसलिए ये बदलाव केवल सामान्य या कॉस्मेटिक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हैं। एक अपडेट यह बदलता है कि वाहन ड्राइवर की सतर्कता कैसे जांचता है; दूसरा इमरजेंसी रिलीज़ की पहचान आसान बनाता है और टक्कर के बाद खिड़कियां नीचे करने जैसी सॉफ्टवेयर-आधारित कार्रवाई जोड़ता है। किसी खास Tesla वाहन पर कौन-सा सुधार लागू होगा, यह उसके रिकॉल अभियान में शामिल होने पर निर्भर करेगा।