जियांग झुओअर का $77,226 पर अपनी पूरी बिटकॉइन होल्डिंग बेचने का फैसला दीर्घकालिक रूप से BTC को खारिज करने का संकेत नहीं, बल्कि एक तात्कालिक मैक्रो-रिस्क ट्रेड था। BTC.TOP के संस्थापक ने कहा कि अपेक्षा से मजबूत अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के बाद उन्होंने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना 70% आंकी। उन्हें यह भी आशंका थी कि अगले दिन आने वाला कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आंकड़ा अनुकूल नहीं होगा; इसलिए उन्होंने BTC बेचकर शॉर्ट पोजीशन लेने की तैयारी की।
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ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बात यह है कि 70% का आंकड़ा जियांग का निजी आकलन था, फेड का आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं। उनका तर्क था कि महंगाई अगर जिद्दी बनी रहती है, तो सख्त मौद्रिक नीति जोखिम वाली परिसंपत्तियों—जिसमें बिटकॉइन भी शामिल है—पर दबाव डाल सकती है।
11 सितंबर का ट्रिगर: PPI, CPI और फेड का जोखिम
जियांग की पोजीशनिंग एक स्पष्ट इवेंट-रिस्क रणनीति पर आधारित थी:
- मजबूत PPI ने उनकी चिंता बढ़ाई कि महंगाई अपेक्षा के मुताबिक तेजी से ठंडी नहीं हो रही है।
- उन्होंने फेड की दर बढ़ोतरी की संभावना 70% आंकी।
- उन्हें उम्मीद थी कि आगामी CPI आंकड़ा इस दबाव को कम करने के बजाय बढ़ाएगा।
- ऐसे माहौल में स्पॉट BTC रखने के बजाय उन्होंने $77,226 पर पूरी होल्डिंग बेच दी और शॉर्ट के लिए तैयार रहने की बात कही।
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सरल शब्दों में, यह बिटकॉइन के दीर्घकालिक मूल्य पर स्थायी नकारात्मक फैसला नहीं था। जियांग PPI, CPI और फेड-नीति के संयोजन को निकट अवधि में गिरावट का संभावित कारण मानकर जोखिम घटा रहे थे।
4 सितंबर के BTC शॉर्ट से यह ट्रेड कैसे अलग था?
एक हफ्ते पहले जियांग बिटकॉइन पर शॉर्ट ट्रेड कर चुके थे, लेकिन तब उनका आधार अलग था।
4 सितंबर को उन्होंने करीब $82,050 पर अपनी पूरी BTC पोजीशन बेचकर BTC परपेचुअल फ्यूचर्स में पूर्ण शॉर्ट लिया था। उस समय उनका फोकस बाजार की संरचना पर था: BTC ETF फ्लो कमजोर हुए और पहली शुद्ध निकासी दर्ज हुई, जबकि बिटकॉइन लगभग $81,500 की रेंज के ऊपरी हिस्से तक चढ़ गया। उनका मानना था कि करीब 13 दिनों का कंसोलिडेशन $83,000–$84,000 के रेजिस्टेंस क्षेत्र को पार करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
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वह ट्रेड लंबे समय तक नहीं चला। जियांग ने बाद में कहा कि उन्होंने लगभग $79,480 पर शॉर्ट कवर किया और ETH की सापेक्ष मजबूती तथा ETF प्रवाह को देखते हुए फिर से पूरी स्पॉट ETH पोजीशन में लौट गए।
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| ट्रेड |
प्रवेश का संदर्भ |
मुख्य तर्क |
आगे क्या हुआ |
| 4 सितंबर |
BTC करीब $82,050 |
कमजोर ETF फ्लो, संभावित फेल्ड ब्रेकआउट और $83,000–$84,000 का रेजिस्टेंस |
लगभग $79,480 पर शॉर्ट कवर किया और स्पॉट ETH में लौटे। 50 52 |
| 11 सितंबर |
BTC $77,226 पर |
अपेक्षा से मजबूत PPI, 70% फेड-हाइक अनुमान और CPI को लेकर चिंता |
पूरी BTC होल्डिंग बेची और शॉर्ट की तैयारी जताई। 5 10 |
इस लिहाज से 4 सितंबर का ट्रेड तकनीकी स्तरों और ETF फ्लो से प्रेरित अल्पकालिक कॉल था। 11 सितंबर की बिक्री ज्यादा साफ तौर पर मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति के जोखिम पर केंद्रित मैक्रो ट्रेड थी।
‘गिरावट पर खरीदो’ वाले नजरिये से टकराव
जियांग की सतर्क रणनीति Blockchain.com के ग्लोबल हेड ऑफ OTC ट्रेडिंग मार्क सिश्का की टिप्पणियों से अलग थी। 10 सितंबर को सिश्का ने कहा कि बिटकॉइन के $80,000 की ओर बढ़ने से ट्रेडरों की सोच ‘रैली पर बेचो’ से ‘गिरावट पर खरीदो’ में बदली है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि दोबारा बने लॉन्ग लीवरेज के कारण निकट अवधि में लिक्विडेशन-आधारित गिरावट BTC को $70,000–$72,000 तक ले जा सकती है।
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दोनों राय एक साथ सही हो सकती हैं, लेकिन उनकी रणनीति अलग है:
- जियांग का नजरिया: मैक्रो इवेंट से पहले स्पॉट एक्सपोजर घटाना और संभावित गिरावट पर शॉर्ट लेना।
- सिश्का का नजरिया: तेज अल्पकालिक गिरावट की संभावना स्वीकार करना, लेकिन उसे बड़े मंदी ट्रेंड की पुष्टि के बजाय खरीद या संचय का अवसर मानना।
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सितंबर की शुरुआत में ऑप्शंस बाजार में कॉल ऑप्शंस, पुट ऑप्शंस की तुलना में महंगे थे। यह ऊपर की चाल से लाभ की मांग अपेक्षाकृत अधिक होने का संकेत था—रैली की गारंटी नहीं, लेकिन यह बताता है कि जोखिम के बावजूद बाजार का एक हिस्सा सकारात्मक बना हुआ था।
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$70,000–$72,000 का स्तर: एक ही दायरा, दो अलग मतलब
इसी मूल्य दायरे को दोनों पक्ष अलग नजर से देख रहे थे।
4 सितंबर की बिक्री के बाद जियांग ने $70,000–$72,000 को देखने योग्य क्षेत्र बताया था, क्योंकि उनके अनुसार रेजिस्टेंस टिकने पर BTC नीचे जा सकता था।
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61 वहीं, सिश्का ने इसी क्षेत्र तक संभावित गिरावट को लीवरेज की सफाई के बाद खरीदारों के लिए प्रवेश अवसर के रूप में देखा।
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यानी असली मतभेद इस बात पर नहीं था कि बिटकॉइन तेज गिर सकता है या नहीं। मतभेद इस बात पर था कि ऐसी गिरावट में शॉर्ट को आगे बढ़ाया जाए या खरीदारी की जाए।
2026 में जियांग के बदलते अनुमान के संदर्भ में यह कदम
2026 के दौरान जियांग का दृष्टिकोण काफी शर्तों पर आधारित और बदलता हुआ रहा है।
जून के अंत में उन्होंने साइकिल विश्लेषण और Strategy के मार्केट नेट एसेट वैल्यू (mNAV) को आधार बनाते हुए अनुमान लगाया था कि 2026 की चौथी तिमाही में बिटकॉइन $42,000–$44,000 के बीच निचला स्तर बना सकता है।
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लेकिन अगस्त के अंत तक उनका रुख काफी बदल चुका था। BTC के करीब $79,500 पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें लगभग 90% भरोसा है कि क्रिप्टो बेयर मार्केट खत्म हो चुका है और ETH, BTC से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। BTC के $67,000–$72,000 तक लौटने पर वे ETH में और पूंजी लगाने की योजना बना रहे थे।
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इसलिए 11 सितंबर की BTC बिक्री को जून वाले $42,000–$44,000 के लक्ष्य पर पूरी तरह लौटना नहीं माना जा सकता। यह बदलते मैक्रो माहौल पर निकट अवधि की प्रतिक्रिया ज्यादा दिखती है। उनका रिकॉर्ड बताता है कि ETF फ्लो, तकनीकी स्तर, महंगाई के आंकड़े और ETH की सापेक्ष ताकत बदलने पर वे अपनी एक्सपोजर रणनीति भी बदलते रहे हैं।
निष्कर्ष
जियांग झुओअर ने $77,226 पर अपनी पूरी बिटकॉइन होल्डिंग इसलिए बेची क्योंकि उन्हें लगा कि मजबूत PPI ने फेड की ब्याज-दर बढ़ोतरी की संभावना काफी बढ़ा दी है और अगला CPI आंकड़ा उस जोखिम को और मजबूत कर सकता है। उनका 70% अनुमान व्यक्तिगत आकलन था, और यह फैसला निकट अवधि की संभावित गिरावट से बचने—या उससे लाभ लेने—की रणनीति थी।
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यह 4 सितंबर के उनके शॉर्ट से अलग था, जो ETF फ्लो की कमजोरी और $83,000–$84,000 के रेजिस्टेंस पर केंद्रित था। दूसरी ओर, सिश्का का रुख अधिक रचनात्मक रहा: $70,000–$72,000 तक गिरावट संभव है, लेकिन खरीदारों के लिए वह अवसर भी बन सकती है, न कि अनिवार्य रूप से लंबी मंदी की शुरुआत।
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