नाटो महासचिव मार्क रुटे ने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन की सहायता का वित्तीय बोझ अभी समान रूप से बंटा नहीं है। उनके मुताबिक सिर्फ छह या सात यूरोपीय देश ही PURL के तहत अमेरिकी हथियारों की खरीद का अधिकांश खर्च उठा रहे हैं।
रुटे ने सुझाव दिया कि भविष्य में नाटो सदस्य देश अपने GDP का लगभग 0.25% यूक्रेन समर्थन के लिए समर्पित करने पर विचार कर सकते हैं, ताकि सहायता अधिक स्थायी बन सके।
Prioritized Ukraine Requirements List (PURL) नाटो द्वारा समन्वित एक खरीद व्यवस्था है जिसका उद्देश्य यूक्रेन तक हथियारों की आपूर्ति तेज करना है। यह मॉडल तीन मुख्य चरणों में चलता है:
इस व्यवस्था से यूक्रेन उन उन्नत हथियार प्रणालियों तक पहुंच बना पाता है जो मुख्य रूप से अमेरिका में बनती हैं, जबकि उनकी लागत कई सहयोगी देशों के बीच बाँट दी जाती है।
नाटो अधिकारियों के अनुसार PURL शुरू होने के बाद से यह कार्यक्रम यूक्रेन की एयर‑डिफेंस क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। उदाहरण के लिए:
इन पैकेजों में विभिन्न एयर‑डिफेंस उपकरण, मिसाइलें और अन्य सैन्य सामग्री शामिल रही हैं।
हेलसिंगबोर्ग बैठक के बाद यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्रिय सिबीहा ने कहा कि PURL ढांचे के भीतर एक अतिरिक्त वित्तीय स्रोत भी सक्रिय किया गया है, जिससे भविष्य की हथियार खरीद के लिए और पैसा उपलब्ध होगा।
हालांकि सार्वजनिक घोषणाओं में इस नए स्रोत का नाम या उसकी संरचना स्पष्ट नहीं की गई, इसलिए उसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बैठक के दौरान एक विवाद भी चर्चा में रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) लगभग $750 मिलियन मूल्य के हथियारों को, जो मूल रूप से यूक्रेन के लिए PURL के तहत खरीदे गए थे, अन्य क्षेत्रों की जरूरतों के लिए मोड़ने पर विचार कर रहा था।
इनमें संभावित रूप से Patriot या THAAD जैसे एयर‑डिफेंस सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हो सकती थीं, क्योंकि अन्य सैन्य अभियानों के कारण अमेरिकी भंडार पर दबाव बढ़ गया था।
चूंकि इन हथियारों की फंडिंग यूरोपीय सहयोगियों ने खास तौर पर यूक्रेन के लिए की थी, इसलिए इस संभावना ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या सहयोगी देशों का पैसा किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि नाटो नेतृत्व ने कहा कि PURL के तहत महत्वपूर्ण अमेरिकी उपकरणों की आपूर्ति यूक्रेन तक जारी रहेगी।
हेलसिंगबोर्ग की बैठक मुख्य रूप से जुलाई में तुर्की की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा थी।
बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें शामिल थे:
PURL कार्यक्रम इन चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। यह नाटो की नई रणनीति को दिखाता है—जहां सहयोगी देश मिलकर फंड जुटाते हैं और अमेरिकी रक्षा उद्योग की क्षमता का उपयोग कर यूक्रेन को महत्वपूर्ण हथियार उपलब्ध कराते हैं।
अंकारा शिखर सम्मेलन से पहले नाटो के सामने अब मुख्य सवाल यही है: यूक्रेन के लिए समर्थन को कैसे स्थिर, भरोसेमंद और सभी सदस्य देशों के बीच संतुलित बनाया जाए।