इस संयंत्र की एक बड़ी खासियत यह है कि यह हाइड्रोजन-रेडी है । इसका मतलब है कि भविष्य में जब ग्रीन हाइड्रोजन की सप्लाई चेन तैयार हो जाएगी, तो इसके टर्बाइनों को मामूली बदलावों के साथ 30% तक हाइड्रोजन मिश्रण पर चलाया जा सकता है
। इससे यह कम कार्बन वाली बिजली पैदा करने में सक्षम हो जाएगा
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यह प्रोजेक्ट CGN के लिए एक मील का पत्थर है क्योंकि यह दक्षिण कोरिया में उसकी अपनी सहायक कंपनी, CGN कोरिया होल्डिंग्स के स्वतंत्र प्रबंधन में बनाया गया पहला बड़ा गैस-आधारित पावर प्लांट है । CGN ने इसे एक 'ग्रीनफील्ड' प्रोजेक्ट (यानी पूरी तरह से नई जगह पर बनाया) के रूप में विकसित किया
। इसके निर्माण में 100 से अधिक दक्षिण कोरियाई कंपनियों ने भाग लिया, और निर्माण कार्य उद्योग के मानकों की तुलना में लगभग 15% अधिक कुशल रहा
। इस प्रोजेक्ट को दक्षिण कोरिया की 10वीं बिजली आपूर्ति और मांग बुनियादी योजना (2022-2036) में शामिल किया गया है
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दक्षिण कोरिया में इन दिनों बिजली की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जिसकी एक बड़ी वजह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बूम है । AI चलाने वाले डेटा सेंटर्स को भारी मात्रा में बिजली की ज़रूरत होती है, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ रहा है
। ऐसे में 'देसन फेज़ II' जैसा नया और भरोसेमंद गैस पावर प्लांट ग्रिड की स्थिरता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है
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'देसन फेज़ II' के चालू होने के बाद, CGN एनर्जी इंटरनेशनल के पास अब दक्षिण कोरिया में कुल पांच बिजली संयंत्र हो गए हैं । इन सभी की संयुक्त स्थापित क्षमता 2.2 गीगावॉट (GW) से अधिक है
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यह संयंत्र जिस 30% हाइड्रोजन मिश्रण का उपयोग कर सकता है, वह दक्षिण कोरिया और दुनिया भर में चल रहे एक बड़े रुझान का हिस्सा है। देसन क्षेत्र में ही कुछ अन्य इकाइयों ने 2023 में 59.5% हाइड्रोजन मिश्रण के साथ सफलतापूर्वक बिजली उत्पादन किया है । इसी तरह, जापान की कंपनी कावासाकी ने 2025 में 30% हाइड्रोजन मिश्रण पर चलने वाला एक वाणिज्यिक इंजन लॉन्च किया था
। इस तकनीक का मकसद हाइड्रोजन सप्लाई चेन तैयार होने के साथ ही बिना किसी बड़े बदलाव के बिजली उत्पादन को कार्बन-मुक्त करना है
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