सबसे बड़ा अंतर यह है कि यह कंपोज़र आपकी अपनी फाइलों और एप्स को प्राथमिकता देता है। पुरानी विंडोज सर्च की तरह यह बिंग के वेब रिज़ल्ट दिखाने के बजाय, पहले आपके कंप्यूटर की लोकल फाइलें, इंस्टॉल्ड एप्लीकेशन और OneDrive या SharePoint के ऑफिस डॉक्यूमेंट सामने लाएगा। वेब के लिंक सबसे बाद में आएंगे ।
यह फीचर सिर्फ सर्च तक सीमित नहीं है। यह माइक्रोसॉफ्ट 365 के AI एजेंटों के लिए एक 'फ्रंट डोर' का काम करता है। ये एजेंट बैकग्राउंड में अपने आप कई कदमों वाले जटिल काम कर सकते हैं ।
आप टास्कबार से ही किसी एजेंट को काम पर लगा सकते हैं और फिर उसकी प्रगति को एक छोटे से स्टेटस बार या बैज के ज़रिए देख सकते हैं। यह टास्कबार को एक साधारण आइकन डॉक से एक मैनेजमेंट डैशबोर्ड में बदल देता है। अब आपको बार-बार ऐप्स के बीच स्विच करने की ज़रूरत नहीं, बस स्क्रीन के नीचे देखिए और जानिए कि काम कहां तक पहुंचा ।
Ask Copilot का आना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह 'K2' (दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे पर्वत के नाम पर) का हिस्सा है। माइक्रोसॉफ्ट के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह 2026 का प्रयास है, जिसका मकसद विंडोज 11 में AI की ज़्यादती को ठीक करना है ।
कंपनी ने पहले ही स्निपिंग टूल और फोटोज़ ऐप से Copilot के बटन हटाना शुरू कर दिया है। नोटपैड में भ्रामक Copilot आइकन की जगह अब साफ शब्दों में 'राइटिंग टूल्स' लिखा जाता है । टास्कबार, पूरे ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला हिस्सा है। K2 की सोच है कि अगर AI यहीं पर एक जगह मौजूद है, तो हर छोटी-मोटी यूटिलिटी में उसे घुसेड़ने की ज़रूरत नहीं। इससे एक सशक्त AI अनुभव भी मिलता है और न चाहने वालों को परेशानी भी नहीं होती
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यह फीचर हर किसी के लिए अपने आप चालू नहीं होगा। माइक्रोसॉफ्ट के आंतरिक दस्तावेज़ों के अनुसार, Ask Copilot को खासतौर पर एंटरप्राइज़ बिजनेस प्रोफेशनल्स (जिन्हें 'फ्रंटियर फर्म्स' कहा गया है) के लिए तैयार किया गया है । आम उपभोक्ता पीसी पर यह डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहेगा
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पहले इसे एंटरप्राइज़ ट्रायल कस्टमर्स को आमंत्रित करके टेस्ट किया जाएगा, और 2026 के मध्य तक सभी एंटरप्राइज़ यूज़र्स के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है, हालांकि कंपनी का कहना है कि "समय और उपलब्धता में बदलाव हो सकता है" । IT एडमिन माइक्रोसॉफ्ट Intune के ज़रिए इसे पूरे संगठन में चालू, प्रतिबंधित या बंद कर सकते हैं
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Ask Copilot के साथ माइक्रोसॉफ्ट एक और दिलचस्प फीचर ला रहा है जो AI की असली ताकत दिखाता है। Click to Do सिर्फ उन कंप्यूटरों पर काम करेगा जिनमें एक खास न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट (NPU) लगी है, जिन्हें 'Copilot+ PCs' कहा जा रहा है ।
क्या होगा अगर आप अपनी स्क्रीन पर किसी इमेज या PDF में बनी किसी टेबल को सीधे एडिट करने लायक एक्सेल शीट में बदल सकें? Click to Do बिल्कुल यही करता है। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया आपकी मशीन पर ही NPU के ज़रिए पूरी होगी। आपका कोई भी डेटा क्लाउड पर नहीं जाएगा। यह एक सोची-समझी इंजीनियरिंग है, जो डेटा सुरक्षा को लेकर सजग एंटरप्राइज़ ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है ।
Ask Copilot का यह नया तरीका बताता है कि माइक्रोसॉफ्ट ने यूज़र्स की आलोचना से क्या सबक सीखे हैं:
जिस ऑपरेटिंग सिस्टम में AI फीचर्स को शुरू से ही संदेह से देखा गया, उसके लिए Ask Copilot एक परिपक्व रणनीति है। शोर कम करो, यूज़र का भरोसा जीतो, और IT विभागों को अपने सिस्टम पर असली नियंत्रण दो।
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