यह फीचर सिर्फ एक सुविधाजनक अपग्रेड नहीं है, बल्कि यह फिनटेक की दुनिया में Apple का एक बड़ा रणनीतिक दांव है। जहां Venmo और Splitwise जैसे ऐप्स के लिए आपको अलग से डाउनलोड करना, अकाउंट बनाना और बैंक विवरण जोड़ना पड़ता है, वहीं Apple का यह टूल आपके आईफोन की वॉलेट और मैसेज ऐप में पहले से ही बना होगा। यह करोड़ों लोगों द्वारा रोज़ाना इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप्स के भीतर घुल-मिल जाने की क्षमता रखता है, जिससे प्रवेश की मुख्य बाधा ही खत्म हो जाती है ।
इसके अलावा, Splitwise जैसे ऐप्स हिसाब-किताब रखने में माहिर हैं, जबकि Venmo असली पैसे का लेन-देन करता है। Apple का यह फीचर इन दोनों चरणों को एक ही प्रवाह में समेट देता है — स्कैन करो, आइटम बांटो और एक ही इंटरफेस से पैसे मांग लो। इससे एक अलग से हिसाब रखने वाले ऐप की ज़रूरत ही खत्म हो सकती है ।
Apple के पास एक और बड़ा तुरुप का पत्ता है: अमेरिका में लगभग हर iPhone यूज़र के पास पहले से Apple Cash उपलब्ध है, जो इसे बिना किसी यूज़र-अधिग्रहण लागत के एक विशाल यूज़र बेस तक तुरंत पहुंचने की ताकत देता है। साथ ही, गोपनीयता पर Apple का जोर (रसीद डेटा को डिवाइस पर ही प्रोसेस करना) उन लोगों के लिए एक बड़ा आकर्षण हो सकता है जो अपनी खरीदारी की संवेदनशील जानकारी किसी तीसरे पक्ष की सेवा को नहीं देना चाहते ।
इस शानदार फीचर की सबसे बड़ी कमज़ोरी इसकी भौगोलिक सीमा है। चूंकि Apple Cash फिलहाल केवल संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में ही उपलब्ध है, इसलिए यह बिल-स्प्लिटिंग टूल भी लॉन्च के समय सिर्फ अमेरिकी यूज़र्स तक ही सीमित रहेगा ।
इसका मतलब यह है कि भारत और बाकी दुनिया के iPhone यूज़र्स के लिए अभी कोई तत्काल बदलाव नहीं आने वाला है। यदि आप भारत में दोस्तों के साथ बिल बांटने के लिए Splitwise या Google Pay जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी आदतों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, अगर Apple भविष्य में Apple Cash का विस्तार करता है, तो यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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