F1 के इतिहास में सिर्फ दो महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप रेस में हिस्सा लिया — दोनों इटली की: मारिया टेरेसा डी फिलिपिस (1958–1959) और लेला लोम्बार्डी (1974–1976) . इस 50वीं वर्षगांठ ने एक बार फिर से यह सवाल उठा दिया है कि आखिर कब कोई महिला ड्राइवर मोटरस्पोर्ट की इस सबसे बड़ी सीरीज़ में वापसी करेगी?
F1 अकादमी — 2023 में शुरू की गई यह पूरी तरह से महिलाओं के लिए एक सिंगल-सीटर चैंपियनशिप है, जिसे F1 का समर्थन प्राप्त है. इसका उद्देश्य युवा महिला ड्राइवर्स को स्ट्रक्चर्ड रास्ता देना है. F1 के CEO स्टेफानो डोमेनिकली ने इसे "बाधाओं को दूर करके नई संभावनाएं दिखाने वाली पहल" बताया है .
मोर दैन इक्वल — यह एक स्वतंत्र पहल है जिसकी सह-स्थापना पूर्व F1 ड्राइवर डेविड कूल्थर्ड और उद्यमी करेल कोमारेक ने की है. इसका फोकस डेटा-आधारित प्रतिभा की पहचान करना और एक ऐसी महिला ड्राइवर तैयार करना है जो F1 तक पहुंच सके. के अनुसार, मोर दैन इक्वल की ड्राइवर डेवलपमेंट हेड लॉरेन फोरो ने AFP को बताया, "हम मानते हैं कि पिछले 50 सालों में महिला ड्राइवर्स के लिए जो रास्ता बना, वह F1 में प्रतिस्पर्धी स्तर पर रेस करने तक सफलतापूर्वक नहीं ले जा पाया" .
सूज़ी वोल्फ (F1 अकादमी की मैनेजिंग डायरेक्टर) — वह लगातार यह तर्क देती रही हैं कि पहले महिला ड्राइवर्स के लिए जो रास्ते बने, वे सफल नहीं थे. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि एक महिला F1 ड्राइवर को आने में 8 से 10 साल और लग सकते हैं .
हॉकिन्स, जो एस्टन मार्टिन की हेड ऑफ F1 अकादमी और ड्राइवर एंबेसडर हैं, सबसे आशावादी हैं. 2023 में उन्होंने हंगरी में एस्टन मार्टिन AMR21 कार चलाकर इसे टेस्ट किया था और वह पिछले पांच सालों में आधुनिक F1 मशीनरी को टेस्ट करने वाली पहली महिला बनी थीं . अगस्त 2026 में उन्होंने कहा कि एक महिला "कुछ सालों" में F1 में रेस करेगी, और इसका श्रेय F1 अकादमी को दिया . उनका यह भी मानना है कि महिलाएं अब "F1 के लिए फिजिकली काफी मजबूत हैं" .
चैडविक, तीन बार की W सीरीज़ चैंपियन और विलियम्स की डेवलपमेंट ड्राइवर, अब यूरोपियन ले मैन्स सीरीज़ में रेस करती हैं . उनका तर्क है कि असली बाधा ग्रासरूट डेवलपमेंट है. टॉप लेवल पर तुरंत बदलाव की उम्मीद करने के बजाय, वह जोर देती हैं कि लड़कियों को कार्टिंग उम्र से ही पहचानना और ट्रेन करना ज़रूरी है . खुद चैडविक के साथ एक F1 टीम की बोली को 2023 में FIA ने खारिज कर दिया था, जिसमें उन्हें 2026 की ग्रिड पर रेस सीट दी जानी थी .
डोड्स सबसे बोल्ड हैं. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि एक महिला ड्राइवर "अगले दो सालों के भीतर" (यानी 2027–2028 तक) फॉर्मूला ई में रेस करेगी . उन्होंने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि उनकी सीरीज़, F1 से पहले किसी महिला को मेन चैंपियनशिप ग्रिड पर ले आएगी. उन्होंने बताया कि फॉर्मूला ई में पहले ही तीन महिला प्रतियोगी रेस कर चुकी हैं — कैथरीन लेग, मिशेला सेरुटी और सिमोना डी सिल्वेस्ट्रो — जो F1 के 76 साल के इतिहास से एक अधिक है . फॉर्मूला ई ने ठोस कदम उठाए हैं, जिसमें सभी 11 टीमों के लिए कम से कम एक महिला ड्राइवर को अपने अभ्यास सत्रों में शामिल करना अनिवार्य करना और 2024 में मैड्रिड में पहला समर्पित महिला टेस्टिंग सेशन आयोजित करना शामिल है .
डोमेनिकली हमेशा से सबसे सतर्क रहे हैं. 2022 में बेल्जियन ग्रैंड प्रिक्स में उन्होंने कहा था, "यथार्थवादी रूप से कहूं तो, जब तक कोई उल्कापिंड न आ जाए, मुझे अगले पांच सालों में F1 में कोई लड़की आती नहीं दिखती. ऐसा होना बहुत असंभावित है" . उन्होंने इसे एक "यथार्थवादी" आकलन बताया है और सिस्टम को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं — F1 अकादमी लॉन्च करना और रास्तों को बेहतर बनाना — लेकिन उनकी सार्वजनिक समयसीमाएं संयमित रही हैं . उन्होंने कहा है कि एक महिला ड्राइवर का F1 तक पहुंचना "अनिवार्य" रूप से समय की बात है, लेकिन उन्होंने कोई नज़दीकी लक्ष्य नहीं दिया है .
| व्यक्ति | अनुमानित समयसीमा | लक्ष्य सीरीज़ |
|---|---|---|
| जेसिका हॉकिन्स | "कुछ साल" (लगभग 2029–2030 तक) | F1 |
| जेमी चैडविक | लंबी अवधि; ग्रासरूट पहले | F1 |
| जेफ डोड्स (फॉर्मूला ई) | "अगले दो सालों में" (2027–2028 तक) | फॉर्मूला ई |
| स्टेफानो डोमेनिकली (F1) | 5 साल से अधिक (जल्द होना "बहुत असंभावित") | F1 |