सबसे बड़ा कारण यह है कि गेम के कई महत्वपूर्ण विज़ुअल फीचर छोटे और कम‑पावर वाले हैंडहेल्ड हार्डवेयर पर भी बनाए रखे गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Switch 2 संस्करण में ray‑traced global illumination जैसे लाइटिंग फीचर को बरकरार रखने की कोशिश की गई है—जो गेम के माहौल और सिनेमैटिक लुक का मुख्य हिस्सा है .
यह आसान काम नहीं था, क्योंकि गेम एक भारी मॉडिफाइड id Tech इंजन पर बना है, जिसे मूल रूप से हाई‑एंड कंसोल और PC के लिए डिज़ाइन किया गया था . इसलिए डेवलपर्स ने गेम को पूरी तरह सरल बनाने की बजाय स्मार्ट ऑप्टिमाइज़ेशन के जरिए इसकी विज़ुअल पहचान को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया।
बेशक Switch 2 संस्करण में कुछ समझौते भी हैं।
Switch 2 पर गेम लगभग:
इमेज क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए गेम DLSS (Deep Learning Super Sampling) का इस्तेमाल करता है, जो कम रेज़ोल्यूशन पर रेंडर की गई इमेज को AI की मदद से उच्च रेज़ोल्यूशन जैसा बनाता है .
व्यवहार में परिणाम काफी अच्छे बताए गए हैं:
कुछ तकनीकी तुलना में DLSS की वजह से Switch 2 का आउटपुट कुछ दृश्यों में Xbox Series S से भी अधिक तेज़ दिख सकता है, भले ही मूल ग्राफिक्स सेटिंग्स थोड़ी कम हों .
Switch 2 संस्करण की एक और दिलचस्प बात इसकी फिजिकल रिलीज़ है।
हाल के कई बड़े Nintendo गेम्स में Game‑Key Cards का इस्तेमाल किया गया है—जहाँ कार्ट्रिज केवल गेम डाउनलोड को अनलॉक करता है। लेकिन Indiana Jones and the Great Circle का फिजिकल संस्करण पूरा गेम डेटा रखने वाले असली गेम कार्ट्रिज पर आता है .
इसका मतलब है कि खिलाड़ी बिना बड़े डाउनलोड के भी गेम खेल सकते हैं, और कलेक्टरों के लिए यह संरक्षण (preservation) के लिहाज़ से भी बेहतर माना जाता है।
कई विश्लेषकों के अनुसार यह पोर्ट Nintendo Switch 2 की असली क्षमता दिखाने वाले शुरुआती उदाहरणों में से एक है।
यह दिखाता है कि नया सिस्टम:
अगर इस तरह के भारी AAA गेम Switch 2 पर सफलतापूर्वक चल सकते हैं, तो भविष्य में और बड़े थर्ड‑पार्टी गेम्स भी Nintendo के हाइब्रिड प्लेटफ़ॉर्म पर आ सकते हैं। इस लिहाज़ से यह सिर्फ एक और पोर्ट नहीं, बल्कि Switch 2 के लिए एक महत्वपूर्ण प्रूफ‑ऑफ‑कॉन्सेप्ट माना जा रहा है।
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