शेवरले की चीन में गिरावट बहुत तेज थी। 2014 में जहां कंपनी ने 7,67,000 वाहन बेचे, वहीं 2025 में बिक्री 9,000 यूनिट से भी कम रह गई - यानी 98.8% की गिरावट । 2026 की पहली छमाही में तो पूरे चीन में सिर्फ 36 शेवरले कारें बिकीं ।
इसका मुख्य कारण BYD जैसी चीनी कंपनियों का तेज उभार था, जिन्होंने सस्ती और बीच की रेंज में शेवरले को पीछे छोड़ दिया । ये चीनी ब्रांड इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें इतनी किफायती कीमतों पर ला रहे थे कि विदेशी कंपनियां उनका मुकाबला नहीं कर पाईं। 2016 में जहां GM की पूरी चीन बिक्री 3.9 मिलियन वाहनों की पीक पर थी, वहीं 2025 में यह घटकर 1.9 मिलियन रह गई - यानी 51% की गिरावट ।
इस फैसले से पहले GM ने चीन में अपने ऑपरेशंस को रीस्ट्रक्चर करना शुरू कर दिया था। 2024 के अंत में कंपनी ने अपने चीन बिजनेस के लिए 4 से 5 बिलियन डॉलर का खास चार्ज बुक किया । फरवरी 2025 में शेनयांग में एक असेंबली प्लांट बंद किया गया, जहां Chevrolet Tracker SUV और Buick GL8 मिनीवैन बनती थी । हज़ारों नौकरियां काटी गईं और कई मॉडल्स बंद किए गए । अगस्त 2026 तक GM ने तय किया कि Chevrolet चीन के घरेलू बाजार में अब टिकाऊ नहीं रह गया है ।
GM चीन में अपनी मैन्युफैक्चरिंग पूरी तरह नहीं छोड़ रही है। इसके बजाय, वह इसका नया इस्तेमाल ढूंढ रही है। SAIC-GM जॉइंट वेंचर, जिसने 1997 से अब तक 2 करोड़ से अधिक वाहन बनाए हैं, चीन में शेवरले का उत्पादन जारी रखेगा लेकिन अब ये सारी कारें अमेरिका के बाहर दूसरे देशों में भेजी जाएंगी ।
यह बदलाव अगस्त 2026 में घोषित एक बड़ी स्ट्रैटेजिक शिफ्ट का हिस्सा है: GM और SAIC ने अपने 50-50 जॉइंट वेंचर को 2047 तक यानी 20 और सालों के लिए बढ़ा दिया । इस नए समझौते के तहत, चीन GM का ग्लोबल इंजीनियरिंग और एक्सपोर्ट हब होगा, जहां से ब्यूक, कैडिलैक और कुछ शेवरले मॉडल्स दूसरे देशों में भेजे जाएंगे । SAIC-GM 2030 तक कम से कम 30 न्यू-एनर्जी व्हीकल (NEV) मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जो चीन के प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर पर डिजाइन किए जाएंगे ।
चीन में बनी शेवरले कारें मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, मैक्सिको और एशिया-पैसिफिक के बाजारों में भेजी जाएंगी । शेवरले ने 2024 में चीन से 17,159 और 2025 में 15,917 वाहनों का निर्यात किया । नई रणनीति के तहत आने वाले समय में निर्यात की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
चीन में पहले से शेवरले चला रहे लाखों लोगों के लिए GM ने कई खास वादे किए हैं :
शेवरले का चीन से बाहर निकलना एक ऐतिहासिक पल है। यह दिखाता है कि चीनी घरेलू कंपनियों ने दुनिया के सबसे बड़े ऑटो बाजार को कितना बदल दिया है। जो विदेशी ब्रांड कभी मेनस्ट्रीम पर राज करते थे, उन्हें अब या तो प्रीमियम सेगमेंट में सिकुड़ना पड़ रहा है, या पूरी तरह बाहर जाना पड़ रहा है, या फिर अपने चीन ऑपरेशंस को एक्सपोर्ट बेस के रूप में बदलना पड़ रहा है।
GM का अपना SAIC जॉइंट वेंचर बनाए रखना और 2030 तक 30 नए इलेक्ट्रिक मॉडल लाने का वादा दिखाता है कि कंपनी अब भी चीन में मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग के लिए गहराई से निवेशित है। ब्यूक डीलरशिप का शेवरले सर्विस संभालना दूसरी कंपनियों के लिए एक मॉडल बन सकता है कि वे बिना मौजूदा ग्राहकों को छोड़े अपने ब्रांड को कैसे बंद करें।
इस बदलाव का पूरा असर तब साफ होगा जब SAIC-GM नए बाजारों में निर्यात बढ़ाएगी और ब्यूक-कैडिलैक चीन में घरेलू और विदेशी प्रतिद्वंदियों के खिलाफ लक्जरी सेगमेंट में मुकाबला करने की कोशिश करेंगी।